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    सावधान! भीषण गर्मी में भी आ रही खांसी?:लखनऊ के अस्पतालों में बढ़े मरीज, एक्सपर्ट बोले- AC है बड़ी वजह

    2 hours ago

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    अगर इस भीषण गर्मी में खांसी आ रही है, तो सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों में खांसी, गले में जलन और सूखेपन की समस्या बढ़ रही है। इसका असर अब सांस की नली और फेफड़ों तक पहुंच रहा है। लखनऊ के अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक्सपर्ट इसके पीछे गर्मी से राहत देने वाले एसी को ही बड़ी वजह मान रहे हैं। उनका कहना है कि एसी कमरे की नमी को कम कर देता है, जिससे नाक और गले की परत सूख जाती है और जलन की समस्या पैदा होती है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए, तो इसके गंभीर असर भी देखने को मिल सकते हैं। यह सामान्य वायरल संक्रमण से अलग है, इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। क्या है लक्षण ? कैसे करे बचाव ? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट ? पढ़िए इस रिपोर्ट में… AC की वजह से बढ़ रहा इंफेक्शन KGMU के आयुष डिपार्टमेंट के हेड डॉ. सुनीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि- जब हवा में नमी की कमी हो जाती है, तो यह श्वसन तंत्र को बहुत नुकसान है। कई मरीज इसे सीजनल संक्रमण समझ लेते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह AC के कूलिंग करने के कारण होता है। तीव्र गर्मी के दौरान AC का इस्तेमाल बढ़ने से यह समस्या और तेजी से फैल रही है। इसके मुख्य लक्षण हैं: गला सूखना या खराश महसूस होना। हल्की या कभी-कभी तेज खांसी आना। यह वायरल संक्रमण से अलग है। इसमें नाक बहना, बुखार और थकान शामिल है। इन मरीजों पर दिखता हैं गंभीर असर KGMU के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वेद प्रकाश का कहना है कि लगातार ठंडी हवा के संपर्क में रहने से श्वसन तंत्र की संवेदनशीलता बढ़ सकती है। इससे सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से अस्थमा या एलर्जी की समस्या है, उनमें ठंडी हवा के कारण ब्रोंकोस्पाज्म ट्रिगर हो सकता है। डॉ. वेद प्रकाश के अनुसार, सीधे ठंडी हवा के संपर्क में रहना और लंबे समय तक बंद कमरों में रहना इस समस्या को कई गुना बढ़ा देता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या एलर्जी के मरीजों पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलता है। आवाज निकलना भी हो सकता हैं बंद लखनऊ के डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजेश श्रीवास्तव कहते हैं कि इस मौसम में भी सर्दी के खांसी वाली पेशेंट आ रहे हैं। इनमें समस्या ज्यादा गंभीर हैं। समय पर एक्सपर्ट डॉक्टर से ट्रीटमेंट न लेने पर ये खांसी क्रोनिक हो जाती हैं। सांस के नली से लेकर लंग्स तक इंफेक्शन तेजी से फैल जाता हैं। कई बार इसकी चपेट में आने वाले मरीजों के आवाज में भी अचानक बदलाव आ जाता हैं। कुछ लोगों में सीवियर इंपैक्ट जैसे आवाज न निकलने की समस्या भी देखने को मिलती हैं। एक्सपर्ट डॉक्टर से ले सलाह इसके पीछे मुख्य वजह खराब मेंटेनेंस वाले AC हैं। ये धूल, एलर्जी और सूक्ष्मजीवों से फैल सकते हैं। इस भीषण गर्मी में AC जरूरी है लेकिन इसका समझदारी से इस्तेमाल करना होगा। सबसे पहले सीधी हवा से बचना चाहिए और ब्रेक लेना भी बहुत जरूरी हैं। वायु गुणवत्ता पर भी ध्यान जाना चाहिए। खराब मेंटेनेंस वाले AC जिनका फिल्टर नियमित साफ न किए जाएं, तो वही हवा घूमती रहती है, वही सबसे घातक हैं। ऐसे में इनडोर वेंटिलेशन सुनिश्चित करें। हाइड्रेटेड रहें और AC फिल्टर नियमित साफ करवाएं। हां, यदि लक्षण दिखे तो सेल्फ मेडिकेशन से बचे और एक्सपर्ट डॉक्टर से ही सलाह लें।
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