Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    समोसे की दुकान से अखिलेश का 'चुनावी बिगुल':सपा ने शुरू की 2027 की तैयारी, कानपुर में चुनावी गाने की लांचिंग 'यूपी में फिर से अखिलेश चाहिए'

    3 hours ago

    1

    0

    कानपुर में 12 दिनों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 2 बार आने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपना चुनावी गाना लांच किया है। जिसके बाद राजनीतिक जानकार इस चुनावी दौरे को विधानसभा चुनाव की शुरुआत बता रहे है। इस गाने की शुरुआत कानपुर की समोसे की दुकान से की गई है। लेकिन उनका यह साधारण सा ठहराव पूरी तरह से सियासी संदेशों से लैस था। इस दौरान उनके साथ बेटी अदिति यादव और सीसामऊ से विधायक नसीम सोलंकी, उनके पति पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और विधायक अमिताभ बाजपेयी की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि सपा अब इमोशनल कार्ड और जमीनी जुड़ाव के सहारे 2027 की बिसात बिछाने की तैयारी कर रही है। समझिए चुनावी रण में अखिलेश की 'समोसा डिप्लोमेसी' एक तरफ उन्होंने जहाँ समोसे की दुकान से सत्तापक्ष पर तंज कसा, तो वही दूसरी तरफ सपा के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से एक नया चुनावी कैंपेन सॉन्ग लॉन्च कर दिया। इस वीडियो में अखिलेश यादव के साथ समर्थकों का भारी हुजूम और कार्यकर्ताओं का जोश यह बताने के लिए काफी है कि सपा अब लोकसभा चुनाव की सफलता को विधानसभा चुनाव तक खींच कर ले जाना चाहती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अखिलेश ने कानपुर को अपना ' चुनावी लॉन्चिंग पैड' बनाकर यह संदेश दिया है कि वे अब रुकने वाले नहीं हैं। https://x.com/samajwadiparty/status/2026845759086407944?s=20 गानों में PDA का जिक्र और विकास का नया वादा सपा की ओर से जारी किए गए नए चुनावी गीत में 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे को प्रमुखता से पिरोया गया है। गाने के बोल 'साइकिल चलेगी यूपी में, फिर से अखिलेश चाहिए' सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन का आह्वान कर रहे हैं। इस गाने के जरिए सपा ने न केवल युवाओं को साधने की कोशिश की है, बल्कि विकास के पुराने दावों को भी नए सिरे से पेश किया है। यह नैरेटिव बताता है,कि पार्टी अब डिजिटल वॉर में भाजपा को उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी कर रही है। 2027 की जंग- भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती समाजवादी पार्टी का यह आक्रामक रुख और सोशल मीडिया कैंपेन भाजपा के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। जिस तरह से कानपुर में भीड़ उमड़ी और गानों के जरिए 'शेर' और 'नौजवान' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर अखिलेश यादव की ब्रांडिंग की जा रही है, इस दौरे ने 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी से दिलचस्प बना दिया है। कानपुर की गलियों से शुरू हुआ 'साइकिल' का सफर आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में कितनी तेजी पकड़ेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन अखिलेश के इस दांव ने सत्तापक्ष के खेमे में हलचल जरूर तेज कर दी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुरादाबाद के शिवांग कुमार का स्वागत हुआ:आईपीएल 2026 में चयन हुआ है, सनराइजर्स हैदराबाद टीम का करेंगे प्रतिनिधित्व
    Next Article
    27 टन मिलावटी मैदा की 620 बोरियां जब्त:श्रीहरि ब्रांड मैदा में पैकिंग-लेबलिंग का उल्लंघन, गंदगी पर कारोबार बंद

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment