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    Parliament में दो रंग: Lok Sabha में MSP पर तीखी तकरार, Rajya Sabha में भावुक विदाई का पल

    3 hours from now

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    देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से संबंधित विधेयकों पर विचार कर रही संसद की संयुक्त समिति का कार्यकाल बुधवार को मानसून सत्र तक बढ़ा दिया गया। लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण डाक सेवकों से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के दौरान संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के उपस्थित नहीं रहने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई। संसद में इस सप्ताह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अवकाश होने के कारण अगले सप्ताहांत में शनिवार और रविवार को भी दोनों सदनों की बैठक आयोजित होगी। लोकसभा में पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने सदस्यों को सूचित किया किबृहस्पतिवार, 19 मार्च और शुक्रवार, 20 मार्च के लिए निर्धारित सदन की बैठकें रद्द कर दी गई हैं। उनके स्थान पर शनिवार, 28 मार्च और रविवार, 29 मार्च को बैठकें होंगी जिनमें प्रश्नकाल नहीं होगा।  इसे भी पढ़ें: Lok Sabha में गूँजा Nora Fatehi का 'सरके चुनर' विवाद, केंद्र ने लगाया प्रतिबंध, अश्विनी वैष्णव बोले- 'अभिव्यक्ति की आज़ादी असीमित नहीं'लोकसभा की कार्यवाहीलोकसभा ने वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों को स्वीकृति प्रदान की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के हमले को लेकर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि इस विषय पर मुख्य विपक्षी दल के ‘‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’’ हैं। उन्होंने सदन में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नीत (पूर्ववर्ती) सरकार ने लागत पर 50 प्रतिशत के फार्मूले के आधार पर एमएसपी देने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने किसानों को यह दिया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा का आग्रह किया और कहा कि कहीं यह ‘ट्रेड डील’ ‘ब्लंडर डील’ न साबित हो जाए और भारतीय किसानों को तबाह न कर दे। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए कृषि मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार को दलहन और तिलहन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करना चाहिए। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीएसएनएल के निजीकरण की आशंकाओं को खारिज करते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सार्वजनिक क्षेत्र का यह उपक्रम देशवासियों की सेवा के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने प्रश्नकाल में कहा कि बीएसएनएल ने 18 साल बाद पहली बार 2024-25 की आखिरी दो तिमाही में क्रमश: 280 करोड़ रुपये और 262 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त किया। कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करनी चाहिए। पार्टी के लोकसभा सदस्य अमरिंदर राजा वड़िंग ने सदन में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के बाद उम्मीद थी कि सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पूरी करेगी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।राज्यसभा की कार्यवाहीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदायी देते हुए बुधवार को संसद को ‘‘एक खुला विश्वविद्यालय’’ करार दिया। प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों से राष्ट्रीय जीवन में योगदान जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा ‘‘राजनीति में ‘फुल स्टॉप’ नहीं होता।’’ उच्च सदन में मोदी ने कहा कि ऐसे क्षण स्वाभाविक रूप से पार्टीगत मतभेदों को भुला देते हैं। उन्होंने कहा ‘‘हम सभी में एक साझा भावना उत्पन्न होती है – यह एहसास कि हमारे सहयोगी अब अन्य प्रयासों को आगे बढ़ाने जा रहे हैं।’’  इसे भी पढ़ें: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर वार, बोलीं- टपोरी की तरह करते हैं व्यवहार, उन्हें अपनी बहन से सीखना चाहिएराज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई दी और सदन की कार्यवाही के नियमों की समय-समय पर समीक्षा की आवश्यकता जताई। खरगे ने कहा कि सदन में अधिक बैठकें होनी चाहिए ताकि सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने विधेयक तैयार करने में विपक्षी सदस्यों की अधिक भागीदारी की भी वकालत करते हुए कहा कि यदि इसमें बाधा आए, तो संसद की संस्थागत शक्ति कमजोर होगी। खड़गे ने कहा कि मैं देवेगौड़ा जी को 54 वर्षों से अधिक समय से जानता हूँ और मैंने उनके साथ बहुत काम किया है। बाद में, मुझे नहीं पता क्या हुआ...' 'वो मोहब्बत हमारे साथ कीजिए, शादी मोदी साहब के साथ'। 
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