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    सुल्तानपुर में प्रधान के वित्तीय अधिकार बहाल:हाईकोर्ट ने जनप्रतिनिधि के दबाव में सीज किए गए अधिकार रद्द किए

    17 hours ago

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    सुल्तानपुर में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जयसिंहपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत फतेहपुर संगत के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार बहाल करने का आदेश दिया है। इन अधिकारों को तत्कालीन जिलाधिकारी ने एक जनप्रतिनिधि के कथित दबाव में सीज किया था। यह मामला ग्राम पंचायत फतेहपुर संगत में सुरेश कुमार व अन्य द्वारा कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत से शुरू हुआ था। इस शिकायत के बाद, 4 फरवरी 2023 को सुल्तानपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। डीपीआरओ ने 13 जून 2023 को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शासकीय धनराशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर, 30 अगस्त 2023 को प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तत्कालीन पंचायत सचिव संगीता पाल को भी इसी तरह का नोटिस दिया गया था। मामले की अंतिम जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और अधिशाषी अभियंता, शारदा सहायक खंड 49 को नामित किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, 4 नवंबर 2023 को प्रधान के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई। जांच अधिकारियों ने 18 अप्रैल 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शासकीय धनराशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसके बाद, 27 अप्रैल 2024 को एक और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस प्रकरण में उत्तरदायी पाए गए तकनीकी अधिकारी राज किशोर सिंह, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जयसिंहपुर के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। तत्कालीन पंचायत सचिव संगीता पाल को भी जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद, यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ पहुंचा। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने जिलाधिकारी द्वारा 4 नवंबर 2023 को जारी आदेश, संबंधित जांच रिपोर्ट और कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय ने विपक्षी पक्षों को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ता को ग्राम पंचायत फतेहपुर संगत के प्रधान के रूप में तत्काल वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां बहाल करें।
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