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    रायबरेली में प्राकृतिक खेती ही भविष्य का रास्ता- राकेश सचान:बोले- किसानों की लागत होगी शून्य, बढ़ेगी आय; उत्पादों की अलग ब्रांडिंग करेगी सरकार

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की लागत कम करने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वह रायबरेली में आयोजित दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला 18 और 19 जून को ‘सेवा पखवाड़ा’ के अंतर्गत आयोजित की गई, जो 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक चल रहा है। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, उसके आर्थिक लाभों और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि रासायनिक खेती में किसानों को खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों पर प्रति एकड़ हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि प्राकृतिक खेती में गौमूत्र और गोबर आधारित देसी खाद के उपयोग से खेती की लागत लगभग शून्य तक लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में किडनी, लिवर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों का मानना है कि रसायनयुक्त खाद्यान्न इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में प्राकृतिक खेती केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हो गई है। प्राकृतिक उत्पादों को मिलेगा अलग बाजार राकेश सचान ने बताया कि शुरुआत में प्राकृतिक खेती का उत्पादन रासायनिक खेती की तुलना में कुछ कम हो सकता है, लेकिन सरकार किसानों को नुकसान नहीं होने देगी। इसके लिए प्राकृतिक खेती से तैयार अनाज, फल और सब्जियों की अलग ब्रांडिंग और पैकेजिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जो शुद्ध और रसायन-मुक्त खाद्य उत्पादों के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं। सरकार इन उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष आउटलेट और अलग बाजार विकसित कर रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। रायबरेली के किसानों के लिए बड़ा अवसर मंत्री ने कहा कि रायबरेली की भौगोलिक स्थिति किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। जनपद सीधे लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के बीच स्थित है, जहां जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रायबरेली के किसान अपनी उपज सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचाकर अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गंगा-यमुना के किनारे स्थित क्षेत्रों और पूरे बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास प्रदर्शनी और जनकल्याण योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के 12 गौरवशाली वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर आयोजित विकास प्रदर्शनी में कृषि, विज्ञान, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मेले, कौशल विकास शिविर और जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए, जहां लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। महिलाओं और युवाओं को रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए भी विशेष पहल की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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