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    साक्षी महाराज का विपक्ष पर हमला:उन्नाव में बोले- अखिलेश यादव को पिता मुलायम सिंह से सीख लेनी चाहिए

    2 hours ago

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    उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने मंगलवार को अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता मुलायम सिंह यादव से सीख लेनी चाहिए। साक्षी महाराज ने कहा कि वह इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन यह सत्य है कि मुलायम सिंह यादव एक जमीनी नेता थे। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक मंच पर अखिलेश यादव का हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देकर आशीर्वाद दिया था। सांसद ने आगे कहा कि भले ही उस समय की पूरी बातचीत स्पष्ट न हो, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की सराहना की थी। साक्षी महाराज के अनुसार, मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में कहा था कि मोदी जी अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें आशीर्वाद दिया था। उन्होंने जोर दिया कि जब एक पिता ने ऐसी बात कही हो, तो पुत्र को उसका सम्मान करना चाहिए। इस दौरान साक्षी महाराज ने अखिलेश यादव द्वारा किए गए चुनावी वादों पर भी कटाक्ष किया। जब पत्रकारों ने मुफ्त बिजली और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादों का जिक्र किया, तो सांसद ने कहा, "न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी। उन्होंने इन घोषणाओं को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि जनता अब ऐसे वादों को समझने लगी है। सांसद ने नारी वंदन अधिनियम को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के आरक्षण के लिए सकारात्मक पहल की, लेकिन विपक्ष ने उस पर भी शर्तें रखीं। साक्षी महाराज के मुताबिक, जब विपक्ष ने 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग रखी, तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी ने तत्परता दिखाते हुए कहा कि सरकार एक घंटे में इस पर विचार कर सकती है। संशोधित विधेयक लाने को तैयार हैं बशर्ते विपक्ष सर्वसम्मति से समर्थन दे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विपक्ष ने अविश्वास जताया और सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में बैठकर जब विपक्ष इस तरह का रवैया अपनाता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकसभा क्षेत्रों के आकार और मतदाताओं की संख्या में असमानता है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है। कुछ क्षेत्रों में 40-48 लाख मतदाता हैं, जबकि कहीं एक-दो लाख में ही सांसद चुने जाते हैं। सरकार इस विषय पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। एक अन्य बयान में साक्षी महाराज ने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह धरती मां काली, सुभाष चंद्र बोस, बंकिम बाबू और रामकृष्ण परमहंस की है, इसे बदला नहीं जा सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी याद करते हुए वहां के क्रांतिकारियों को नमन किया।
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