Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सवर्ण, दलित, ओबीसी के साथ संघ प्रमुख ने किया भोजन:गोरखपुर में 3 दिवसीय प्रवास पर हैं मोहन भागवत; सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश

    2 hours ago

    1

    0

    तीन दिवसीय प्रवास पर आए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में रविवार को समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ भोजन किया। इसमे एससी, ओबीसी व सवर्ण के अलावा विभिन्न पंथों व समाज के प्रतिनिधि शामिल रहे। संघ प्रमुख ने RSS के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। उसके बाद सभी के साथ बैठकर भोजन किया। संघ प्रमुख ने पहले बैठक के फिर सहभोज के जरिए एक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस मे जुड़ाव हो। अर्थ व स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। विदेश में मनुष्य से मनुष्य का सम्बंध सौदा, यहां अपनेपन का है संघ प्रमुख ने कहा कि विदेश में मनुष्य से मनुष्य का सम्बंध एक सौदा है लेकिन भारत मे मनुष्यों के सम्बंध का विचार ऐसा नहीं है। यहां सम्बन्ध अपनेपन का है। हमारे देश मे अनेक विविधताएं हैं। अनेक रीति रिवाज हैं। यहां विविधता के एकता है क्योंकि यहां रक नाता है। भारत को हम माता मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हम महिला को वात्सल्य की दृष्टि से देखते हैं। सदियों के आचरण से हमारा यह स्वभाव बना है। हमारे यहाँ अलग रंग-रूप और वेशभूषा अलगाव का कारण नहीं बनते। उन्होंने कहा कि हमारे समाज का लक्ष्य जीवन के सत्य को जानना है और जीवन का सत्य भगवान है। यही हमारा समान लक्ष्य और समान संस्कृति है। समाज सद्भाव से चलता है। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। ब्लाक स्तर पर दो से तीन बार बैठक करें सरसंघचालक ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे हुए हैं। यह कोई उत्सव की बात नहीं है। जिसे करने में 100 वर्ष लग गए, वह और पहले हो जाना चाहिए था। हमें करना यह है कि ब्लॉक स्तर पर वर्ष में 2-3 बार बैठें। हम अपनी जाति की चिंता कर रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन ध्यान रखें कि हम एक बड़े समाज के लोग हैं। हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। हम हिन्दू समाज के अंग हैं, इस दृष्टि से क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं, इस पर विचार करें। उन्होंने कहा कि भारत स्वार्थ नहीं देखता। दुनिया के अन्य देशों पर संकट आने पर भारत उनकी सहायता के लिए आगे आता है। भारत सद्भावना का केन्द्र है। बैठक में विभिन्न जाति, पंथों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। उनकी जिज्ञासाओं पर सरसंघचालक ने कहा कि आवश्यक है कि अपनी जाति-बिरादरी में चर्चा कर बड़े हिन्दू समाज के लिए कार्य करें। ब्लॉक स्तर पर बैठकों के बाद धीरे-धीरे बात आगे बढ़ेगी। समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा। संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए। समाज के हर अंग में शक्ति होनी चाहिए। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे संघ प्रमुख ने कहा कि समाज को चलाने के लिए खंड स्तर पर समाज के मुखिया लोगों को कार्य करना होगा। मिलकर विचार करेंगे, मिलकर दायित्व लेंगे और कुछ गड़बड़ होगा तो मिलकर सुधार करेंगे। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे। यह समाज का काम है। समाज करेगा, संघ सहायता करेगा। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे। सह प्रान्त सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने बैठक की प्रस्तावना रखी। सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भारत-पाक महामुकाबला:कानपुरिया अंदाज में अन्नू अवस्थी ने पिलाई ठंडाई, कपिल ने उतारा उस्मान का 'भूत'
    Next Article
    डाला लोडर की टक्कर से बाइक सवार की मौत:चित्रकूट में रामनगर नहर के पास हादसा, घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment