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    ‘सड़क मुसलमानों के लिए नहीं’...लिखने वाली महिलाओं की कहानी:सहारनपुर में 2023 में हिंदू रक्षा में शामिल हुईं; संध्या BBA, सुलेखा BA पास

    1 hour ago

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    सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर भड़काऊ नारे लिखने के मामले में गिरफ्तार दो महिलाओं और एक युवक को कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसके बाद 13 मार्च (शुक्रवार) की रात तीनों को सहारनपुर जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया और नारे लगाए। स्वागत के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। ये दोनों लड़कियां कौन हैं? कहां तक पढ़ाई की है? किस संगठन से जुड़ी हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सुलेखा ने मुरादाबाद से बीए किया है देहरादून में रहने वाली सुलेखा खुद को हिंदू संगठनों से जुड़ा बताती हैं। सुलेखा बताती हैं- पहले मैं करणी सेना से जुड़ी थी। देहरादून में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी काम कर चुकी हूं। साल- 2023 में हिंदू रक्षा दल के साथ सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। सुलेखा का कहना है कि वे धर्म और संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रही हैं। उन्होंने मुरादाबाद से बीए तक पढ़ाई की है। परिवार की बात करें, तो उनके पति संजय कुमार प्रॉपर्टी का कारोबार करते हैं। घर में दो बेटियां हैं, जो पढ़ाई कर रही हैं। सुलेखा का कहना है कि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ सुलेखा अपने परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। संगठन से जुड़ने का उद्देश्य सनातन धर्म के लिए काम करना है। वे कहती हैं कि कई बार विवादों के बावजूद वे अपने विचारों पर कायम रहती हैं। संध्या राजपूत ने बीबीए तक पढ़ाई की है इस मामले में दूसरी महिला संध्या राजपूत बताई जा रही हैं। संध्या बताती हैं कि उनकी मां का नाम राजकुमारी और भाई शिवम है। पिता राजेंद्र राजपूत का साल- 2012 में निधन हो गया था। संध्या ने देहरादून के आईटीएम कॉलेज (चकरोता रोड) से बीबीए की पढ़ाई की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने प्रॉपर्टी से जुड़े बिजनेस में भी हाथ आजमाया। वे सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। इसी वजह से कई संगठनों के संपर्क में आईं। उनके मुताबिक, धार्मिक विचारधारा से प्रेरित होकर वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल हुईं। अब पूरा मामला जानिए… पुलिस के अनुसार, 26 फरवरी की शाम सुलेखा, संध्या राजपूत और युवक जितेंद्र राघव बिहारीगढ़ इलाके में दिल्ली-देहरादून हाईवे (NH-72A) किनारे पहुंचे। यहां उन्होंने सड़क किनारे सीमेंटेड ब्लॉक और रेलिंग पर स्प्रे पेंट से “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है” और “This road is not allowed for Muslims” लिख दिया। सामने आए करीब 59 सेकेंड के वायरल वीडियो में दोनों महिलाएं नारे लिखती दिखती हैं। जबकि एक युवक मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करता नजर आता है। बाद में महिलाएं ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाती दिखाई देती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद NHAI कर्मचारी की शिकायत पर बिहारीगढ़ थाने में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मौके से लिखे नारे हटवाए और जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। फिर तीनों को जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद एक महिला ने कहा था कि हम लोग सनातन के लिए जेल जाने से नहीं डरते। जरूरत पड़ी तो 10 बार भी जेल जाने को तैयार हैं। तीनों आरोपियों ने खुद को हिंदू रक्षा दल का कार्यकर्ता बताया था। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे उनके संगठन से जुड़े हैं। उत्तराखंड हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष के बयान से बढ़ा विवाद हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने इस मामले में कई बयान दिए। इससे विवाद और बढ़ गया है। ललित शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उनके तीन कार्यकर्ताओं को जेल भेजने के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटेगा। मां भगवती के आशीर्वाद से हमारे कार्यकर्ता सुरक्षित घर लौट आए हैं। पोस्ट के अंत में धार्मिक नारे भी लिखे गए। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 950 वाला सिलेंडर 3500 में ब्लैक, स्टिंग में भास्कर ने दिए रुपए, सप्लायर बोला- कल रेट और बढ़ेगा देखो भाई, गैस सिलेंडर मिल तो जाएंगे, लेकिन आप ले नहीं पाएंगे। मतलब, महंगा बहुत है। 2-4 नहीं, केवल एक सिलेंडर दिलवा देंगे। कॉमर्शियल 5,000 रुपए का पड़ेगा और घरेलू 3500 रुपए का।' ये कहना है लखनऊ के एक गैस हॉकर का। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश में LPG संकट बढ़ गया है। इस आपदा को यूपी के जमाखोरों ने अवसर बना लिया है। वे गैस सिलेंडर की सामान्य डिलिवरी नहीं करके इन्हें ढाई से साढ़े तीन गुना रेट पर ब्लैक कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
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