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    राधा गोविंद कॉलेज-अस्पताल की खरीद में 11 करोड़ की स्टांप:पूरे परिसर की खरीद तीन बैनामों से हुई, डीएम ने पांच विभागों की टीम से जांच कराई

    5 hours ago

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    गढ़ रोड पर स्थित राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल समेत पूरे परिसर की खरीद में 11 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। संस्था के खिलाफ स्टांप चोरी का केस दर्ज कर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल को अप्रैल 2025 में श्री कृष्ण शिक्षा प्रसार समिति ने मेसर्स रुहेलखंड एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट को बेचा था। इस खरीद के लिए कुल तीन बैनामे किए गए थे। इनमें 19.12 करोड़ रुपये का स्टांप और निबंधन शुल्क जमा किया गया था। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने इस संपत्ति की बिक्री के बैनामों में जमा किए गए स्टांप शुल्क की जांच का आदेश दिया था। इसके लिए एक जांच टीम बनाई गई। इसमें एडीएम वित्त, एआईजी निबंधन, एसडीएम सदर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी और उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम को संपत्ति का भौतिक परीक्षण कर वहां मौजूद जमीन, भवन, भवनों में रखी सामग्री, मशीनें, परिसर में लगे पेड़ और अन्य चीजों का मूल्यांकन करने को कहा गया था। इसी मूल्यांकन के आधार पर स्टांप शुल्क की गणना करने का निर्देश दिया गया था। जांच टीम ने कॉलेज और अस्पताल के भवन और परिसर का कई बार निरीक्षण किया और उसका मूल्यांकन किया। पूरी संपत्ति का मूल्यांकन 375 करोड़ रुपये से ज्यादा पाया गया। इस मूल्यांकन राशि पर स्टांप और निबंधन शुल्क की राशि 30 करोड़ रुपये से अधिक तय की गई है। तीनों बैनामों में संस्था ने करीब 19 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क जमा किया था। जांच में पता चला कि संपत्ति खरीदने वाली संस्था पर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का स्टांप शुल्क बकाया है। इस बकाया राशि की वसूली के लिए स्टांप केस दर्ज किया गया है। सहायक आयुक्त स्टांप और सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस ने बताया कि मूल्यांकन और जांच में 11 करोड़ रुपये से अधिक के स्टांप शुल्क की कमी पाई गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। स्टांप केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी सुनवाई जिलाधिकारी, एडीएम वित्त या एआईजी निबंधन में से किसी एक अधिकारी की कोर्ट में होगी। कोर्ट कौन सा होगा, यह जिलाधिकारी तय करेंगे। संस्था को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
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