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    सड़क की बनावट बनी चार दोस्तों की मौत की वजह:मथुरा के लोग बोले- सिस्टम की लापरवाही से हुआ हादसा

    1 hour ago

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    मथुरा के थाना मगोर्रा क्षेत्र में नहर में कार गिरने की बजह से हुई चार युवकों की मौत के बाद सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे वाली जगह के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि गोवर्धन बाईपास पर हादसे होते रहते हैं और इसकी बजह है सड़क की बनावट। बुधवार देर रात को हुआ हादसा की भी यही बजह रही। स्थानीय लोगों की मानें तो इस रोड पर कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। पहले जानिए क्या था हादसा बुधवार की रात को चार दोस्त अपनी फ्रॉन्क्स कार से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए राजस्थान के डीग जा रहे थे। यह लोग मथुरा से गोवर्धन पहुंचे और फिर वहां से बाईपास रोड से होते हुए डीग के लिए निकले। चारों दोस्त राहुलअमित,मोहित और गुलशन जैसे ही नगला दैवीय के पास पहुंचे कि तभी कार अनियंत्रित हो गयी और गोवर्धन कैनाल में जा गिरी। हादसे में चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। हादसे वाली जगह को कहा जा रहा अंधा मोड़ जिस जगह हादसा हुआ वहां हादसे के क्या कारण रहे यह जानने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। हादसा मथुरा गोवर्धन रोड से बने बाईपास पर करीब 7 किलोमीटर डीग की तरफ वह जगह मिली जहां बुधवार रात को दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे की जगह बहुत विकट कर्व मिला। मोड़ ऐसा कि सामने रास्ता कहां जा रहा आमने सामने से स्पस्ट नजर ही न आये। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मोड़ अंधा मोड़ बनता जा रहा है। इस मोड़ पर कई आसपास के गांव के रहने वाले ग्रामीण मिले। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने ग्रामीणों से यह जानने का प्रयास किया कि आखिर इस जगह हादसे क्यों होते हैं। ग्रामीणों ने बताये चार कारण नगला देविया के पास मौजूद इस जगह हादसे क्यों होते हैं इस पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश भगत ने बताया कि इसके चार कारण है। सबसे पहला और अहम् कारण यहां तीव्र कर्व होना,दूसरा रात के समय पूरे बाईपास पर एक भी जगह स्ट्रीट लाइट का न होना,तीसरा इतना तीव्र मोड़ होने के बाबजूद ब्रेकर नहीं बनाये गए, वहीं चौथा कारण है कि इस मोड़ से पहले दोनों तरफ कोई तीव्र मोड़ होने की जानकारी देने के लिए साइनेज बोर्ड नहीं लगाया गया। इस बाईपास पर तेज रफ़्तार में वाहन आते हैं और जैसे ही मोड़ के पास आते हैं तो वह गाडी की स्पीड कम करने और नियंत्रण करने का प्रयास करते हैं जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाता है और कैनाल में गिर जाता है और हादसे का शिकार बन जाते हैं। सड़क में है उतार चढाब नगला दैविया के पास मौजूद इस तीव्र मोड़ पर स्थानीय निवासी कृष्णा कुंतल मिले। कृष्णा कुंतल ने बताया कि यह बिल्कुल अंधा मोड़ है,बहार से आने वालों को कुछ दिखता नहीं है। स्थानीय लोग भी कभी कभी धोखा खा जाते हैं। इस जगह चार मोड़ हैं ,इसके बाबजूद न स्ट्रीट लाइट है,न ब्रेकर है। इस पूरे रोड पर डबिंग है उतार चढाब हैं। गाड़ी यहां अगर थोड़ी स्पीड ज्यादा हो तो उछलते कूदते चलती है। जबकि डिवाइडर के रूप में कैनाल है। यही बजह हैं जिसकी बजह से हादसे हो जाते हैं। कृष्णा कुंतल ने बताया रोड डिजाइनिंग की बहुत बड़ी कमी है। 14 किलोमीटर का है बाईपास गोवर्धन बाईपास 14 किलोमीटर का है और इसकी दस मीटर चौड़ाई है। इस बाईपास को मई 2020 में स्वीकृति मिली थी। इस बाईपास का उद्देश्य था कि गोवर्धन कस्बे और परिक्रमा के रास्ते में वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना। जिससे गोवर्धन परिक्रमा करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता और राहत मिल सके। लेकिन इस बाईपास का निर्माण करने वाले इसकी बनावट में खामियां छोड़ गए जिसकी बजह से यहां आये दिन हादसे सामने आते रहते हैं।
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