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    पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 275 करोड़ की संपत्ति कुर्क:यूपी की टॉप-10 माफिया सूची में नाम, दुबई में छिपकर बैठा है 1 लाख का इनामी

    4 hours ago

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    सहारनपुर के बसपा से पूर्व MLC हाजी इकबाल की 2 अरब 75 करोड़ 97 लाख की अचल संपत्ति कुर्क की गई। ये कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर की गई। पुलिस प्रशासन ने मुनादी कराकर, भारी फोर्स की मौजूदगी में कुर्की की प्रक्रिया पूरी की। हाजी इकबाल खनन माफिया के तौर पर चर्चित है। वह यूपी की टॉप-10 माफिया की सूची में शामिल है। हाजी इकबाल करीब चार साल से फरार है। बताया जा रहा है कि वह दुबइ में छिपकर बैठा हुआ है। फरार हाजी इकबाल और उसके रिश्तेदारों का बसपा सरकार के दौरान (2010-11) में हुए घोटाले की पोल यूपी में भाजपा सरकार आने के बाद खुलना शुरू हुआ था। बसपा सरकार में यूपी की 21 चीनी मिलों को सस्ते दामों में बेचा गया था। 2018 से इकबाल और उसके रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू हुआ। तब चीनी मिल खरीद घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसकी और उसके रिश्तेदारों की 995 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क किया था। 52 संगीन मुकदमे, कई एजेंसियों की जांच पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हाजी इकबाल के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 52 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी उससे जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि कुर्क की गई संपत्तियां सीधे तौर पर हाजी इकबाल के नाम नहीं थीं, बल्कि विभिन्न लोगों के नाम और शेल कंपनियों के माध्यम से अर्जित की गई थीं। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन और अन्य आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन को रियल एस्टेट और व्यावसायिक परिसंपत्तियों में लगाया गया। पहले भी हो चुकी है 837 करोड़ की कुर्की ये पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी पुलिस द्वारा करीब 837 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। लगातार हो रही इस कार्रवाई को प्रशासन माफिया के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने की रणनीति बता रहा है। क्षेत्राधिकारी बेहट और एसडीएम बेहट की मौजूदगी में कुर्की की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने सार्वजनिक मुनादी कराकर संपत्तियों को जब्त करने की औपचारिक घोषणा की। हालांकि इस कार्रवाई के बाद जिले में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं का कहना है कि कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए और इसे चुनिंदा टारगेटिंग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं सत्तापक्ष इसे कानून-व्यवस्था की बड़ी सफलता बता रहा है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिन्हित माफियाओं के खिलाफ भी इसी तरह का सिस्टमैटिक एक्शन प्लान तैयार किया गया है और अवैध संपत्तियों पर लगातार प्रहार जारी रहेगा। हाजी इकबाल के यह रहे चर्चित मामले इन चीनी मिलों को औने-पौने दामों में खरीदा
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