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    समाधान दिवस में पीड़ित से अभद्रता, दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर:कासगंज में इंस्पेक्टर ने फरियादी का कॉलर पकड़कर घसीटा था

    19 hours ago

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    कासगंज में समाधान दिवस के दौरान एक पीड़ित से पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता किए जाने के मामले में एसपी अंकिता शर्मा ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। मामला बीते शनिवार का है। जब कासगंज तहसील में अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। इस दौरान जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित संतोष गौड़ के साथ पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। कॉलर पकड़कर उन्हें थाने ले गए और कमिश्नर से मिलने नहीं दिया। पूरी घटना का वीडियो सामने आया। वीडियो में पुलिसकर्मियों का व्यवहार अमर्यादित दिखाई देने पर एसपी अंकिता शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराई। जांच के बाद एसपी ने हेड कांस्टेबल राजेश तोमर और कांस्टेबल श्रवण कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। राजेश तोमर कोतवाली कासगंज में तैनात थे, जबकि श्रवण कुमार कोतवाली ढोला में कार्यरत थे। एसपी अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायत सुनने के दौरान किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अब जानिए पूरा मामला… कासगंज में शनिवार को समाधान दिवस में अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह सुनवाई के लिए पहुंची थीं। कोतवाली क्षेत्र के सोरों गेट के रहने वाले संतोष गौड़ अपनी ढाई बीघा जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे थे। पीड़ित ने बताया- कासगंज कोतवाली के प्रभारी प्रवेश राणा और उनकी टीम ने उन्हें कमिश्नर से मिलने नहीं दिया। कोतवाल प्रवेश राणा ने तहसील परिसर के अंदर ही उनका कॉलर पकड़कर उन्हें खींचते हुए बाहर निकाला। धक्का देते हुए थाने तक ले गए। चार घंटे थाने में बैठाए रखा। उनको तबतक बैठाए रखा गया जबतक कमिश्नर अलीगढ़ के लिए रवाना नहीं हो गईं। पीड़ित ने बताया कि उसने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल और जनता दरबार सहित हर जगह शिकायत दी। पीड़ित के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने संतोष गौड़ से बातचीत की। पढ़िए पूरी बातचीत… रिपोर्टः समाधान दिवस पर आपके साथ क्या हुआ था? संतोषः शनिवार को मैं समाधान दिवस में कमिश्नर संगीता सिंह से मिलने गया था। वहां मैं अपनी ढाई बीघा जमीन पर हुए कब्जे को लेकर शिकायत करने गया था। तहसील परिसर में ही पुलिस ने मेरे साथ अभद्रता की। मैंने विरोध किया, तो मुझे कॉलर पकड़ कर घसीटा गया। थाने ले जाया गया। जैसे मैं कोई 302 या 307 का अपराधी हूं। मुझे 151 में पाबंद कर दिया गया। शाम को एसडीएम कोर्ट से मेरी सुनवाई हुई। मैंने 151 में अपनी जमानत कराई, तब मुझे छोड़ा गया। रिपोर्टः कैसी शिकायत करने गए थे? संतोषः मेरी जमीन पर भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बॉबी कश्यप, सदर SDM संजीव कुमार की मिलीभगत से कब्जा कर लिया गया है। मेरे खेत में सड़क निकालने की भी कोशिश की गई। इसी की शिकायत कमिश्नर से करने मैं समाधान दिवस में करने आया था। रिपोर्टः तहसील में क्या हुआ था? संतोषः मैं तहसील गया था अपना प्रार्थना पत्र देने। वहां पुलिस द्वारा मेरे साथ अभद्रता की गई। मेरे हाथ में प्रार्थना पत्र था और एक पोस्टर भी था। पोस्टर में एसडीएम और बीजेपी नेता की मिलीभगत की बात लिखी गई थी। मैं उस जमीन पर गुरुकुल बनाना चाहता हूं। लेकिन वहां अवैध कब्जा किया जा रहा। मैंने इस बारे में आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल और जनता दरबार सहित हर जगह शिकायत दी, लेकिन बार-बार गलत रिपोर्ट लगाई जा रही। रिपोर्टः कितनी बार प्रार्थना पत्र दिए? संतोषः मैंने अब तक कम से कम 250-300 बार प्रार्थना पत्र दिए हैं। मैं 12 जनवरी 2025 को लखनऊ के जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मिला था। वहां मुझे आश्वासन मिला कि मेरी जगह पर मुझे कब्जा दिलवाया जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। वह 3 साल से जमीन के लिए लड़ रहे हैं।
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