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    पश्चिम एशिया संकट पर मोदी बोले- तनाव खत्म होना चाहिए:हमारी कोशिश देश में तेल-गैस संकट न हो, 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे

    8 hours ago

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    पश्चिम एशिया में जंग के हालातों को लेकर पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि इस समय वहां हालात चिंताजनक हैं। सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। इस संकट को अब तीन हफ्ते से ज्यादा हो रहे हैं। पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय लोग रहते हैं। वहां रहने वाले भारतीयों को हमारे मिशन जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं। भारत में और बाकी देशों में 24X7 हेल्पलाइन जारी हैं। इनके जरिए जरूरी जानकारी दी जा रही है। संकट की घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहीहै। अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। पीएम का संबोधन, 5 बड़ी बातें... तेल-गैस संकट पर: आज हमारे पास 65 लाख मीट्रिक टन की रिजर्व की व्यवस्था पर काम जारी है। सरकार अलग अलग देशों के सप्लायर्स से संपर्क में है। प्रयास है जहां से संभव हो वहां से सप्लाई होती रहे। तेल गैस फर्टिलाइजर से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए सहयोगियों से संवाद कर रहे हैं। अन्न-राशन पर: हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है। आपात स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। उस वक्त भी ग्लोबल सप्लाई चेन में कमी आई थी। भारत के किसानों को यूरिया की एक बोरी 300 रुपए से भी कम कीमत में दिलाई गई। पॉवर सप्लाई पर: युद्ध का एक चैलेंज यह भी है कि देश में गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी। देश के पावर प्लांट में कोल स्टॉक उपलब्ध है। पावर जनरेशन से लेकर सप्लाई तक हर सिस्टम की मॉनीटरिंग की जा रही है। एनर्जी सेक्टर पर: हम जानते हैं एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल नीड को पूरा करने वाला सोर्स वेस्ट एशिया है। भारत पर इस युद्ध से उत्पन्न दुष्प्रभाव का असर कम हो इसके लिए एक रणनीति से काम कर रहे हैं। भारत सरकार ने एक ग्रुप बनाया है जो हर रोज मिलता है जो आयात-निर्यात में आने वाली दिक्कतों पर निरंतर काम करता है। जंग को लेकर: डिप्लोमैसी में भारत की भूमिका स्पष्ट है। हमने गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने वेस्ट एशिया के प्रमुखों से बात की है। सभी से तनाव कम करने की अपील की है। कमर्शियल जहाजों पर हमला और रुकावट अस्वीकार्य है। भारत सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। संसद से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
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