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    प्रयागराज में 6 हजार परिवार छतों पर रहने को मजबूर:बारिश में गृहस्थी बर्बाद; लोग बोले- 3 दिन से चूल्हा नहीं जला, लाई-चना खा रहे

    11 hours ago

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    प्रयागराज में रविवार रात 1 बजे से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम तक जारी रही। मंगलवार को 120 मिमी बारिश हुई। तीन दिनों में कुल 209 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से करीब 6 हजार घरों में पानी भर गया है। इनमें अकेले करेली के करीब 2 हजार घर शामिल हैं। जेके नगर, गड्ढा कॉलोनी, सोलह मार्केट, बी ब्लॉक, शम्स नगर, गौस नगर, जाफरी कॉलोनी और बारह मार्केट समेत कई इलाकों में तीन दिन से घरों में पानी भरा है। लोग रात में छतों पर सोने को मजबूर हैं। कई परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट हो गए हैं। बहुमंजिला मकानों में रहने वाले लोग ऊपरी मंजिल पर चले गए हैं, लेकिन एक मंजिला घरों में रहने वाले परिवारों के पास छत पर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। रामबाग रेलवे स्टेशन पर भी पानी भर गया है। इसके चलते तीन ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। जार्जटाउन थाने में भी बारिश का पानी भर गया है। दैनिक भास्कर ने जेके नगर, करेली और मुंडेरा के लोगों से बात की। मुंडेरा की मीना जायसवाल ने बताया कि घर में खाना बनाने की जगह नहीं बची है। लाई-चना मंगाकर खाना पड़ रहा है। रोज सुबह घर से पानी निकालते हैं। कुछ देर बाद फिर भर जाता है। छत पर सोना पड़ रहा है। बिस्तर और कपड़े खराब हो गए हैं। पूरा सामान भीग चुका है। देखिए 3 तस्वीरें… अब पढ़िए बारिश से शहर के क्या है हालात प्रयागराज में बारिश ने कई इलाकों की गृहस्थी उजाड़ दी है। शहर के करीब 6 हजार परिवार बारिश की वजह से परेशान हैं। रविवार आधी रात शुरू हुई तेज बारिश के बाद घरों में पानी भरने लगा। लोग नींद से जागे और अफरा-तफरी में जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने लगे। जो सामान छत तक ले जा सकते थे, उसे ऊपर रख दिया। मंगलवार को तीसरे दिन भी कई परिवारों का बसेरा छतों पर ही है। घर का सामान बर्बाद होने का गम, व्यवस्था को लेकर गुस्सा और मदद की उम्मीद के साथ लोग अब भी राहत का इंतजार कर रहे हैं। मुंडेरा के 500 घरों में पानी भरा शहर के घनी आबादी वाले मुंडेरा इलाके में हालात बेहद खराब हैं। यहां करीब 500 घरों में पानी भर गया है। लोगों की गृहस्थी का सामान खराब हो गया है। मुंडेरा के रहने वाले हरनाम सिंह ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च कर मकान बनवाया था। अब उसके निचले हिस्से में पानी भरा है। घर के सभी कमरों, किचन, शौचालय, बेडरूम और बरामदे में करीब 2 फीट पानी है। हालात इतने खराब हैं कि पिछले दो दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। पूरा परिवार छत पर रहने को मजबूर है। बिस्तर, सोफा और बक्से भीग चुके हैं। परिवार के लोग बेड और बड़े बक्सों को टीन के डिब्बों के ऊपर रखकर सामान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। दो दिन से घरों में पानी, न खाना बन रहा न नींद पूरी सीओडी छिवकी के रिटायर्ड कर्मचारी जेबी सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह के घर में भी पानी भर गया है। किचन, टॉयलेट और बेडरूम तक पानी पहुंच गया है। पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है। उनकी दिनचर्या और खान-पान पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मीना जायसवाल के परिवार की भी यही स्थिति है। पिछले दो दिनों से घर में करीब दो फीट पानी भरा है। परिवार न ठीक से सो पा रहा है। न ही खाना बना पा रहा है। हालात के चलते उन्हें छत पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। सांप और जहरीले जीवों का मंडराता खतरा कान्हा यादव ने बताया कि हम पानी के बीच बदहाली में जी रहे हैं। घरों में पानी भरा होने से हर समय सांप और अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना हुआ है। मुंडेरा के इन परिवारों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग प्रशासन से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। गोहरी-मोहनगंज में 5 मकान ढहे, परिवारों ने आधी रात छोड़े घर इसके बाद हमारी टीम गोहरी और मोहनगंज पहुंची। यहां हालात और भी खराब हैं। पूरा गांव बारिश के पानी में डूबा हुआ है। बारिश के कारण यहां पांच मकान ढह गए। गांव के रहने वाले यशवंत सिंह का मकान भी ढह गया। वह अपना घर गिरता देख भावुक हो गए। यशवंत ने बताया कि दो दिन की लगातार बारिश से घर की दीवारें कमजोर होकर ढह गईं। परिवार को आधी रात दूसरे घर में शिफ्ट करना पड़ा। अब खाने-पीने तक की परेशानी हो रही है। पॉश इलाके मालवीय नगर का भी बुरा हाल मालवीय नगर के करीब 100 घरों में पानी भर गया है। डॉ. मनोज ने बताया कि पहले सड़क पर पानी भरा रहता था। बच्चे उसी से होकर स्कूल जाते थे। अब पानी घरों में घुसने लगा है। हम हाउस टैक्स भर रहे हैं। इसके बावजूद ऐसी अव्यवस्था है। कहने के लिए यह पॉश कॉलोनी है, लेकिन हालात बेहद खराब हैं। जगह-जगह कूड़ा पड़ा है। महीनों तक सफाई नहीं होती। सड़क से रेलवे ट्रैक तक पानी ही पानी प्रयागराज में दो दिन से हो रही बारिश के कारण सड़कें, थाने, नगर निगम परिसर, अस्पतालों के गेट और डॉट पुल के नीचे के रास्ते पानी में डूब गए हैं। रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर भी पानी भर गया है। पुराने शहर की बड़ी आबादी पहले से जलभराव से परेशान है। अब पॉश इलाकों में भी घुटनों तक पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने अफसरों को तलब किया प्रयागराज में बारिश के बाद हुए जलभराव का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले का स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने डीएम मनीष वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा को तलब किया है। भारी बारिश से शहर में जगह-जगह पानी भर गया। इसका असर हाईकोर्ट की सुनवाई पर भी पड़ा। जजों और वकीलों को कोर्ट पहुंचने में परेशानी हुई और सुनवाई देर से शुरू हुई। इसके बाद कोर्ट ने जलभराव का संज्ञान लिया। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. प्रयागराज में 24 घंटे में 115MM बारिश...सड़कें बनीं तालाब:करेली में घरों तक पहुंचा पानी, जॉर्ज टाउन थाना जलमग्न; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान प्रयागराज में 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में जलभराव होने से मंगलवार को लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं, करेली की कॉलोनियों और गलियों में कई फीट तक पानी भर गया, जबकि जॉर्ज टाउन, सिविल लाइंस, निरंजन डॉट पुल, नया बस अड्डा और गोविंदपुर समेत कई इलाके पानी में डूबे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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