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    पीलीभीत बीएसए कार्यालय की लापरवाही:भविष्य की तारीख वाले आदेश पर हस्ताक्षर, 2026 की तारीख वाले पत्र पर किए साइन

    12 hours ago

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    पीलीभीत का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला किसी घोटाले का नहीं, बल्कि एक अजीबोगरीब लिपिकीय चूक और अधिकारियों की लापरवाही से जुड़ा है। विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में साल '2026' की भविष्य की तारीख अंकित की गई है, जिस पर बीएसए ने बिना देखे ही अपने हस्ताक्षर भी कर दिए। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला बरखेड़ा विकास क्षेत्र के दो सहायक अध्यापकों, आदित्य कुमार और कुलदीप कुमार के रुके हुए वेतन को बहाल करने से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों की ड्यूटी निर्वाचन कार्य (बीएलओ) में लगाई गई थी। ड्यूटी पर उपस्थित न होने के कारण उपजिलाधिकारी सदर की नाराजगी के बाद, दिसंबर 2025 से इनका वेतन रोक दिया गया था। हाल ही में, खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बरखेड़ा की रिपोर्ट के आधार पर पारिवारिक परिस्थितियों और भरण-पोषण का हवाला देते हुए इनका वेतन बहाल करने का आदेश जारी किया गया। हैरानी की बात यह है कि इस कार्यालय आदेश में दो अलग-अलग स्थानों पर 29 दिसंबर 2026 (29.12.2026) की तारीख लिखी गई है। जबकि वर्तमान में फरवरी 2026 चल रहा है, पत्र में दिसंबर 2026 का संदर्भ दिया गया है, जो अभी आया ही नहीं है। सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने इस स्पष्ट गलती को नजरअंदाज करते हुए पत्र पर 11 फरवरी 2026 की तिथि डालकर हस्ताक्षर कर दिए। यह घटना दर्शाती है कि विभाग में महत्वपूर्ण फाइलों और आदेशों को कितनी गंभीरता से पढ़ा जा रहा है। एक तरफ जहां दिसंबर 2025 का वेतन बहाल करने की बात हो रही है, वहीं आदेश में दिसंबर 2026 की तारीख का होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब जिले के उच्च अधिकारी ही बिना पत्र पढ़े हस्ताक्षर कर देते हैं, तो निचले स्तर पर लिपिकों की मनमानी और गलतियों पर अंकुश कौन लगाएगा? इस गंभीर लापरवाही ने विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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