Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    संभल में ध्वजा मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा:रायसत्ती माता मंदिर में उमड़ी भीड़, चौपाई लेकर पहुंचे लोगों ने होली के गीत सुनाकर डांस किया

    4 hours ago

    1

    0

    संभल में होली के अगले दिन ध्वजा मेले का आयोजन किया गया। रायसत्ती माता मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थाना पुलिस के साथ-साथ आरपीएफ और पीएसी बल तैनात किया गया था। हालांकि, भागीरथी तीर्थ कुंड क्षतिग्रस्त होने और उसमें पानी न होने के कारण लोग स्नान नहीं कर पाए। संभल शहर के थाना रायसत्ती क्षेत्र स्थित मोहल्ला रायसत्ती माता के थान पर यह ध्वज मेला लगा। पिछले साल की तुलना में इस बार चौपाइयों की संख्या कम रही, फिर भी हजारों लोग मेले में घूमने पहुंचे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने मेले में लगी दुकानों से जमकर खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। आसपास के पांच गांवों से आई चौपाइयों ने होली के गीत सुनाए और नृत्य किया। मंदिर के पुजारी प्रदीप गिरी ने बताया कि यह मेला सदियों से लगता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले यहां काफी भीड़ होती थी, लेकिन समय के साथ भीड़ कम होने लगी है। असमोली सीओ कुलदीप कुमार, एसडीएम रामानुज, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवस्था और सुरक्षा का समय-समय पर निरीक्षण किया। ध्वजा मेले का आयोजन गुरुवार शाम 4 बजे शुरू हुआ और रात करीब 11 बजे संपन्न हुआ। मेले की तैयारियां एक दिन पहले से ही शुरू हो गई थीं, और सुबह से ही लोग मेले में पहुंचने लगे थे। गांव लोधी सराय के केदार सिंह ने बताया कि उनके बड़े-बुजुर्गों के जमाने से यहां चौपाइयां आती रही हैं और यह परंपरा आज भी जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले बहुत चौपाइयां आती थीं, लेकिन अब कुछ ही आती हैं। 70 वर्षीय केदार सिंह ने कहा कि उनकी तीन से चार पीढ़ियां इस मेले से जुड़ी रही हैं। गांव जलाल मोहम्मदाबाद के रहने वाले तेजपाल सिंह ने बताया कि किसी जमाने में होली के अगले दिन ध्वज का मेला बहुत भारी होता था लेकिन अब तो कुछ काम हो गया है और चौपाई भी गिनी-चुनी आती है। बढ़ई बाली बस्ती के युवक दुर्गेश सैनी ने बताया कि रायसत्ती तीर्थ पर माता का थाने यहां पूजन होता है और होली के अगले दिन ध्वजा मेला लगता है, हमारे बुजुर्गों के समय से यहां चौपाई आ रही है और इस परंपरा के तहत हमारे समाज के लोग इस चौपाई को लेकर के आए हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रयागराज में फायरिंग करने वाले को जेल:पुलिस पूछताछ में बोला- मैं कपड़ा व्यापारी हूं, कुर्ते की सप्लाई करने आया था
    Next Article
    दयालबाग में सेवा, सत्संग और तिलक संग होली:सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आध्यात्मिक होली उत्सव, सत्संगियों ने किया पाठ

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment