Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रामनवमी पर होगा रामलला का सूर्य तिलक:19 मार्च को राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी विशेष पूजा, पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ होंगे मुख्य आचार्य

    4 hours ago

    1

    0

    चैत्र शुक्ल नवमी यानी 26 मार्च को रामनगरी में रामनवमी का पर्व भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का प्राकट्योत्सव होगा और उनके ललाट पर सूर्य तिलक किया जाएगा। वासंतिक नवरात्र के साथ ही श्रीराम मंदिर सहित सभी वैष्णव मंदिरों में नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। वर्ष प्रतिपदा से शुरू होगा नौ दिवसीय अनुष्ठान 19 मार्च से वर्ष प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के साथ वासंतिक नवरात्र का शुभारम्भ होगा। इसी के साथ राम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, चतुर्वेद पारायण, विविध धार्मिक ग्रंथों का पाठ और हवन-पूजन का क्रम नौ दिनों तक चलेगा। इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति 26 मार्च को रामनवमी के दिन होगी। उत्तर-दक्षिण के विद्वान आचार्य होंगे शामिल अनुष्ठान में उत्तर और दक्षिण भारत के विद्वान आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। मंडल पूजन का कार्यक्रम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी और पेजावर मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ के निर्देशन में संपन्न होगा। सूर्य तिलक के लिए 10 साल का अनुबंध रामलला के सूर्य तिलक की वैज्ञानिक व्यवस्था को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने आप्टिका (बंगलुरु) और आईआईएएफ के साथ दस सालों का अनुबंध किया है। इसके तहत हर वर्ष रामनवमी के दिन निर्धारित समय पर सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर केंद्रित की जाएंगी। 19 मार्च को राम नाम मंदिर स्थापना अनुष्ठान वासंतिक नवरात्र के पहले दिन 19 मार्च को राम नाम मंदिर की स्थापना का विशेष अनुष्ठान आयोजित होगा। इसके मुख्य आचार्य काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ होंगे। उनके साथ दक्षिण भारत और काशी के 51 विद्वान आचार्यों का दल भी शामिल रहेगा। सुबह 8 बजे से प्रारंभ यह अनुष्ठान पूर्वाह्न 11 बजे के शुभ मुहूर्त में सम्पन्न होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी शामिल इसी शुभ मुहूर्त में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पूजन में सहभागी होंगी। उनका अयोध्या प्रवास लगभग डेढ़ घंटे का रहेगा। 400 श्रमिकों और विशेषज्ञों का होगा सम्मान कार्यक्रम के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु राम मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न एजेंसियों के करीब 400 श्रमिकों, कारीगरों, तकनीकी विशेषज्ञों और वास्तुकारों को सम्मानित करेंगी। रामनवमी को लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना के मद्देनजर व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    होली से पहले NHM-मनरेगा कर्मियों का वेतन रुका:हरदोई में शासन ने दिए थे 28 फरवरी तक वेतन के निर्देश
    Next Article
    संभल में शराब पीने के दौरान चली गोली:एक व्यक्ति घायल, आरोपी फरार; पुलिस के सामने बयान बदले

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment