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    सुल्तानपुर में टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षकों का प्रदर्शन:पुतला दहन के दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की भी हुई

    7 hours ago

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    सुल्तानपुर में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। तिकोनिया पार्क में शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस और शिक्षक नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन के दौरान नगर कोतवाल संदीप राय और पुलिस बल ने पुतला छीनने का प्रयास किया। इसके बावजूद, शिक्षकों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला जला दिया। बाद में पुलिस टीम ने पुतला बुझाकर अपने कब्जे में ले लिया। आक्रोशित शिक्षकों ने "टीईटी वापस लो" और "मुंह पर इज्जत, पीठ पर वार यह कैसा दोहरा व्यवहार" जैसे नारे लगाए। संघ के जिला प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता को लेकर सरकार के साथ हुई बातचीत और संसद में दिए गए जवाब में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि जब नियुक्ति के समय शिक्षकों ने सभी मानदंड और योग्यताएं पूरी की थीं, तो 20-30 साल बाद नई नीति लागू करना लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा करना है। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर सरकार के विरोध में यह सांकेतिक पुतला दहन किया गया। संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो यह लड़ाई जिले से लेकर दिल्ली तक लड़ी जाएगी और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष होगा। जिला संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय ने कहा कि टीईटी/सीटीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों के साथ धोखा और अपमान है। उन्होंने मांग की कि सरकार विधेयक लाकर इसे समाप्त करे, अन्यथा शिक्षक अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे। जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-23 और एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में न्यूनतम योग्यता तय है। उन्होंने तर्क दिया कि 25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा परीक्षा के कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है। इस अवसर पर जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश भानु सिंह,निजाम खान जिला प्रवक्ता संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नारायण मिश्र, जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव, राम बहादुर मिश्रा, अंजनी कुमार शर्मा, अनिल यादव, लालचंद, सुरेश चंद्र पाल, डॉ. रीतेश सिंह, हेमंत यादव, राज कुमार चौधरी, अरविंद कुमार पाण्डेय, मजीद, किरण श्रीवास्तव, सुभाषिनी मिश्रा, शिवम राणे, डॉ. विक्रम सिंह, काशी त्रिपाठी, राकेश शुक्ला, मृदुल त्रिपाठी, नम्रता सिंह, रजनी गुप्ता, हिमांशु सिंह, चंद्र प्रकाश गुप्ता, हरिओम गुप्ता, संतोष कुमार सिंह, नीरज यादव, राज कुमार गुप्ता, डॉ. प्रदीप मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
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