Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    राममंदिर चढ़ावा चोरी- आरोपी का परिवार टूटे-फूटे घर में छिपा:पक्के मकान में ताला लगाया; भाई चिल्लाया- अकेला छोड़ दीजिए, जवाब देते-देते थक गए

    1 day ago

    1

    0

    प्रतापगढ़ में एक मामूली कर्मचारी से कुछ ही महीनों में 2 मकानों के मालिक बने अविनाश शुक्ला की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। गांव के लोग उसकी अचानक बदली किस्मत से दंग थे। 4 जून को जब पुलिस ने उसके घर से 20.39 लाख रुपए और 1121 अमेरिकी डॉलर जब्त किए, तो सारे सवालों के जवाब मिल गए। दैनिक भास्कर की टीम प्रतापगढ़ में अविनाश के घर पहुंची। यहां ताला लगा था। 50 मीटर दूर एक कच्चे मकान में पूरा परिवार छिपा मिला। हमें देखते ही अविनाश का भाई भड़क गया। चिल्लाते हुए बोला- हमें अकेला छोड़ दो…। लोगों के सवालों का जवाब देते देते थक गए हैं। वहीं, पिता ने कहा- मामला अयोध्या कोर्ट में है, वहीं से आपको जवाब मिलेंगे। अविनाश के परिवार से मिलकर दो बातें साफ हो गईं। पहली- वो अब गांव के लोगों को फेस नहीं करना चाहते। दूसरी- पुलिस रेड और अविनाश की गिरफ्तारी के बाद लोगों के सवालों से परेशान हो चुके हैं। पढ़िए हमारी खास ग्राउंड रिपोर्ट… लोग बोले- अविनाश के परिवार का कई से झगड़ा, कैमरे पर नहीं बोलेंगे प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर नरियावां गांव है। खेतों के बीच से एक संकरी सड़क बाबूपुर में स्थित अविनाश के घर तक जाती है। गांव के लोगों से जब हमारी टीम ने कैमरे पर बात करने का प्रयास किया, तो उन्होंने कहा- ऐसे ही पूछ लीजिए। हमारा क्यों झगड़ा करवाते हैं? पहले ही गांव के कई लोगों का अविनाश के परिवार से झगड़ा चल रहा है। लोगों ने बताया- अविनाश के पिता राम सजीवन खेती करते हैं। उनके परिवार के पास करीब 13 बीघा खेत हैं। अविनाश 5 भाइयों में सबसे छोटा है। बड़े 3 भाई ललित, अमित और अनुज घर पर ही खेती-किसानी करते हैं। ढाबा, दुकान सब बंद हुए, खेती से परिवार चल रहा यह परिवार पिछले 30 सालों से कच्चे मकान में रहता आया है। घर चलाने के लिए खेती-किसानी से ही रुपए आते थे। बड़े भाई ललित और अमित ने मिलकर फतेहपुर से कानपुर जाने वाली सड़क पर ढाबा खोला था, लेकिन कुछ ही वक्त में इसे बंद करना पड़ गया था। ललित ने इसके बाद गांव के बाहर पान की दुकान खोल ली। यह भी बहुत कम चलती थी। इसलिए इसे भी बंद करना पड़ा। घर की आर्थिक तंगी के चलते ही अविनाश से बड़ा भाई अभिषेक करीब 10 साल पहले अयोध्या चला गया था। कौशलपुरी में श्याम साधनालय योग केंद्र में रह रहा था। यहीं डॉ. चैतन्य गुरु की सेवा करता था। फिर उन्हीं के योग केंद्र में टीचर हो गया था। अविनाश ने पढ़ाई छोड़ी, जूते बेचने लगा इधर, अविनाश का मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं लगता था। उसने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। घर से करीब 15 किलोमीटर दूर डेरवा बाजार है। अविनाश यहीं जूते-चप्पल की दुकान पर काम करने लगा था। उसे 5 हजार रुपए मिलते थे। लेकिन, कुछ वक्त काम करने के बाद उसने यह सब छोड़ दिया। वह घरवालों से जिद करने लगा कि ई-रिक्शा दिलवा दें, शहर में चलाएगा, लेकिन परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि अविनाश को ई-रिक्शा दिलाया जा सके। बड़े भाई ने अयोध्या बुलाया, मंदिर में नौकरी लगवाई अविनाश ने अपनी परेशानी बड़े भाई अभिषेक को बताई। डेढ़ साल पहले उसने अविनाश को अयोध्या के योग केंद्र में बुला लिया। उसने कुछ लोगों से सिफारिश करके राम मंदिर में अविनाश की जॉब लगवा दी। यही वह मौका था, जहां से परिवार की किस्मत बदल गई। बाबागंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोज शुक्ला कहते हैं- हम सीधे तौर पर इस परिवार को नहीं जानते। यह सही है कि 2 साल पहले तक इस परिवार के पास कुछ नहीं था। यहीं पर पान की दुकान खोली थी, वह भी चली नहीं। जब चोरी खुली, तब पता चला। देखकर यही लगता है कि दाल में नमक जैसी चोरी हुई है, लेकिन अभी बड़ी मछली पकड़ी ही नहीं गई है। पक्के मकान पर अंदर से ताला लगाकर गुमराह कर रहा परिवार गांव का माहौल समझते हुए हमारी टीम उस जगह पहुंची, जहां अविनाश का मकान है। सफेद रंग के इस मकान में अंदर जाने के लिए चैनल लगा था। इस पर अंदर की तरफ से ताला लगा था। आवाज देने पर कोई बाहर नहीं आया। करीब 50 मीटर दूर एक कच्चा मकान है। यहीं पहले अविनाश के पिता और उनका पूरा परिवार रहता था। हम वहां पहुंचे। यहां अविनाश के पिता, भाई अमित और उनकी मां मिलीं। वो हमें देखते ही भड़क गए। कहने लगे- हमें कोई बात नहीं करनी। मामला अयोध्या कोर्ट में है, वहीं पर जाइए। अमित ने कहा- मुझे पता है कि गांव के ही कुछ लोग बाहर से मीडिया को बुला-बुलाकर हम लोगों को बदनाम कर रहे हैं। तुरंत यहां से चले जाओ… वरना अच्छा नहीं होगा। हमने समझाया कि आप अपना पक्ष रखिए, हम तो आपसे सिर्फ बात करने आए हैं। इसके बाद सभी घर के अंदर चले गए और दरवाजा बंद कर लिया। 2 साल में एक और मकान बनवाया, सारी सुविधाएं यहां मौजूद इस पुराने घर से करीब 50 मीटर दूर ही एक नया घर बनवाया जा रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि ये मकान अविनाश ही बनवा रहा है। इस घर में कुछ मजदूर मौजूद थे, जो फर्श बना रहे थे। मकान में 3 तरफ से गेट हैं। पूरे घर में टाइल्स लगी हैं। इंडियन और वेस्टर्न टॉयलेट तक बने हैं। यानी जरूरत की जो भी चीजें होनी चाहिए, सभी यहां मौजूद हैं। गांव के लोग कहते हैं- 2 साल में ही यह मकान बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया। ‘जहां माथा टेकते हैं, वहां चोरी गलत’ गांव के ही राम बहादुर कहते हैं- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी नहीं होनी चाहिए थी। जिस मंदिर में हम लोग जाते हैं, माथा टेकते हैं, वहां अगर चोरी हो रही है, तो अच्छा काम नहीं है। हमने पूछा कि चोरी करने का आरोपी तो आपके ही गांव का है। राम बहादुर कहते हैं- इसकी हमें जानकारी नहीं है…। बड़े बेटे की शादी नॉर्मल की, दूसरे बेटे में भव्य फंक्शन था गांव के लोगों से हमने पूछा- अविनाश के बड़े भाई अमित की एक तस्वीर सामने आई थी। इसमें वह लाखों रुपए हाथ में लेकर खड़ा दिखा था। लोगों ने बताया ये तस्वीर उसकी शादी के वक्त की थी। 25 फरवरी को अमित की शादी हुई थी। कहते हैं कि अविनाश ने इस फंक्शन में करीब 6 लाख रुपए खर्च किए थे। शादी लालगंज अजहरा के राम जानकी गेस्ट हाउस में हुई थी। शादी और हल्दी से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। शादी में शामिल होने वाले गांव के ही एक व्यक्ति कहते हैं- पहले बेटे की शादी में अच्छा फंक्शन नहीं हुआ था। लेकिन, दूसरे बेटे की शादी बहुत भव्य की थी। सेकेंड हैंड ब्रेजा खरीदी, दोस्तों से कहता था- मौज करो अविनाश ने पिछले साल एक पुरानी ब्रेजा कार खरीदी थी। कार साढ़े 3 लाख रुपए की थी। वो इसी कार से गांव आता-जाता था। गांव में अपने दोस्तों को पार्टी देता था। खूब पैसे खर्च करता था। दोस्त अगर कहते कि अपनी तरह हमारी भी जॉब लगवा दो। तो वह कहता- तुम लोग खाओ-पियो, जहां जरूरत लगे…वहां बताओ। इससे ज्यादा जानने की कोशिश न करो। अविनाश की गर्लफ्रेंड, उसके अकाउंट में 2.5 लाख ट्रांसफर किए गिरफ्तारी के बाद तेजी से चर्चा उठी कि अविनाश की शादी टूट गई है। गांव पहुंचने के बाद सामने आया कि अविनाश की अयोध्या में एक गर्लफ्रेंड भी है। अविनाश ने उसको आईफोन गिफ्ट किया था। उसके बैंक अकाउंट में 2.5 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। अक्सर ज्वेलरी गिफ्ट करता रहता था। अविनाश के घर से पुलिस को 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के जेवर भी मिले थे। जब पुलिस ने अविनाश से पूछताछ की, तब उसने ये सब स्वीकार किया। पुलिस ने उस लड़की से अभी तक पूछताछ नहीं की है। गांव के लोग कहते हैं कि प्रतापगढ़ में किसी लड़की से उसके संबंध की कोई जानकारी नहीं है। अयोध्या योग केंद्र ने अविनाश के भाई को निकाला राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जैसे ही अविनाश का नाम सामने आया, श्याम साधनालय योग केंद्र ने अविनाश के भाई अभिषेक को वहां से बाहर कर दिया। पुलिस ने कौशलपुरी के इस योग केंद्र में कई बार जांच की। यहीं से 28 जून को 'रामराज्य कोष' लिखा एक संदूक भी मिला। इस पर पेटीएम का क्यूआर कोड लगा था। राम मंदिर से जुड़े कई डॉक्यूमेंट्स भी मिले। अब तक जांच में 60 से 70 लाख रुपए की चोरी सिर्फ अविनाश द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। अविनाश को लेकर SIT जांच में खुलासे हुए- -------------------------- ये खबर भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी; शंकराचार्य बोले- मंदिर BJP-RSS का दफ्तर, पुलिस टिन्नू की रिमांड मांगेगी; पोस्टर लगवाने वाले सपा नेता समेत 3 गिरफ्तार अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को कहा- राम मंदिर अभी राम मंदिर नहीं, बल्कि RSS और BJP का कार्यालय है। जब यह वास्तव में राम मंदिर बन जाएगा, तभी दर्शन करने जाऊंगा। उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर ट्रस्ट भी सरकार ने बनाया है। SIT भी सरकार ने ही बनाई। वही चोर, वही पुलिस, क्या निर्णय होगा।’ पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    चंद्रशेखर के धुरंधरों ने थप्पड़बाज SSP से हाथ मिलाया:सुप्रीम कोर्ट में गदर से फिर ACP साहब सुर्खियों में; अंधेरे में BJP नेता का गांव
    Next Article
    ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज, ₹1.60 करोड़ का एक्सीडेंट बीमा:UP के टीचर और नॉन टीचिंग स्टाफ करें अप्लाई, ये डॉक्यूमेंट जरूरी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment