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    राम नगरी को 52 बैरियर से मिली आजादी:रामपथ के 150 मीटर पर जाम खत्म करने की तैयारी, भीड़ के हिसाब से बनेगा A-B प्लान

    2 hours ago

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    रामनगरी में दो दिन के ट्रायल के बाद अब जिला प्रशासन का फोकस रामपथ के सबसे भीड़भाड़ वाले हिस्से श्रीराम अस्पताल से हनुमानगढ़ी तिराहे तक करीब 150 मीटर क्षेत्र को पूरी तरह जाम मुक्त बनाने पर है। इसके लिए प्रशासन A और B दो तरह के प्लान पर काम कर रहा है, ताकि भीड़ रहने और न रहने की स्थिति में अलग-अलग व्यवस्था लागू की जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु अपने वाहनों से अधिकतम दूरी तक राम मंदिर के करीब पहुंच सकें, जिससे उन्हें पैदल कम चलना पड़े। साथ ही स्थानीय निवासियों को आवागमन में होने वाली दिक्कतों से राहत देने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जा रही है। ट्रायल में क्या दिखा दो दिन के ट्रायल के दौरान रामपथ और संपर्क मार्गों के 52 बैरियर से वाहनों की रोक हटा दी गई थी। इस दौरान मालवाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक सभी मार्गों पर सुचारु रूप से चलते नजर आए। हालांकि, टेढ़ी बाजार से लता मंगेशकर चौराहे के बीच केवल श्रीराम अस्पताल से हनुमानगढ़ी तिराहे तक ही वाहनों का दबाव ज्यादा दिखा। बाकी मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं रही। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि कई संवेदनशील बैरियरों पर बिना जांच के ही वाहनों को प्रवेश मिलता रहा। कई जगह पुलिसकर्मी केवल डायवर्जन तक सीमित नजर आए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। पार्किंग और रूट प्लान में बदलाव सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर से लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में कई नई पार्किंग बनाने की योजना है। पुराने धर्मकांटा चौराहे के पास पार्किंग बनने के बाद बाहरी वाहनों को वहीं तक आने की अनुमति दी जा सकती है। अयोध्या कैंट की ओर से आने वाले वाहनों को सामान्य दिनों में टेढ़ी बाजार और श्रीराम अस्पताल बैरियर तक आने की छूट देने पर भी सहमति बनी है। ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट बने चुनौती सबसे अधिक दबाव ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट की वजह से देखने को मिला। श्रीराम अस्पताल बैरियर के पास इनकी लंबी कतारें नजर आईं। वहीं, हनुमानगढ़ी तिराहे तक ठेले-खोमचे भी लाइन में लगे रहे, जिससे रास्ता संकरा हो गया। हालांकि सीओ अयोध्या ने बताया कि ई-रिक्शा को पूर्व की भांति राम पथ पर प्रतिबंधित रहेगा। सीओ अयोध्या ने बताया कि राम नगरी वासियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए काम किया जा रहा है। शहर के 52 स्थानों पर बैरियर को अयोध्या वासियों और श्रद्धालुओं को खोल दिया गया है। कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बन रही है, जिसके लिए प्लान के अनुसार काम किया जा रहा है, बैरियर फिलहाल यथावत बने रहेंगे, लेकिन अब वहां सुरक्षा व्यवस्था के साथ यात्री वाहनों के आवागमन को भी नियंत्रित रूप से अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पहले भी जरूरत के आधार पर बैरियरों पर वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाता था। अब नई समीक्षा के बाद यातायात व्यवस्था में और लचीलापन लाते हुए वाहनों के आवागमन की छूट कुछ और बढ़ाई जाएगी, ताकि सुरक्षा और सुविधा दोनों का संतुलन बना रहे। स्थानीय लोगों के सुझाव यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोगों ने कई सुझाव दिए हैं। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर बस सेवा होगी शुरू प्रतिबंधों में ढील के साथ अयोध्या में यातायात सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। परिवहन निगम पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर बस सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। शुरुआत में दो बसें चलाई जाएंगी। पहली बस कंचनभवन से गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड, प्रह्लाद घाट होते हुए उदया स्कूल तक चलेगी, जो आधा मार्ग कवर करेगी। दूसरी बस हनुमान गुफा, दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय, रामघाट चौराहा, हलकारा का पुरवा से उदया चौराहा तक संचालित होगी। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और निजी वाहनों की भीड़ कम होगी। जल्द लागू होगी नई व्यवस्था प्रशासन अब ट्रायल के अनुभवों के आधार पर अंतिम रूपरेखा तैयार कर रहा है। आने वाले दिनों में रामधाम में यातायात व्यवस्था का नया मॉडल धरातल पर दिखाई देगा, जिसमें जाम और सुरक्षा दोनों पर एक साथ फोकस रहेगा। बदलाव के पीछे महंत मिथिलेशनंदिनी का वक्तव्य अयोध्या में यातायात व्यवस्था में हो रहे बदलावों को प्रतिष्ठित पीठ हनुमन्निवास के महंत और प्रख्यात आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण के हालिया वक्तव्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उनका यह बयान इंटरनेट मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था। दिल्ली में आयोजित अयोध्या पर्व के दौरान उन्होंने शासन-सत्ता और अयोध्या के विकास से जुड़े दावों के बीच संतुलित तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने विकास के साथ उत्पन्न हो रही व्यावहारिक समस्याओं, विशेषकर यातायात और व्यवस्थागत चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
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