Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सिंगर सोनू निगम की गर्दन की नसें दबीं:MRI, CT स्कैन हुआ, पेन किलर्स से गला भारी, बोले- भुगत रहा हूं, कॉन्फिडेंस कम हुआ

    7 hours ago

    1

    0

    सिंगर सोनू निगम की गर्दन की नसें दब गई हैं। ये जानकारी सिंगर ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दीं और दिखाया कि कैसे वो पट्टियां लगाकर परफॉर्मेंस की तैयारी कर रहे हैं। ये घटना 13 जून की हो। सोनू निगम ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, देखिए मेरी नसें दब गई हैं। मैं तो एक हफ्ते से भुगत रहा हूं। MRI, CT स्कैन सब हुआ। दवाइयां, फिजियोथैरेपी बहुत थकान का काम है। फिलहाल पेनकिलर्स ले रहा हूं, जिससे गला भी थोड़ा भारी हो गया है। आगे सिंगर ने कहा, आज (13 जून) में एक महीने 10-12 दिन बाद परफॉर्म कर रहा हूं। मेरा कॉन्फिडेंस वैसे भी थोड़ा कम है। नसों को आराम देने के लिए जो दवा ले रहा हूं, उनसे मेरे गले पर असर पड़ा। कोई बात नहीं, भगवान स्टेज पर मुझे शक्ति दे। कई सिंगर्स कर रहे हैं सोनू निगम के लिए दुआएं सोनू निगम की पोस्ट सामने आने के बाद कई सिंगर्स उन्हें दुआएं दे रहे हैं। इनमें कविता सेठ, रूपकुमार राठौड़, अलीशा चिनॉय शामिल हैं। सोनू निगम के बारे में पढ़िए- घर की स्थिति नहीं थी ठीक, स्टेज पर गाना गाया करते थे सोनू के पिता सोनू निगम के पिता अगम कुमार निगम एक गायक हैं। एक समय घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए वे शादियों और कई कार्यक्रमों में स्टेज पर गाना गाया करते थे। इसी के चलते सोनू को भी छोटी उम्र से ही संगीत में रुचि होने लगी। जब सोनू सिर्फ 4 साल के थे और उनके पिता स्टेज पर गा रहे थे, तभी सोनू अचानक रोने लगे और गाने की जिद करने लगे। यह देखकर उनके माता-पिता हैरान रह गए, क्योंकि इससे पहले सोनू ने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया था, न ही कोई गाना गाया था। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने कहा कि बच्चा है, गाने दो, तो माता-पिता ने भी उन्हें मंच पर जाने दिया। पिता से विरासत में मिला संगीत सोनू ने पहली बार अपने पिता के साथ मंच पर मोहम्मद रफी का मशहूर गाना 'क्या हुआ तेरा वादा' गाया था। उनकी आवाज में इतनी मिठास कि वहां मौजूद माता-पिता ही नहीं, बल्कि हर कोई हैरान रह गया। उसी पल उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि सोनू के भीतर प्रतिभा छिपी है। संगीत की प्रारंभिक शिक्षा सोनू को पिता से ही मिली। इसके बाद धीरे-धीरे सोनू ने पिता के साथ मेलों, शादी समेत हर तरह के इवेंट में गाने गाए। हालांकि जब सोनू बड़े हो रहे थे, तो उन्होंने एक समय वैज्ञानिक बनने की इच्छा भी जताई, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि वे इससे कभी दूर नहीं हो पाए। सबकुछ छोड़कर मुंबई आए, 4 साल तक नहीं मिला काम सोनू को धीरे-धीरे दिल्ली में अच्छी-खासी पहचान मिलने लगी थी। उनकी गायकी को लोग काफी पसंद करने लगे थे। छोटे से लेकर बड़े इवेंट्स तक में उन्हें गाने के लिए बुलाया जाने लगा, लेकिन सोनू और उनके पिता जानते थे कि अगर सिंगिंग की दुनिया में बड़ा नाम कमाना है, तो दिल्ली से निकलकर मुंबई जाना ही होगा। इसके बाद वे 1991 में अपने पिता के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए। हालांकि सोनू ने पहले कभी संगीत की शिक्षा नहीं ली थी, लेकिन मुंबई जाने से छह महीने पहले उन्होंने ताहिर खान साहब से संगीत सीखा। उस समय सोनू की उम्र 18 साल थी। मुंबई आने के बाद शुरुआती दौर में उन्हें कोई काम नहीं मिला। सोनू और उनके पिता ने कई म्यूजिक कंपोजर्स के घरों के चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था कि उनकी आवाज में बहुत ज्यादा वैराइटी है और उसे कंट्रोल करना पड़ेगा। इसी तरह चार साल तक उन्हें कोई काम नहीं मिला। इस दौरान घर चलाने के लिए सोनू स्टेज पर मोहम्मद रफी के गाने गाया करते थे। उन्होंने सुदीप रिकॉर्डिंग स्टूडियो में भी प्रयास किया, लेकिन वहां उन्हें गाना रिकॉर्ड करने की अनुमति नहीं दी गई, जिस कारण वह बहुत रोए थे। टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार से मुलाकात, चमकी किस्मत सोनू के गाने टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार को काफी पसंद आए। 1992 में उन्होंने सोनू को स्टूडियो में बुलाया। उस समय टी-सीरीज ने एक एल्बम रफी की यादें लॉन्च किया था, जिसमें सोनू निगम को गाने का मौका दिया गया। सोनू ने इस ऑफर को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया। इस एल्बम में उन्होंने मोहम्मद रफी के गानों को अपनी आवाज में गाया। साथ ही उन्होंने कई भजनों की भी रिकॉर्डिंग की। इसी के जरिए उन्हें धीरे-धीरे पहचान मिलने लगी। उन्होंने कई कॉमर्शियल एड्स के लिए भी काम किया। उनकी आर्थिक स्थिति भी अब पहले से बेहतर होने लगी थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से अपनी मां और दोनों बहनों को भी मुंबई बुला लिया। सोनू निगम ने अपना पहला गाना फिल्म जनम के लिए रिकॉर्ड किया था, लेकिन यह फिल्म कभी रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म बेवफा सनम का गाना हिट हुआ, मिली पहचान 1995 में गुलशन कुमार ने एक बार फिर सोनू को फिल्म बेवफा सनम में गाना गाने का मौका दिया। इस फिल्म में उन्होंने ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ गाना गाया, जो काफी हिट हुआ और इसने उन्हें एक नई पहचान दिलाई। इसी साल उन्होंने जी टीवी के म्यूजिकल रियलिटी शो सा रे गा मा में बतौर होस्ट काम करना शुरू किया। यह शो बेहद लोकप्रिय हुआ और सोनू को हर घर में पहचान मिल गई। 1997 में उन्होंने फिल्म बॉर्डर में रूप कुमार राठौड़ के साथ मिलकर ‘संदेशे आते हैं’ गाना गाया। यह गाना देशभक्ति की भावना से भरा हुआ था और सुपरहिट साबित हुआ। इस गाने के लिए सोनू को 'बेस्ट प्लेबैक सिंगर' का अवॉर्ड भी मिला। हालांकि उन्होंने यह अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि इस गाने में रूप कुमार राठौड़ की भी अहम भूमिका थी, लेकिन सम्मान केवल सोनू को दिया गया था। इस वजह से उन्होंने अवॉर्ड समारोह में न जाने का निर्णय लिया। इसी दौरान, 1997 में रिलीज हुई फिल्म परदेस में उनका गाया हुआ गाना ‘ यह दिल दीवाना’ कल्ट हिट बन गया। इसके बाद सोनू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे एक के बाद एक हिट गाने गाते चले गए। अब तक वह 32 भाषाओं में 6 हजार से ज्यादा गाने गा चुके हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    आलिया का दीपिका की जगह लेना तय नहीं:कल्कि 2898 AD की शूटिंग का दावा गलत, अल्फा में सीन चुराने के आरोप से ट्रोलिंग जारी, ट्रेलर आया
    Next Article
    गिल की 38 बॉल पर फिफ्टी:रोहित शर्मा 48 रन बनाकर आउट; अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत 146/2

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment