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    सबसे सस्ता होम लोन कैसे मिलेगा?:कम सैलरी में भी बढ़ा सकते हैं एलिजिबिलिटी; बैंक एग्रीमेंट के छिपे चार्ज भी जानें

    5 hours ago

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    अगर आप नया घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। होम लोन लेने वाले हैं, तो सही तैयारी से आपको कम ब्याज पर ज्यादा लोन मिल सकता है। साथ ही, लाखों रुपए की बचत भी हो सकती है। इसके लिए आपको छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना है। इन्हें स्टेप-बाई-स्टेप समझते हैं…। सरकारी बैंकों में सबसे सस्ता होम लोन फिलहाल सरकारी बैंक सबसे कम ब्याज दर पर होम लोन दे रहे हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में शुरुआती ब्याज दर 7.10% सालाना है। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में यह 7.15%, बैंक ऑफ बड़ौदा में 7.20%, एसबीआई में 7.25% और एचडीएफसी बैंक में 7.75% से शुरू होती है। लेकिन ये दरें उन्हीं ग्राहकों को मिलती हैं, जिनका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा होता है। प्रोफाइल के हिसाब से बैंक ब्याज दर बढ़ा भी सकते हैं। कम सैलरी में इन तरीकों से मिल सकता है होम लोन आपकी सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जा सकता है। ये बैंक फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो (FOIR) के आधार पर तय करते हैं। आमतौर पर 40% से 50% आय तक EMI की अनुमति होती है। अगर आपकी इन-हैंड सैलरी ₹30 हजार है, तो बैंक करीब ₹15 हजार तक EMI कर सकते हैं। 7.25% ब्याज और 20 साल की अवधि पर आपको ₹18.5 लाख से ₹19 लाख तक होम लोन मिल सकता है। अगर सैलरी कम है, इसलिए बैंक कम लोन मंजूर कर रहा है तो तीन तरीके काम आ सकते हैं- फ्लोटिंग या फिक्स्ड... कौन-सा लोन बेहतर? 2026 में 95% से ज्यादा होम लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर दिए जा रहे हैं। फ्लोटिंग ब्याज दर लोन की अवधि के दौरान स्थिर नहीं रहती, बल्कि बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार बदलती रहती है। जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो आपकी फ्लोटिंग ब्याज दर भी बढ़ जाती है। जब आरबीआई रेपो रेट घटाता है, तो आपकी ब्याज दर भी कम हो जाती है। वहीं, फिक्स्ड रेट पूरे लोन के दौरान एक जैसा रहता है, लेकिन यह फ्लोटिंग रेट से 1.5% से 3% तक महंगा हो सकता है। समय से पहले लोन चुकाने पर पेनाल्टी भी लग सकती है। पुराना होम लोन कब ट्रांसफर करें? अगर आपका मौजूदा बैंक 8.50% ब्याज ले रहा है और दूसरा बैंक 7.25% पर लोन देने को तैयार है, यानी कम से कम 1.25% का अंतर है, तभी बैलेंस ट्रांसफर पर विचार करें। यह फैसला लोन के 5 से 7 साल के भीतर करना ज्यादा फायदेमंद रहता है। ट्रांसफर से पहले प्रोसेसिंग फीस, लीगल फीस और दूसरे खर्च भी जोड़कर जरूर देखें। पहली बार घर खरीद रहे हैं तो ये फायदे मिल सकते हैं अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं और एलिजिबिलिटी पूरी करते हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ब्याज पर सब्सिडी मिल सकती है। इनकम टैक्स की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक टैक्स छूट मिलती है। वहीं, धारा 80C के तहत मूलधन चुकाने पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। ध्यान रहे यह टैक्स लाभ केवल ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स के लिए है। EMI कम करने के आसान तरीके अगर EMI ज्यादा लग रही है तो बोनस, एरियर या दूसरी एक्सट्रा रकम मिलने पर उसका कुछ हिस्सा सीधे लोन में जमा करें। इससे मूलधन कम होगा और EMI या लोन की अवधि घट सकती है। अगर बैंक ने नए ग्राहकों के लिए ब्याज दर कम कर दी है, तो आप 0.25% से 0.50% तक स्विचिंग फीस देकर अपने पुराने होम लोन को भी नई, कम ब्याज दर पर बदलवा सकते हैं। इससे आपकी EMI या कुल ब्याज का बोझ कम हो सकता है। एग्रीमेंट साइन करने से पहले ये चार्ज जरूर देखें सिर्फ ब्याज दर देखकर लोन न लें। बैंक प्रोसेसिंग फीस के अलावा लीगल फीस, टेक्निकल इंस्पेक्शन फीस (करीब ₹3,000 से ₹10,000), MODT स्टांप शुल्क (लोन राशि का 0.1% से 0.5%) और डॉक्यूमेंट संबंधी दूसरे चार्ज भी लेते हैं। इसलिए एग्रीमेंट साइन करने से पहले सभी शुल्क अच्छी तरह पढ़ लें। -------------------------------------- आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- PF से पैसे कैसे निकाले, स्टेप-बाई-स्टेप जानिए, नौकरी बदलते ही ट्रांसफर होगा बैलेंस अब इमरजेंसी में प्रोविडेंट फंड (PF) निकालने के नियम आसान हो गए हैं। घर बैठे आवेदन और फिर तय दिनों में फंड आपके अकाउंट में आ जाएगा। अब नौकरी बदलने के साथ ही नई कंपनी में फंड ऑटोमेटिक ट्रांसफर भी हो जाएगा। इस महीने EPFO ने 8 नियमों में बदलाव किया है। पढ़िए पूरी खबर… रेलवे ने 13 नियम बदले:बिना टिकट यात्रा, लेडीज कोच में घुसना, ट्रेन में स्मोकिंग करना पड़ेगा महंगा, अब मौके पर जुर्माना वसूलेंगे रेलवे ने 13 नियमों में बदलाव किए हैं। अब ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर गंदगी फैलाना, बिना टिकट यात्रा करना, लेडीज कोच में चढ़ना या नशे में हंगामा करना महंगा पड़ेगा। ऐसे मामलों में RPF और TTE मौके पर ही जुर्माना वसूलेंगे। जुर्माना भरने पर मामला वहीं खत्म हो जाएगा, लेकिन पेनल्टी नहीं देने पर कोर्ट में पेश किया जा सकता है। जेल तक भेजा जा सकता है। पढ़िए पूरी खबर…
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