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    सहारनपुर में खामेनेई की मौत पर मदनी भड़के:मौलाना बोले- ईरान जैसी घटनाओं से बदले की भावना जन्म लेती है

    3 hours ago

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    जमीयत उलमा-ए-हिंद (M) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय विवाद का समाधान जंग से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शक्ति के बल पर अपनी बात मनवाने की कोशिशें केवल घृणा, प्रतिशोध और मानवीय त्रासदियों को जन्म देती हैं। सोमवार को जारी बयान में मौलाना मदनी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के इंतकाल पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के परिजनों, सहयोगियों और ईरान की जनता के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद इस दुख की घड़ी में ईरान के लोगों के साथ खड़ी है। मौलाना मदनी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल की आक्रामक कार्रवाई ने न केवल क्षेत्रीय शांति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी बड़े खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि किसी देश की नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और समझौतों के विरुद्ध है और यह दुनिया को बर्बरता की ओर धकेलने के समान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हत्या और रक्तपात किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकते। ऐसी घटनाएं बदले की भावना को जन्म देती हैं, जिससे हालात और अधिक विस्फोटक बन जाते हैं। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है, जो पहले ही संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे होते हैं। मौलाना मदनी ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर युद्धविराम सुनिश्चित करें, तनाव में कमी लाएं और सार्थक कूटनीतिक वार्ता की दिशा में प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस पहल नहीं की गई तो इसके दूरगामी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि विश्व शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद, संयम और आपसी सम्मान ही एकमात्र रास्ता है।
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