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    रामभद्राचार्य बोले- UGC पर विचार नहीं हुआ तो गृहयुद्ध संभव:बस्ती में कहा- जबतक धर्माचार्य हूं, मनमानी नहीं करने दूंगा, ऐसा कानून लागू नहीं होना चाहिए

    12 hours ago

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    यूपी के बस्ती में चल रही रामकथा के दौरान जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने UGC एक्ट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा- अगर सरकार गृह युद्ध से बचना चाहती है तो UGC एक्ट को वापस लेना ही होगा। रामभद्राचार्य ने कहा- जब तक मैं धर्माचार्य हूं, किसी को मनमानी नहीं करने दूंगा। UGC एक्ट तो वापस होकर ही रहेगा। इसकी यहां पर कोई आवश्यकता नहीं है। बता दें कि बस्ती के बढ़नी मिश्र गांव में 18 से 26 फरवरी तक रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य यहां कथा वाचन कर रहे हैं। उनके प्रवचनों में आस्था के साथ समसामयिक मुद्दों की भी गूंज सुनाई दे रही है। बोले- सरकार क्यों भेदभाव फैलाना चाह रही रामकथा के चौथे दिन जगदगुरू रामभद्रा चार्य ने यूजीसी एक्ट पर बोलते हुए कहा- इसकी यहां पर कोई आवश्यकता नहीं। पता नहीं क्यों सरकार लोगों में भेदभाव फैलाना चाह रही है। इस एक्ट से पूरे देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सरकार नहीं तो सुप्रीम कोर्ट वापस लेगी जगदगुरू ने कहा- यूजीसी एक्ट को सरकार को वापस लेना ही होगा। अगर सरकार वापस नहीं लेती तो कोई बात नहीं, सुप्रीम कोर्ट से ही यह एक्ट वापस हो जाएगा। ऐसे एक्ट को तो कोर्ट ही रद्द कर देगी। सरकार संवेदनशीलता दिखाए जगद्गुरु ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया ताकि किसी भी प्रकार के आंतरिक टकराव से बचा जा सके। उन्होंने कहा- देश में सामाजिक सौहार्द और एकता बनाए रखने के लिए इस कानून पर पुनर्विचार आवश्यक है। जानिए कौन हैं रामभद्राचार्य रामभद्राचार्य चित्रकूट में रहते हैं। उनका वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा है। वे प्रवचनकार, दार्शनिक और हिंदू धर्मगुरु हैं। वे रामानंद संप्रदाय के मौजूदा चार जगद्गुरुओं में से एक हैं और इस पद पर 1988 से आसीन हैं। महाराज चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक और आजीवन कुलाधिपति भी हैं। चित्रकूट में तुलसी पीठ की स्थापना का श्रेय भी इन्हें ही जाता है। इन्होंने दो संस्कृत और दो हिंदी में मिलाकर कुल चार महाकाव्यों की रचना की है। इन्हें भारत में तुलसीदास पर सबसे बेहतरीन विशेषज्ञों में गिना जाता है। साल 2015 में भारत सरकार ने इन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया था। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… कासगंज में पत्नी, 3 बच्चों की हत्या कर जान दी:बच्चों को जहर देकर पत्नी का गला काटा; 3 दिन घर में पड़ी रहीं लाशें कासगंज में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति फंदे से झूल गया। उसने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी का गला काट दिया। तीन दिन तक शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया। उसने दरवाजा खटखटाया और नाम लेकर काफी देर तक बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछा। तब पता चला कि घर में पिछले तीन दिनों से कोई हलचल नहीं थी। शक के आधार पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पढ़िए पूरी खबर…
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