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    पेंटर पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया,बेटी ने किया जिला टॉप:अब NDA से देश सेवा का इरादा, घर में खुशी की लहर

    2 hours ago

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    यूपी बोर्ड का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हो गया है। आगरा में 12वीं 83% प्रतिशत स्टूडेंट पास हुए है। इस बार भी जिले में बेटियों ने टॉप मारा है। टॉप-5 में चार लड़कियां है। इस बार राजपुर चुंगी निवासी काजल ने 94%80 प्रतिशत लाकर जिले में टॉप किया है। 10 क्लास में काजल 94%6 लाकर जिले में तीसरे स्थान पर रही थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई बीडी जैन इंटर कॉलेज से की है। पिता का नाम प्रेमदत्त है, जो पेंटर का काम करते है। मां हाउस वाइफ है। काजल बेहद साधारण परिवार से है। घर में बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ है। परिवार में खुशी की लहर है, रिश्तेदार फोन कर के बेटी को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे है। पिता पेंटर-बेटी ने किया जिला टॉप पिता प्रेमदत्त ने बताया-महीने में 20 हजार की मजदूरी करता हूं। मेने लोगों के घरों में रंगाई-पुताई कर के बच्ची की पढ़ाई के लिए एक-एक पैसा जोड़ा है और उसे पढ़ाया है। घर में खाने के लिए कुछ नहीं होता था, लेकिन मेने ट्यूशन नहीं रुकने दिया। कहीं बच्ची की पढ़ाई न रूक जाए। उसने 2024 में भी 10वीं क्लास में जिले में तीसरे स्थान पर रही थी। जिस तरह मेने उसे पढ़ाया और उसने पूरे लगन से पढ़ाई की। मुझे उम्मीद थी कि बेटी स्कूल में टॉप मारेगी। लेकिन बेटी ने जिला टॉप कर के घर का नाम रोशन कर दिया। आगे उसका जो मन है उस वहां पढ़ाई कराएंगे। चाहे हमें अपना घर क्यों ही न बेचना पड़े। मां हुई भावुक मां कमलेश ने बताया- घर में एक ही कमरा है, इसी में 5 लोग सोते है। घर छोटा होने की वजह से काजल को पढ़ाई में काफी परेशानी होती है। जब वो पढ़ाई करती थी कोई भी कमरे में बोल भी नहीं सकता था। क्यों की इससे उसकी पढ़ाई पर असर पड़ता था। पेपर के टाइम मेने तीन महीने तक कोई काम नहीं कराती थी। और वो भी पढ़ती रहती थी। सुबह स्कूल जाना उसके बाद तीन-तीन ट्यृशन थे। इसके बाद रात भर पढ़ाई करना। बेटी ने जिला टॉप करने की लिए काफी मेहनत की है। जिसका आज उसे फल मिला है। काजल ने बताया- मेंने तमाम मुश्किलों को मात देकर जिले में टॉप किया है। छात्रा ने बताया कि एग्जाम टाइम में वह रात में 4 से 6 घंटे पढ़ाई करती थी। घर छोटा होने की वजह से दिन में पढ़ना मुश्किल था। सबके सो जाने के बाद ही शांति से पढ़ाई हो पाती थी। 10वीं में जिले में तीसरा स्थान आने के बाद उम्मीद थी कि 12वीं में 90% तक नंबर आएंगे, लेकिन जिला टॉप कर लिया। रिजल्ट के वक्त वह कोचिंग में थी। पिता ने फोन कर सिर्फ पास होने की खबर दी। टॉपर बनने की जानकारी बाद में मिली। छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने हमेशा पढ़ाई का माहौल दिया। पेपर से 3 महीने पहले से मां ने घर का कोई काम नहीं करने दिया। दिन में तीन कोचिंग करती थी, फिर रात में 4 से 6 घंटे सेल्फ स्टडी। फोन भी सिर्फ पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करती थी। अब वह डिफेंस में जाना चाहती है और एनडीए के जरिए बड़ी अफसर बनने का सपना देख रही है। इस सफलता में स्कूल के टीचर्स का सबसे बड़ा योगदान बताया। 10-12 घंटे पढ़ती थी अंजलि अंजलि ने बताया कि एग्जाम के समय वह रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थी। घरवालों ने पेपर के दौरान घर का कोई काम नहीं करने दिया। सिर्फ मन लगाकर पढ़ने को कहा। अंजलि ने कहा कि टॉपर बनने के लिए बहुत मेहनत की। अब वह आगे डिफेंस में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। डॉक्टर बनना चाहते हैं जतिन सैया के जतिन कुमार ने 12वीं में 92.4% अंक हासिल किए। जतिन ने बताया कि अब वह नीट की तैयारी कर डॉक्टर बनना चाहते हैं। जिले में तीसरा स्थान आने पर घर में खुशी की लहर है। रिश्तेदार फोन कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं। लोग घर पहुंचकर मिठाई खिलाकर जतिन को बधाई दे रहे हैं। दोनों टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर्स को दिया है।
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