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    सेंट्रल GST अब गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी:कमिश्नर विपुल गुप्ता की मौजूदगी में व्यापारियों व उद्यमियों की 3 घंटे तक चली बैठक

    4 hours ago

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    CGST ऑफिस गाजियाबाद में आज कमिश्नर विपुल गुप्ता की अध्यक्षता में “सहज कर संवाद” जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें ग़ाज़ियाबाद के व्यापारी समुदायों, मैन्यूफ़ेक्चरिंग संघ , लोहा मंडी के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में हाल ही में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में जीएसटी व्यवस्था में करदाताओं की सुविधा के लिए किए गए बदलावों के बारे में बताया गया। अब बिना कोर्ट के आदेश के व्यापारियों, उद्यमियों या किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। कोर्ट के आदेश पर ही किसी भी व्यक्ति या कारोबारी की गिरफ्तारी की जा सकेगी। पहले विभाग सीधे गिरफ्तारी करके आरोपी को कोर्ट में पेश करता था। टैक्स देने वालों को बड़ी राहत 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में करदाताओं की सुविधा को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रक्रियागत सुधारों की अनुशंसा की गई। इनका उद्देश्य जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। इनपुट टैक्स क्रेडिट एवं रिफंड की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना तथा अनावश्यक नोटिसों और अनुपालन संबंधी कठिनाइयों को कम करना है। छोटे व्यापारियों एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से कारोबार करने वाले विक्रेताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कर संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया है। प्रक्रिया को बहुत सरल किया गया कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए आयुक्त विपुल गुप्ता ने कहा- इन पहलों से करदाताओं को जीएसटी प्रक्रियाओं में अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुधारों से व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियागत कठिनाइयों से राहत मिलेगी और वे अपना समय एवं संसाधन कारोबार के विस्तार पर अधिक प्रभावी ढंग से केंद्रित कर सकेंगे। कारोबारियों में खुशी कार्यक्रम में गाजियाबाद आईसीएमएआई के सचिव सीएमए हिमांशु अग्रवाल ने 57 वीं जीएसटी कौंसिल की बैठक में पारित कर सुधारों पर पीपीटी दिखाई। सहायक आयुक्त ख़ुशबू ओबरॉय ने भी इस विषय पर पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। अतुल जैन, लोहा मंडी व्यापारी संगठन के अध्यक्ष ने व्यापारियों की तरफ़ से कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर ख़ुशी जताई। नये सुधारों का स्वागत किया और इस संबंध में अपने विचार अभिव्यक्त किये। अपर आयुक्त श्रवण कुमार बंसल, निधि कुमार झा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे और करदाताओं की चिंताओं का समाधान किया गया। जानिए किसने क्या कहा कारोबारी अतुल जैन ने कहा कि व्यापारियों या कारोबारियों में भय नहीं होना चाहिए। कोई भी कारोबारी अपना कारोबार करता है तो वह टैक्स देता है। लेकिन इसमें डर नहीं होना चाहिए, आज मीटिंग के बाद नए नियमों के तहत अब अरेस्टिंग नहीं हो सकेगी। कोर्ट जो भी आदेश करेगा वह माननीय होगा। सीजीएसटी के कमिश्नर और अन्य सीनियर ऑफिसरों के साथ वार्ता व संवाद में अपनी बातें रखीं। डिप्टी कमिश्नर विनय सिंह बोलीं डिप्टी कमिश्नर विनय सिंह ने कहा कि एक अब करदाताओं को जीएसटी प्रक्रियाओं में अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता का लाभ मिलेगा। अब अरेस्टिंग में कोर्ट का आदेश लेना होगा। टैक्स के लिए भी छूट दी गई है। सीएमए राहुल जैन बोले सीएमए राहुल जैन ने कहा- इनपुट टैक्स क्रेडिट एवं रिफंड की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना चाहिए था। यह मांग भी पूरी हुई, इसके साथ अनावश्यक नोटिसों और अनुपालन संबंधी कठिनाइयों को कम करना है। आज कारोबारियों के लिए अच्छी बात रही है, एक अरेस्टिंग का डर दिखाया जाता था। अब सीधे अरेस्टिंग नहीं हो सकेगी। यह हमारे लिए बड़ी राहत है। यह हुए बदलाव 1 जीएसटी रजिस्ट्रेशन अब आसान हो गए हैं। 2- सीजीएसटी विभाग के ऑफिसर अब किसी भी करदाता की गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे। कोर्ट के आदेश पर ही अरेस्टिंग की जाएगी। 3- रिफंड की प्रक्रिया भी सरल हुई है इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। पहले इनपुट केपिटल गुड्स पर रिफंड नहीं मिलता था अब वह मिलेगा। 5- रिफंड के अंदर जीएसटी डिपार्मेंट का रोल खत्म हुआ। 6- किसी भी बड़े मामले में अब वारंट के बाद ही गिरफ्तारी की जा सकेगी। 7- अब FIR के आधार पर भी अरेस्टिंग नहीं हो सकेगी। पहले विभाग द्वारा कोर्ट से अरेस्टिंग वारंट लेना अनिवार्य होगा। 8- जिन मामलों में पूर्व में एक करोड़ के मामले में कोर्ट द्वारा अरेस्टिंग वारंट लिए जाते थे, वह सीमा बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है।
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