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    सऊदी अरब में सड़क हादसे में युवक की मौत:11 दिन बाद अयोध्या पहुंचा शव, पूर्व मंत्री रुश्दी मियां के प्रयास से लाया गया

    11 hours ago

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    सऊदी अरब के रियाद में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रुदौली क्षेत्र के कुशहरी गांव निवासी ताहिर अली (42) का पार्थिव शरीर 11 दिन बाद शनिवार सुबह गांव पहुंचा। पूर्व मंत्री सैय्यद अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी मियां के प्रयास से शव भारत लाया जा सका। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बाद में गमगीन माहौल में ताहिर का अंतिम संस्कार किया गया। कुशहरी गांव निवासी ताहिर अली पुत्र मोहम्मद इस्माइल सऊदी अरब के रियाद में चालक के रूप में काम करते थे। 22 सितंबर 2026 को सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। विदेश में परिवार की रोजी-रोटी कमाने गए ताहिर की मौत की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद परिवार के सामने उनका पार्थिव शरीर भारत लाने की चुनौती खड़ी हो गई। ताहिर के भाई ने शुरुआत में अपने स्तर से शव को भारत लाने का प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पूर्व मंत्री रुश्दी मियां से मदद मांगी। मामले की जानकारी मिलने पर रुश्दी मियां ने सऊदी अरब में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए पहल की। भारत में जरूरी दस्तावेज तैयार कराने का काम अधिवक्ता कमलेश यादव की निगरानी में कराया गया। लगातार प्रयासों के बाद शनिवार सुबह ताहिर का पार्थिव शरीर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। रुश्दी मियां स्वयं वहां पहुंचे और शव को लेने की व्यवस्था की। इसके बाद पार्थिव शरीर गांव लाया गया। ताबूत में अपने भाई को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ताहिर अपने पीछे चार बेटे तबरेज रजा (18), रमजान अली (16), तनवीर अली (14) और सुभान अली (दो वर्ष) को छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, ताहिर परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनका सबसे छोटा बेटा जब पैदा हुआ था, तब वह सऊदी अरब में थे। रोजगार के सिलसिले में विदेश में रहने के कारण वह अपने छोटे बेटे से कभी मिल भी नहीं सके। ताहिर की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
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