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    'सुपर कॉप' जिसे शंकराचार्य ने साजिश का 'मास्टरमाइंड' बताया:500 एनकाउंटर, 5 जिलों के कप्तान रहे, डेंटिस्ट से IPS अफसर बने

    2 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने IPS डॉ. अजयपाल शर्मा आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। की ओर से प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजयपाल शर्मा पर आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। 2011 बैच के आईपीएस डॉ. अजय पाल शर्मा ‘एनकाउंटर कॉप’ के नाम से भी जाने जाते हैं। 15 साल की अपनी सेवा में उनके निर्देशन में 500 से अधिक एनकाउंटर हो चुके हैं। इनमें 15 अपराधी मारे गए, जबकि अन्य मुठभेड़ों में गिरफ्तार किए गए। मूल रूप से लुधियाना, पंजाब के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा आईपीएस बनने से पहले डेंटल सर्जन थे। 41 वर्षीय यह अधिकारी वर्तमान में प्रयागराज में एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह पांच जनपदों में एसपी/एसएसपी रह चुके हैं। जौनपुर में बतौर एसपी अपने 22 महीने के कार्यकाल के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड 136 एनकाउंटर किए। यह किसी भी जनपद में एक एसपी के कार्यकाल में हुई मुठभेड़ों की संख्या के मामले में सबसे अधिक बताया जाता है। इन जिलों की संभाली कमान वह हाथरस, शामली, गाजियाबाद, रामपुर और जौनपुर के कप्तान रह चुके हैं। वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित कुंभ मेले में बतौर एएसपी तैनात रहे। पुलिस मुख्यालय में एसपी कार्मिक और यूपी-112 के कप्तान के रूप में भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई। पश्चिमी यूपी में माफिया गैंग पर शिकंजा कसने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। महाकुंभ में नोडल अधिकारी उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए महाकुंभ से ठीक पहले उन्हें प्रयागराज में नोडल अधिकारी (महाकुंभ, कमिश्नरेट प्रयागराज) के पद पर तैनात किया गया। 22 दिसंबर 2024 को उन्हें एडिशनल सीपी प्रयागराज बनाया गया। इस दौरान महाकुंभ के सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाकुंभ के बाद उन्हें एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रयागराज का दायित्व सौंपा गया। माघ मेले के सफल आयोजन में भी उनकी अहम भूमिका रही। लाउड हेलर लेकर करते दिखे अनुरोध मौनी अमावस्या के दिन संगम तट पर हुए विवाद के दौरान अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डॉ. अजय पाल शर्मा भी मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों की भीड़ में वह सबसे आगे लाउड हेलर लेकर बार-बार शंकराचार्य और उनके समर्थकों से आवागमन मार्ग खाली करने का अनुरोध करते नजर आए थे। उल्लेखनीय है कि मौनी अमावस्या के अगले दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शंकराचार्य ने विवाद पर अपनी बात रखी, तो जिन अधिकारियों के नाम और फोटो उन्होंने दिखाए, उनमें डॉ. अजय पाल शर्मा का नाम शामिल नहीं था। आशुतोष पांडेय को भेजा था जेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन आशुतोष पांडेय के साथ साजिश रचने का आरोप डॉ. अजय पाल शर्मा पर लगाया गया है, उन्हें शामली में एसपी रहते हुए उन्होंने ही जेल भेजा था। वह लगभग 15 महीने तक शामली के कप्तान रहे। 17 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें एसपी शामली नियुक्त किया था और मार्च 2018 तक वह वहां तैनात रहे। बता दे कि आशुतोष पांडे और आशुतोष ब्रह्मचारी शामली के कांधला थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं। क्या बोले इस मामले में एडिशनल सीपी लाॅ एंड आर्डर आईपीएस डॉक्टर अजयपाल शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा की माननीय न्यायालय के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है और निष्पक्ष तरीके से विवेचना कराई जा रही है। जो साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी। उधर शंकराचार्य की और से लगाए गए आरोपों पर उन्होंने किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया।
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