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    सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में मंत्री Laljit Bhullar की कुर्सी गई

    3 hours from now

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    पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर इस समय एक बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं। अमृतसर में तैनात स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से इस्तीफा मांग लिया है।रंधावा ने मरने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री भुल्लर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और जान देने पर मजबूर किया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेर लिया, जिसके जवाब में निष्पक्ष जांच के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस ने रंधावा की पत्नी की शिकायत पर भुल्लर, उनके पिता और उनके पीए के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।भुल्लर का विवादित सफरतरनतारन की पट्टी सीट से विधायक लालजीत सिंह भुल्लर का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 के चुनावों में दिग्गज नेताओं को हराकर वे 'आप' के प्रमुख चेहरों में उभरे, लेकिन जल्द ही विवादों ने उन्हें घेर लिया।कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें वे चलती हुई गाड़ी की सनरूफ से बाहर निकलकर नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, जिसके बाद विपक्ष ने उन्हें 'उड़ता मंत्री' कहना शुरू कर दिया।इसके अलावा, 26 जनवरी 2021 को लाल किले पर हुए हंगामे के दौरान दीप सिद्धू के साथ उनकी मौजूदगी वाले वीडियो ने भी खूब तूल पकड़ा था, जिस पर भाजपा और कांग्रेस ने उन पर 'राष्ट्र-विरोधी' गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए थे। इसे भी पढ़ें: Ladakh पर नरम पड़े Sonam Wangchuk? बोले- Central Govt से 'Win-Win' समाधान पर करेंगे बातजमीनी कार्यकर्ता से पावरफुल मंत्री बनने की कहानीलालजीत सिंह भुल्लर एक साधारण कृषि परिवार से आते हैं और आम आदमी पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने 2022 की 'आप' लहर में शिरोमणि अकाली दल के चार बार के विधायक आदेश प्रताप सिंह कैरों और कांग्रेस के हरमिंदर सिंह गिल जैसे दिग्गजों को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।इसी उपलब्धि के कारण उन्हें परिवहन विभाग जैसा महत्वपूर्ण पद सौंपा गया था। हालांकि, लाल किला विवाद पर उन्होंने सफाई दी थी कि वे वहां केवल किसानों के समर्थन में गए थे, लेकिन ताजा आत्महत्या मामले ने उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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