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    सरकारी जमीन बीवी के नाम कराने वाला लेखपाल सस्पेंड:मुरादाबाद में जहां मेयर की बाउंड्री प्रशासन ने तोड़ी, वहां जमीनों का घोटाला

    3 hours ago

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    मुरादाबाद में हाईवे से सटे धीमरी गांव में सरकारी भूमि को अपनी पत्नी के नाम पर कराने वाले लेखपाल तेहर सिंह को डीएम अनुज सिंह ने सस्पेंड कर दिया है। ये वही धीमरी गांव है जहां स्कूल के रिजर्व भूमि पर मेयर विनोद अग्रवाल और एक अन्य भाजपा नेता ने अपनी बाउंड्री बना ली थीं। जिसे प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। इस गांव में बेशकीमती सरकारी जमीन को बड़े स्तर पर ठिकाने लगाए जाने की खबरें हैं। मामले में डीएम ने जांच शुरू करा दी है। इसी क्रम में एक लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। धीमरी गांव में जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल’ के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित की थी। लेकिन जब प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कंपनी यूपीपीसीएल की टीम प्रशासन द्वारा चिन्हित भूमि पर पहुंची तो वहां पहले से बाउंड्री हो रखी थी। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई। जिसके बाद गुरुवार को एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा के निर्देश पर बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया गया। ये बाउंड्री मुरादाबाद के BJP मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता ऋषिपाल चौधरी के छोटे भाई अमित चौधरी की थीं। बुलडोजर एक्शन के बाद मेयर ने हंगामा करते हुए कहा कि ये जमीन उन्होंने 10 साल पहले चांद बाबू नाम के व्यक्ति से खरीदी थी। चांद बाबू इन दिनों आजाद समाज पार्टी में हैं। उन्होंने कुंदरकी उपचुनाव भी लड़ा था। चांदबाबू का नाम विवादित जमीनों को लेकर उछलता रहा है। हाल में भी चांद बाबू पर आरोप है कि वो नेशनल हाईवे बाईपास पर जमीन के एक बड़े हिस्से का अवैध पटान करके उसे हाईवे लेवल में लाने के लिए कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी और इलाके की सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप चांद बाबू पर लगाए हैं। बता दें कि इसी धीमरी गांव में डीएम ने पिछले दिनों सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का मामला पकड़ा था। तत्कालीन तहसीलदार ने धीमरी गांव की 13 बीघा सरकारी जमीन को प्राइवेट लोगों के नाम पर दर्ज कर दिया था। बाद में इस जमीन का बड़ा हिस्सा बिलारी में तैनात लेखपाल तेहर सिंह ने अपनी पत्नी प्रियंका के नाम पर करा लिया था। इस मामले में डीएम ने एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा को जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम की जांच के बाद तहसीलदार के खिलाफ भी शासन को कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। तहसीलदार को सदर तहसील से हटा दिया गया। डीएम ने अब इस मामले में सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द करने के आरोप में लेखपाल तेहर सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
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