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    ​प्रयागराज नगर निगम बजट बैठक में हंगामा:सड़कों के लिए 125 करोड़ आवंटित, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र एक हफ्ते में बनेगा

    2 hours ago

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    ​प्रयागराज नगर निगम की हालिया बजट बैठक नारों और भारी हंगामे के बीच संपन्न हुई। पार्षदों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और कार्यशैली को लेकर जमकर निशाना साधा, लेकिन इसके साथ ही शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी भी दी गई। ​प्रमुख घोषणाएं और बजट आवंटन ​बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम और जलकल का मूल बजट पेश किया गया, जिसमें शहर की सूरत बदलने के लिए भारी-भरकम राशि का प्रावधान है। शहर की सड़कों और नालियों को दुरुस्त करने के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। जलकल के मूल बजट में सीमा विस्तारित क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए 500 करोड़ और नलकूपों की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। अब उन्हें 11,000 रुपये के बजाय 13,100 रुपये प्रति माह मिलेंगे। दो बड़े प्रशासनिक सुधारों की घोषणा ​एक हफ्ते में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनेगा । लोगों को महीनों इंतजार नहीं करना होगा। नई व्यवस्था के तहत आवेदन के मात्र 7 दिनों के भीतर क्यूआर कोड युक्त प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं जो मकान मालिक अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाएंगे या कूल पेंट (छत पर सफेद पेंट) करवाएंगे, उन्हें गृहकर (House Tax) में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य शहर में बिजली की बचत और गर्मी के प्रभाव को कम करना है। ​व्यावसायिक संपत्तियों पर नया शुल्क ​सदन में यह भी तय किया गया कि अब व्यावसायिक भवनों पर 104 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क (हाउस टैक्स) लिया जाएगा। हालांकि, कुछ पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए इसे जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया। ​हंगामे की भेंट चढ़ी शुरुआत ​बैठक की शुरुआत काफी गरमागरम रही। पार्षदों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी की। पार्षदों का आरोप था कि जनसमस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। विशेष रूप से अतिक्रमण हटाने और कूड़ा निस्तारण के मुद्दों पर तीखी बहस हुई।
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