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    सपा-प्रवक्ता ने हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ ली:भाजपा ने पूछा-सपा को क्या हिंदू वोट नहीं चाहिए ? राजकुमार भाटी ने दी सफाई

    2 hours ago

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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी धार्मिक मान्यताओं से जुड़े एक मामले को लेकर फिर विवादों में आ गए हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ऐसे कार्यक्रम में शामिल होते दिख रहे हैं, जहां हिंदू देवी-देवताओं को न मानने और उनकी पूजा नहीं करने का संकल्प दिलाया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “क्या समाजवादी पार्टी को हिंदुओं का वोट नहीं चाहिए? वह अपने किसी न किसी नेता से हिंदू भावनाओं को आहत करने की बार-बार कोशिश करा रही है। पहले आजम खान इसके सुपरस्टार थे। अब एक प्रवक्ता हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं।” दरअसल, 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित आंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा का कार्यक्रम हुआ था। इसमें हिंदू देवी-देवताओं को न मानने और उनकी पूजा-पाठ नहीं करने से जुड़े संकल्प दिलाए गए थे। अब जानिए वीडियो में क्या है... सामने आए वीडियो में कुछ लोग शपथ ले रहे। शपथ में गौरी-गणपति समेत हिंदू धर्म के देवी-देवताओं को नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने की बात कही गई। इसमें भगवान के अवतार लेने की मान्यता और भगवान बुद्ध को विष्णु का अवतार मानने से भी इनकार किया गया। संकल्प में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण को भगवान न मानने और उनकी पूजा नहीं करने की बातें भी शामिल थीं। भाजपा ने अखिलेश पर निशाना साधा... भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सनातन के खिलाफ एक व्यापक रणनीति है। वह अपने किसी न किसी नेता से हिंदू भावनाओं को आहत करने की बारम्बार चेष्टा कराती है। पहले आजम खान इसके सुपरस्टार थे और बाद के कालखंड में रामचरित मानस को फाड़ने-फूंकने का ठेका इन्होंने दूसरे नेता को दे दिया। अब समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं। विजयदशमी जैसे पर्व पर उन्होंने हिंदू भावनाओं को चोटिल करने की कोशिश की। उन्होंने पूछा कि क्या समाजवादी पार्टी को हिंदुओं का वोट नहीं चाहिए। मजहबी तुष्टीकरण में इतना डूब गई है कि हिंदू भावनाओं को लगातार अपमानित कर रही। विवाद बढ़ने के बाद भाटी बोले- धर्म परिवर्तन की न जरूरत, न इरादा विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह हर धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करते हैं। बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति उनका विशेष आकर्षण है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उन पर गहरा प्रभाव है। भाटी ने कहा, “एक सच्चा समाजवादी होने के नाते मैं प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करता हूं। जो भी अपने कार्यक्रम में सम्मान के साथ आमंत्रित करता है, उसमें सम्मिलित होता हूं। वह सिख समुदाय के बुलावे पर गुरुद्वारे में मत्था टेकने जाते हैं, मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और हिंदू धर्म के त्योहारों में भी हिस्सा लेते हैं।” भाटी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के बाद भाजपा आईटी सेल और कट्टरपंथी तत्वों ने सोशल मीडिया पर उनके धर्म परिवर्तन करने का दुष्प्रचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें धर्म परिवर्तन करने की न तो आवश्यकता है और न ही ऐसा करने का कोई इरादा है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में रहते हुए मानवता की सेवा की जा सकती है और भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास व पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई जा सकती है। साथ ही, उन्होंने लोगों से भाजपा आईटी सेल के कथित दुष्प्रचार में नहीं फंसने की अपील की। अपनी पोस्ट का समापन उन्होंने ‘जय भीम’ और ‘नमो बुद्धाय’ के साथ किया। पहले भी विवादों में रह चुके हैं भाटी... सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पहले भी विवादित बयान देकर सपा को असहज कर चुके हैं। कुछ दिन पहले राजकुमार भाटी ब्राह्मणों की तुलना वेश्याओं से करने वाली टिप्पणी को लेकर विवादों में आए थे। उस बयान के बाद भी सपा को आलोचना का सामना करना पड़ा था। सपा के लिए फिर असहज स्थिति बहरहाल, राजकुमार भाटी के इस प्रकरण ने सपा के सामने एक बार फिर राजनीतिक असहजता पैदा कर दी है। भाजपा इस मामले को सपा की धार्मिक विचारधारा से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि भाटी ने इसे बौद्ध धर्म और आंबेडकर के विचारों के प्रति अपने आकर्षण तथा भाजपा के कथित दुष्प्रचार का मामला बताया है।
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