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    संभल हिंसा आरोपी ने औवेसी की पार्टी जॉइन की:बोले- पार्टी कहेगी तो चुनाव लड़ूंगा, जब तक जिस्म में खून है, मुसलमानों की आवाज उठाऊंगा

    3 hours ago

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    संभल हिंसा के मुख्य आरोपी एडवोकेट जफर अली ने असदुद्दीन ओवैसी का पार्टी AIMIM जॉइन कर ली। जफर ने मुरादाबाद में शनिवार रात AIMIM चीफ ओवैसी की मौजूदगी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) में शामिल हुए। शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने कहा- मैं अपनी कौम से गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे खून का एक-एक कतरा मजहब-ए-इस्लाम के लिए है। मैं मुसलमानों के लिए आवाज उठाता रहूंगा। संभल हिंसा के आरोपों पर कहा कि सब निराधार हैं। हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है। जल्द ही केस रद्द हो जाएगा। जफर अली ने कहा- पहले मैंने चुनाव लड़ने की बात कही थी। लेकिन, उस वक्त तक मेरी कोई पार्टी नहीं थी। मैं सियासी नहीं था। अब अवाम की मांग पर मैंने AIMIM जॉइन की है। अगर मुझसे पार्टी कहेगी, तो मैं इलेक्शन लड़ूंगा। जैसा हमारे बैरिस्टर असदुद्दीन साहब हुक्म करेंगे, वैसा करूंगा। वरना एक सिपाही बनकर AIMIM की खिदमत करूंगा। ओवैसी ने जफर की जमकर तारीफ की। कहा- जफर संभल से आए हैं। उन्होंने अल्लाह के घर की हिफाजत के लिए जेल जाना पसंद किया, जालिम से समझौता करना नहीं। इससे पहले, शुक्रवार को जफर अली ने मुरादाबाद में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ मंच साझा किया था। पहले निर्दलीय लड़ने की कही थी बात जफर अली ने पहले कहा था कि जनता के कहने पर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका कहना था कि यदि किसी दल से टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। अब उन्होंने AIMIM में शामिल होकर अपनी राजनीतिक दिशा तय कर ली है। पहले भी साझा कर चुके हैं पार्टी का मंच इससे पहले शुक्रवार को जफर अली ने मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ पहली बार मंच साझा किया था। इस दौरान संभल नगर पालिका परिषद की चेयरमैन आसिया मुशीर के पति चौधरी मुशीर खां और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला भी मौजूद थे। जफर अली शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी से जुड़े रहे हैं। अब संभल हिंसा के बारे में जानिए 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने चंदौसी की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए वाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर उसी शाम मस्जिद परिसर का पहला सर्वे कराया गया। 24 नवंबर 2024 को दूसरे चरण का सर्वे शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और सर्वे के दौरान विवाद बढ़ने के बाद हिंसा भड़क गई। पुलिस के अनुसार, उस समय पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना में तत्कालीन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, एक डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। 12 एफआईआर, 2750 से ज्यादा लोगों पर केस घटना के बाद संभल कोतवाली और थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने 2750 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, बाद में दाखिल चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर सुहैल इकबाल का नाम हटा दिया गया। 158 आरोपी जेल भेजे गए पुलिस ने जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर एडवोकेट जफर अली समेत 158 आरोपियों को जेल भेजा। इनमें तीन महिलाएं और फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन कथित सहयोगी—मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम—भी शामिल थे। बाद में मुल्ला अफरोज पर अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाया गया। इसके बाद वारिस और गुलाम पर भी रासुका के तहत कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट से मिली जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद एडवोकेट जफर अली 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा हुए। उन्हें 24 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और 131 दिन बाद रिहाई मिली। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- राम मंदिर चढ़ावा चोरी- किरण एस. लीड करेंगे नई SIT:अयोध्या DIG, SSP भी टीम में, 2 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इसमें तीन सदस्य है। इसकी कमान आईजी लखनऊ रेंज किरण एस. को सौंपी गई है। पहले SIT की अध्यक्षता IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे। किरण एस. उनकी टीम में थे, मगर टीम के इंचार्ज विश्वास पंत थे। पढ़ें पूरी खबर…
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