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    राममंदिर चढ़ावा चोरी- टिन्नू को जेल में VIP ट्रीटमेंट:टीवी-सोफा, मच्छर भगाने की मशीन लगी; दावा- विधायक से बढ़िया इंतजाम

    5 hours ago

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    ‘जेल में विधायक को क्या ट्रीटमेंट मिलेगा, जो टिन्नू यादव को मिल रहा है। जेल की बैरक में टीवी लगी है, बैठने के लिए सोफा है, साफ बिस्तर। मच्छर मारने की मशीन लगी है।’ ये दावा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के पड़ोसी का है। वो फैजाबाद जेल में टिन्नू यादव से मिलने गए थे। उनका कहना है- वहां मिलने वालों की लाइन लगी है, टिन्नू का पूरा दबदबा दिखता है। टिन्नू 22 दिन से जेल में है। मोहल्ले की महिलाएं कहती हैं- टिन्नू पर सोने-चांदी की चोरी के आरोप लगने के बाद अब उनके घर की महिलाओं ने गहने पहनना छोड़ दिया है। परिवार कई दिनों तक घर में ही कैद रहा। अब कामकाज पर जाने लगे हैं। टिन्नू के घर का पता बताने को कोई तैयार नहीं राम मंदिर से करीब 3 किमी दूर स्वर्ण द्वार मोहल्ले में रामशंकर यादव का घर है। यहीं उनके तीन अन्य भाइयों का भी घर है। टिन्नू यादव के परिवार में उनकी पत्नी पूनम के अलावा एक बेटा रवि है, जो लोक निर्माण विभाग (PWD) में संविदा कर्मचारी है। 6-7 महीने पहले ही उसकी शादी हुई है। टिन्नू के तीन भाइयों में एक भाई दिनेश की मौत हो चुकी है, उनके दोनों बेटे मनीष और सनी की नौकरियां भी टिन्नू ने राम मंदिर में लगवाई थीं। भतीजा मनीष भी दान चोरी मामले में गिरफ्तार है। दैनिक भास्कर की टीम टिन्नू के मोहल्ले में पहुंची। लोगों से घर का पता पूछा। लोग पत्रकार समझते ही कहते कि हमें नहीं पता, वो कहां रहता है। लोग बात करने को तैयार नहीं थे। गलियों से होते हुए हम जैसे-तैसे उनके घर पहुंचे। घर अंदर से बंद था। मोहल्ले के लोगों से हिडेन कैमरे पर बातचीत करके यह समझा कि पिछले एक महीने में क्या कुछ बदला है? लोग बोले- लगता है सोने-चांदी के जेवर घर से हटा दिए सबसे पहले हमें एक 60 साल के बुजुर्ग मिले। वे कहते हैं- जब से टिन्नू यादव गिरफ्तार हुए हैं, उनके घर पर शाम और रात को रिश्तेदार बहुत आते हैं। ये लोग कुछ देर रहते हैं, फिर चले जाते हैं। दूसरे व्यक्ति ने कहा- टिन्नू यादव गले में हमेशा सोने की एक मोटी चेन पहनता था। उसके परिवार के अन्य लोगों के शरीर पर भी सोने-चांदी के गहने होते थे। लेकिन जब से चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है। तब से घर की महिलाओं ने भी शरीर पर गहने पहनने छोड़ दिए हैं। हमको लगता है कि सारा गहना यहां से हटा दिया है। टिन्नू की पत्नी पूनम भी अब कुछ पहने नहीं दिखती हैं। वह जिस बाइक (बुलेट) से चलते थे, वह भी अब नजर नहीं आती, शायद किसी रिश्तेदार के घर भिजवा दी है। टिन्नू को जेल में हाई-फाई व्यवस्था मिली है… हमारी मुलाकात मोहल्ले में ही बीरेंद्र तिवारी से हुई। बीरेंद्र यहां पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। वह कहते हैं- टिन्नू भाई के अंडर में पहले भी कम से कम 1 हजार पुलिसवाले थे, आज भी वह वैसे ही हैं। वह जेल जरूर गए हैं, लेकिन उनके रुतबे में कोई कमी नहीं है। हम तो उनसे जेल में मिलकर आए हैं। वो खुद ही हमें बता रहे थे कि 4-4 सोफे वाली कुर्सियां लगी हुईं हैं। बैरक में मच्छर भगाने वाली मशीन लगी है, टीवी है। वहां उनसे मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। बाकी के आरोपियों को यह सब सुविधा नहीं मिली हैं, लेकिन उन्हें VIP सुविधा मिली है। हम ये सुनकर चौंक गए। हमने पूछा- आरोप तो यह भी लग रहा है कि वह अखिलेश यादव के करीबी हैं? बीरेंद्र कहते हैं- यह सिर्फ बकवास है, ये लोग 30 सालों से भाजपा से जुड़े हैं। पार्टी के लिए प्रचार करते हैं, सपा और अखिलेश यादव से तो इनका दूर-दूर तक कोई संपर्क नहीं है। आप टिन्नू भाई से बात करेंगे तो वह खुद सपा के लिए उल्टा-सीधा ही बोलेंगे। इस मुद्दे पर हमने अयोध्या रेंज के डीआईजी शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय से सवाल पूछे, वो कहते हैं- जिस स्पेशल बैरक में टिन्नू यादव को रखा गया है, वहां CCTV लगे हैं। मैंने जेल अधीक्षक को टिन्नू यादव की मॉनिटरिंग के लिए कह रखा है। जिन नामों को टिन्नू यादव ने दिया था, वो चुनिंदा लोग ही उससे मुलाकात कर पाते हैं। ‘जिसको चाहते थे, उसे राम मंदिर में लगवा देते थे’ मोहल्ले में ही जनरल स्टोर चलाने वाले एक व्यक्ति कहते हैं- राम मंदिर बनने के बाद से टिन्नू यादव बहुत पावरफुल हो गए थे। जिसकी नौकरी चाहते थे, लगवा देते थे। मैंने अपने भाई की सिफारिश की, लेकिन इन्होंने नौकरी नहीं लगवाई। अपने दोनों भतीजों और एक भाई बलराम की नौकरी लगवाई थी। इसके अलावा भी जो इनके खास थे, उनकी नौकरी लगवा देते थे। एक बात यह भी है कि मोहल्ले में अगर कुछ हो जाए, तो टिन्नू यादव या फिर उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं आता था। बाकी भाई और उनके परिवार के सदस्य आकर शामिल होते थे। दुकानदार कहते हैं- टिन्नू को गाड़ियां बहुत पसंद थीं। पहले उन्होंने एक काले रंग की HF डीलक्स बाइक खरीदी। फिर लाल रंग की बाइक खरीदी। एक बुलेट बाइक ले ली। बाइक चलाते हुए ऊपर की जेब में वॉकी-टॉकी लगाए रहते थे। जो फुल वॉल्यूम में चलता था। ये उस पर आदेश देते थे। अगर कोई गाड़ी उनके सामने खड़ी हो जाए, तो गाली दे देते थे। लोग उनकी पावर जानते थे, इसलिए कोई कुछ बोलता नहीं था। इन लोगों ने चोरी की, लोग आना बंद किए जहां टिन्नू का घर है, वहां से करीब 200 मीटर की दूरी पर नागेश्वर नाथ का एक पुराना मंदिर है। उसी के सामने फूल-माला की दुकान लगाने वाले कहते हैं- टिन्नू समेत 8 लोगों ने जब से चोरी की है, पूरी अयोध्या बदनाम हो गई। अब तो आने वालों की संख्या 75% कम हो गई। जब इतने कम लोग राम मंदिर में आ रहे हैं, तो उससे भी कम लोग नागेश्वर मंदिर में आ रहे हैं। हम तो कहते हैं- इन लोगों से वसूली की जाए, यह संदेश दिया जाए कि अच्छी कार्रवाई हो रही है, आगे ऐसा नहीं होगा। तभी लोगों का भरोसा बढ़ेगा। लोग बोले- टिन्नू ने अपनी मेहनत से पैसा कमाया टिन्नू के मोहल्ले के पास ही बहराइच के आदित्य यादव दुकान चलाते हैं। वह कहते हैं- हमको तो लगता है कि टिन्नू को यादव होने के चलते ही फंसाया जा रहा है। जब से कार सेवकों पर गोली चली थी, तभी से वह मेहनत कर रहे हैं, 2-3 ऑटो चलवा रहे थे, इससे उन्होंने पैसा कमाया। अब लोग कह रहे हैं कि टिन्नू यादव को सोफा मिला है। बाकी लोगों को भी कुर्सी मिली होगी। जबकि चोरी तो उन्होंने भी की है। टिन्नू के पास सभी लॉकर की चाबियां थीं अब तक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए 8 लोगों में टिन्नू यादव ही सबसे पावरफुल था। जब गणना कमरे में दानपात्र खोले जाते थे, तब टिन्नू यादव वहां मौजूद रहता था। इसके बाद जब पैसों की गिनती हो जाती और बैंक पहुंचाना होता था, तब भी टिन्नू यादव जाता था। टिन्नू का भतीजा मनीष भी सीसीटीवी में चोरी करते हुए दिखा है। उसके घरों की तलाशी ली गई। टिन्नू के पास से एक लाख और उसके भतीजे मनीष के पास से 2 लाख कैश मिला था। टिन्नू ने गिरफ्तारी से ठीक पहले एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था। अपनी संपत्तियों को लेकर उन्होंने कहा था कि ये सभी संपत्तियां टेंपो चलवाकर बनाई हैं। 2008 में गांव की एक जमीन बेचने के बाद अयोध्या में जमीन खरीदी थी। फिलहाल पुलिस ने शुक्रवार शाम टिन्नू और मनीष की 38 घंटे की रिमांड ली है, अब नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। ----------------------- ये खबरें भी पढ़ें- राममंदिर चढ़ावा चोरी- आरोपी का परिवार टूटे-फूटे घर में छिपा, पक्के मकान में ताला लगाया; भाई चिल्लाया- अकेला छोड़ दीजिए प्रतापगढ़ में एक मामूली कर्मचारी से कुछ ही महीनों में 2 मकानों के मालिक बने अविनाश शुक्ला की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। गांव के लोग उसकी अचानक बदली किस्मत से दंग थे। 4 जून को जब पुलिस ने उसके घर से 20.39 लाख रुपए और 1121 अमेरिकी डॉलर जब्त किए, तो सारे सवालों के जवाब मिल गए। पूरी खबर पढ़िए… -------------------------- ‘राम मंदिर चोरी वाला लवकुश तुम्हारे गांव का है न…’, लोग बोले- बदनाम कर दिया; दादी का आरोप- ठाकुरों ने हमारे घर में रुपए छिपाए राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का आरोपी लवकुश जेल में है और उसके परिवार की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। 7 जून के बाद से ही परिजन घर में कैद हैं। न कोई उनसे मिलने जाता है, न ही वे लोगों के सामने पड़ना चाहते हैं। कोई सीधे शब्दों में इस बात को कहता नहीं, लेकिन लवकुश के परिवार के लिए ‘सामाजिक बहिष्कार’ जैसा माहौल दिखा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राममंदिर चढ़ावा चोरी-आरोपी के खाते में ₹7.32 लाख मिले: रमाशंकर का परिवार बोला- सैलरी बचाई; सुभाष के बेटे ने कहा- जाओ, नहीं तो पुलिस बुलाएंगे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव भी शामिल हैं। दैनिक भास्कर की टीम दोनों के घर पहुंची, उनके परिवार और पड़ोसियों से बात की। रमाशंकर का परिवार अयोध्या में राम सखा बगिया मंदिर के 2 कमरों में रहता है। पुलिस को उसके बैंक खाते में 7.32 लाख रुपए मिले हैं। परिवार का दावा है कि यह रकम उसकी कई साल की बचाई हुई सैलरी है। पढ़िए पूरी खबर… राममंदिर चढ़ावा चोरी-कविता सुनाकर चंपत के करीब पहुंचा अनुकल्प: गांववाले नाम सुनते ही दरवाजे बंद कर लेते हैं; दादा बोले- रामनाम की लूट में पकड़ाया अनुकल्प को कविता पढ़ना-सुनना पसंद था। साल-2024 में वह अयोध्या के एक कवि सम्मेलन में मंच पर कविताएं पढ़ रहा था। चीफ गेस्ट थे चंपत राय, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव। उन्हें कविताएं बहुत पसंद आईं। यह पहला मौका था, जब चंपत ने अनुकल्प के सिर पर हाथ रखा। फिर क्या था, चंपत राय को ‘बाबूजी…बाबूजी’ कहकर अनुकल्प ने राम मंदिर में एंट्री ले ली। पढ़िए पूरी खबर… राममंदिर चढ़ावा चोरी- आरोपी करुणेश शराब का आदी था: लोग बोले- 2 शादी की, कोई छू ले तो बार-बार नहाता था; हमारा गांव बदनाम हो गया ‘ये गांव ब्राह्मणों का है। घर-घर राम पूजे जाते हैं, कभी कोई गलत काम नहीं हुआ। अचानक हमारा गांव बदनाम हो गया। अब लोग ‘चढ़ावा चोर का गांव’ कहते हैं। सिर उठाकर चलना मुश्किल हो गया है।’ राम मंदिर से 50 किमी दूर जयराजपुर गांव के लोग यह कहते हुए मुंह छिपा लेते हैं। मंदिर में चढ़ावा चोरी का आरोपी करुणेश पांडे इसी गांव का है। अयोध्या पुलिस ने उससे 18 लाख रुपए बरामद किए हैं। पढ़िए पूरी खबर...
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