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    पिता ईंट-भट्‌ठे पर मजदूर, बेटा बना IAS:UPSC में 107वीं रैंक आई, रायबरेली में निकाला जुलूस, बोले- पैसे नहीं थे ऑनलाइन क्लास ली

    6 hours ago

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    रायबरेली में ईंट-भट्‌ठे पर मजदूरी करने वाले रामदेव के बेटे विमल कुमार IAS बन गए हैं। उनकी UPSC में 109वीं रैंक आई है। सिलेक्शन की खुशी में विमल कुमार ने 7 किलोमीटर तक काफिले के साथ जुलूस निकाला। उनके काफिले में 12 कारें, डीजे और 50 से ज्यादा बाइकें शामिल थीं। लोगों ने जगह-जगह विमल का स्वागत किया और फूल-माला पहनाया। बेटे की सफलता से पिता रामदेव की भी आंखें भर आईं। अपनी सफलता के बारे में विमल कुमार बताते हैं- नवोदय विद्यालय में एक बार डीएम मैम आई थीं। उसी समय मैंने तय कर लिया था कि IAS ही बनूंगा। खर्च कम हो, इसलिए गांव में रहकर ही 3 बार ऑनलाइन क्लास ली। पढ़िए विमल कुमार के IAS बनने की कहानी… पहले 3 तस्वीरें देखिए… रायबरेली जिले के खीरो ब्लॉक के चांदेमऊ गांव में रामदेव रहते हैं। उनके 3 बेटे और 2 बेटियां हैं। विमल कुमार (30) सबसे छोटे बेटे हैं। बेटे के IAS बनने पर रामदेव कहते हैं- बहुत खुशी है। मैंने ईंट भट्‌ठे पर मजदूरी और बंटाई पर खेती करके बेटे को पढ़ाया है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूर चांदेमऊ गांव पहुंची। उस समय विमल कुमार कार में सवार थे। परिवारवाले और गांववाले उन पर फूल बरसा रहे थे। पीछे डीजे बज रहा था। जैसे-जैसे विमल का काफिला आगे बढ़ता गया, काफिले में कारें और बाइक शामिल होती गईं। धीरे-धीरे काफिले में 12 से ज्यादा कारें और 50 से ज्यादा बाइक शामिल हो गईं। लोग विमल को रोक-रोककर फूल बरसाने और माला पहनाने लगे। 7 किलोमीटर का जूलुस करीब 2 घंटे तक निकाला गया। इसके बाद गांव के युवक विमल कुमार को लेकर घर पहुंचे। घर में भी बधाई देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। हमने विमल के बड़े भाई अजीत कुमार ने बात की। अजीत बताते हैं- परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है। मैं खुद भी रायबरेली में मजदूरी करता हूं। आर्थिक तंगी के बावजूद हम लोगों ने विमल की पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी। लगातार उनका हौसला बढ़ाया। विमल की भाभी कहती हैं- इतने संघर्षों के बाद यह सफलता मिली है। घर में बहुत सारी दिक्कतें और बाधाएं थीं, लेकिन विमल ने लक्ष्य नहीं छोड़ा। होली में आए थे। कल रिजल्ट आया, तो कहने लगे कि भाभी मेरा रिजल्ट आ गया। मेरा सिलेक्शन हो गया है। दरवाजे पर भैंसें बंधी, हाल ही में मकान का प्लास्टर हुआ विमल का घर आधा पक्का और आधा कच्चा है। 5 कमरे हैं, जिनमें से 2 ही पक्के बने हैं। विमल के बीच का भाई विदेश कमाने चला गया, जिसकी वजह से कुछ आर्थिक स्थिति सुधरी है। इसके बाद घर के फ्रंट का हिस्सा प्लास्टर किया गया है। घर के बाहर दो भैंसे बंधी थीं। उनक चारा काटने की मशीन और भूसा रखा था। गांव के प्राइमरी स्कूल से पढ़ाई, आईआईटी में पहुंचे परिवार के मुताबिक, विमल कुमार ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय चांदेमऊ से पूरी की। इसके बाद उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय महाराजगंज में हुआ, जहां से उन्होंने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वह केरल गए और फिर उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली पहुंचे। विमल कुमार ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक की 2020 में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। अधिकतर तैयारी उन्होंने रायबरेली में रहकर स्वाध्याय के जरिए की। विमल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 से 2025 के बीच लगातार यूपीएससी परीक्षा दी। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने बिना कोचिंग के अपनी तैयारी जारी रखी। पहले चार प्रयासों में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लखनऊ में रहकर तैयारी की और पांचवें प्रयास में इंटरव्यू भी पास कर लिया। इस बार उन्हें 107वीं अखिल भारतीय रैंक मिली। ऑनलाइन तैयारी की, चार साल फेलियर फेस किया विमल कुमार ने बताया कि ऑनलाइन तैयारी करने से खर्चे कम पड़े। मैंने लगातार चार साल फेलियर फेस देखा है। लास्ट ईयर 2024 में मैंने इंटरव्यू दिया, जिसमें 12 नम्बर से रह गया। जब मैं प्राइमरी में था तो मुझे इसके बारे में पता भी नहीं थी। नवोदय में मुझे इसकी जानकारी हुई। नवोदय में DM मैम लोग को आना जाना लगा रहता था, जिससे मैं इंस्पायर हूं। विमल कुमार ने कहा कि फेल होने पर बहुत हताशा हुई, लेकिन मैं हार नहीं मानी, एक बार फिर कोशिश की और पास हो गया। विमल कुमार का कहना है कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय का सही उपयोग ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रखी जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। …………………………….. ये भी पढ़ें… लखनऊ में सड़कों पर उतरे लोग; अब्दुल्ला चतुर्वेदी की शव यात्रा निकाली, पुतला फूंका बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी ने यूपी के CM योगी आदित्यनाथ की मां पर आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिया है। इससे भाजपा कार्यकर्ता और योगी फैंस भड़क उठे हैं। शनिवार को लखनऊ में लोगों ने मौलाना का पुतला फूंका। उसे पैरों से कुचला।… पढ़े पूरी खबर…
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