Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पद्मश्री डॉ. बीके जैन पंचतत्व में विलीन:चित्रकूट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, हजारों ने दी विदाई

    2 hours ago

    1

    0

    चित्रकूट में प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक और समाजसेवी पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हजारों लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। डॉ. जैन सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी और सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक थे, जिसकी स्थापना परम पूज्य रणछोड़ दास जी महाराज ने की थी। उन्होंने अपना अधिकांश जीवन चित्रकूट की सेवा में समर्पित कर दिया, लाखों लोगों को नेत्र ज्योति प्रदान की। उनकी अंतिम यात्रा चिकित्सालय परिसर से शुरू होकर रघुवीर मंदिर होते हुए एसपीएस ग्राउंड पहुंची। यहां पुलिस बल ने उन्हें तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। सतना और चित्रकूट के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत समाज तथा हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित थे। उनके दोनों पुत्रों, जिनेश जैन और डॉ. इलेश जैन ने मुखाग्नि दी। डॉ. बी.के. जैन का निधन 27 फरवरी 2026 को एक गंभीर बीमारी के कारण हुआ था। वे कई महीनों से अस्वस्थ थे और मुंबई में उनका इलाज चल रहा था। सतना जिले में जन्मे डॉ. जैन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय व्यंकट क्रमांक-1 विद्यालय से प्राप्त की। उन्होंने श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा से एमबीबीएस और लोकमान्य तिलक चिकित्सा महाविद्यालय सायन से नेत्र रोग में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। एक उज्ज्वल करियर के अवसर होने के बावजूद, उन्होंने सेवा का मार्ग चुना और चित्रकूट आकर ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा की शुरुआत की। टेंट और टीन शेड के नीचे शुरू हुआ उनका 'तारा नेत्रदान यज्ञ' एक विशाल सेवा अभियान बन गया। लाखों नेत्र रोगियों का उपचार कर उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इन सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 27 मई 2025 को उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था। डॉ. जैन के निधन से पूरे विंध्य क्षेत्र में शोक की लहर है। संत समाज, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई के समय पत्नी ऊषा जैन, पुत्र जिनेश जैन और डॉ. इलेश जैन सहित पूरा परिवार बिलख उठा। हजारों लोगों की भीड़ इस महान सेवक को अंतिम प्रणाम करने उमड़ पड़ी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    इवेंट आर्गेनाइजर से लूट करने वाले 5 लूटेरे गिरफ्तार:काम देने के बहाने बुलाया, बोट क्लब में बंधक बनाकर जेवर उतरवाए, चेन-पर्स छीना और मोबाइल से ट्रांजेक्शन कराया
    Next Article
    प्रयागराज में पार्षद के भाई का कुर्सी पर मिला शव:गले में फंदा लगा था, सुसाइड नोट नहीं मिला; पुलिस बोली- खुदकुशी की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment