Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Punjab Cabinet ने High Court के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अधिसूचना पर जताया कड़ा विरोध

    4 hours ago

    1

    0

    चंडीगढ़, छह सितंबर पंजाब मंत्रिमंडल ने रविवार शाम पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को अधिसूचित करने के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल का कहना है कि यह कदम राज्य सरकार की राय का इंतजार किए बिना, संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार करके उठाया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अलग-अलग पत्र लिखकर केंद्र से आग्रह किया है कि वे न्यायमूर्ति मिश्रा को शपथ दिलाने की प्रक्रिया को तब तक आगे नहीं बढ़ाएं ‘‘जब तक राज्य सरकार की चिंताओं का उचित समाधान नहीं हो जाता’’।न्यायमूर्ति मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश के तौर पर सोमवार को शपथ दिलायी जानी है। हालांकि, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने कहा कि नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार की ओर से उठाया गया विवाद ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह अनुचित’’ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास अपनी राय भेजने के लिए पर्याप्त समय था।उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छह अगस्त को आठ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश की थी। जैन ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब को छोड़कर सभी राज्य सरकारों ने एक हफ्ते के भीतर अपनी राय भेज दी थी... किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने और एक गैर-राजनीतिक मुद्दे का राजनीतिकरण करने के इरादे से प्रस्ताव को अनिश्चित काल तक रोके रखने का अधिकार नहीं है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि इन नियुक्तियों पर राज्यों के पास ‘‘वीटो’’ अधिकार नहीं होती है। केंद्र सरकार ने शनिवार को न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।यह कदम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा उनकी पदोन्नति की सिफारिश किए जाने के लगभग एक महीने बाद उठाया गया। वह जून से ही यहां उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे हैं और सोमवार को राज्य के राज्यपाल उन्हें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले, मान सरकार ने केंद्र के फैसले के विरोध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मंत्रिमंडल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई।मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि नियुक्ति और शपथ दिलाने की प्रक्रिया को तब तक रोक दिया जाए, जब तक पंजाब सरकार की राय नहीं मिल जाती और उस पर उपयुक्त रूप से विचार नहीं कर लिया जाता। बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के संवैधानिक अधिकारों और स्थापित प्रक्रिया को ‘‘दरकिनार’’ करने की ‘‘एक और घटना’’ की कड़ी निंदा की। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है; वह पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा से मिलने दिल्ली जा रहे हैं, जो धन शोधन के आरोपों में जेल में बंद हैं।बैठक के बाद एक्स पर पंजाबी में किये गए एक पोस्ट में मान ने कहा, ‘‘आज, पंजाब मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों और संवैधानिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सर्वसम्मति से एक अहम प्रस्ताव पारित किया।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहमति लिए बिना पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के नये मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना, तय प्रक्रियाओं और संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादले की प्रक्रिया ज्ञापन के पैरा 6 में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत के प्रधान न्यायाधीश की सिफारिश के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री संबंधित राज्य सरकार की राय लेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘राज्य सरकार की राय मिलने के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री प्रधानमंत्री को प्रस्ताव सौंपेंगे, जो फिर चयन के बारे में राष्ट्रपति को सलाह देंगे।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘यह नियुक्ति राज्य सरकार की सहमति लिए बिना की गई है, जिससे सभी संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Delhi Airport पर दोहा से आए यात्रियों से 47 लाख के सोने-चांदी के सिक्के जब्त
    Next Article
    Vinod Tawde के बयान पर Akhilesh Yadav का पलटवार, BJP पर साधा निशाना

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment