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    प्रयागरजा में यूजीसी की बहाली को प्रतिरोध मार्च:सड़क पर उतरे लोग, कहा संघर्ष को राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाएंगे

    8 hours ago

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    प्रयागराज में यूजीसी एक्ट 2026 बचाओ समता आंदोलन के तहत प्रतिरोध मार्च निकाला गया। बैंक रोड से लक्ष्मी टॉकीज चौराहा होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक लोगों ने मार्च किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन व शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव और जातीय उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। प्रतिरोध मार्च को सम्बोधित करते हुए डॉ. कमल उसरी ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 बहाली तक संघर्ष जारी रखते हुए इसे राष्ट्रव्यापी बनाया जाएगा। कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 केंद्र सरकार की कृपा से नही मिला है, बल्कि रोहित बेमुला, डॉ पायल तांडवी, दर्शन सोलंकी, मुथुकृष्णन, रश्मि, पुलायला राजू, मदारी वेंकटेश, सेंथिल कुमार, फ़ातिमा लतीफ़, एंजेल चकमा जैसे हजारों छात्रों की शहादत और रोहित बेमुला की मां राधिका बेमुला व पायल तांडवी की मां ओबेदा तांडवी की जनहित याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश व 31सदस्यीय सर्वदलीय संसदीय कमेटी के सुझाव के बाद केन्द्र सरकार ने यह यूजीसी एक्ट 2026 बनाया है। प्रो. विक्रम ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा, यूजीसी एक्ट के विरोधी जातिवादी है, जिसके खिलाफ शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से यूजीसी एक्ट 2026 की बहाली तक संघर्ष जारी रखेंगे। राम सिंह, आलोक अम्बेडकर, अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, कमलेश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता रामाधीन मौर्य, विश्वविजय, कमलेश कुमार पाल, अशोक धुरिया, एस आर मौर्य, आस्था अम्बेडकर, डॉ एम एल चेतन, राज कौशल, आशीष कुमार पाल, अन्नू सिंह, शेफर्ड धामू पाल, रोहित पटेल, बिशंभर पटेल, डॉ आर के वर्मा, प्रो गिरीश सिंह, अधिवक्ता उमेश पाल, बुद्धप्रिय, पीके सिंह, आर डी यादव आदि शामिल रहे। प्रतिरोध मार्च की अध्यक्षता ननकू राम धुरिया और संचालन डॉ कमल उसरी ने किया। अंत मे सामूहिक रूप से यह घोषणा की गई की 19 मार्च 2026 तक सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आने तक लगातार सेमिनार, कंवेंशन, गोष्ठी, धरने प्रदर्शन, प्रचार, प्रसार,सम्पर्क अभियान विभिन्न रूपों में संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा।
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