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    शाहजहांपुर में दंपति ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का प्रयास किया:पीड़ितों ने नगर पालिका और बैंक पर ससुर की संपत्ति न देने का आरोप लगाया

    2 hours ago

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    शाहजहांपुर में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एक दंपति ने कलेक्ट्रेट परिसर में डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत रोक लिया। इसके बाद जिलाधिकारी (डीएम) धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने दंपति से बात की और उनकी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। तिलहर तहसील के मौजमपुर निवासी सुनीता अपने पति मनोज कुमार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। सुनीता का आरोप है कि उनके ससुर तिलहर नगर पालिका में नायब मोहर्रिर के पद पर कार्यरत थे, जिनकी वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई थी। ससुर ने अपने जीवनकाल में ही अपना एरियर, जॉइनिंग लेटर, पूरी सैलरी और चल-अचल संपत्ति सुनीता के नाम वसीयत कर दी थी। सुनीता के अनुसार, नगर पालिका और बैंक द्वारा अभी तक उन्हें देय भुगतान नहीं किया गया है। इस समस्या को लेकर वह संपूर्ण समाधान दिवस में भी गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी इस मामले में मिले हुए हैं। सुनीता वर्तमान में नगर पालिका में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत हैं। नगर पालिका और बैंक वाले कर रहे परेशान पीड़िता सुनीता देवी ने बताया कि उनका धन्नी वाला मकान था, जिसकी छत गिर गई है और अब उनके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पांच साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई या सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि उनके पिता नगर पालिका में थे, लेकिन उनके सेवानिवृत्ति के बाद का पैसा नहीं मिला। शुरुआती पेंशन मिली, फिर उसे भी रोक दिया गया। मनोज का कहना है कि नौकरी उन्हें मिलनी चाहिए थी, लेकिन उनकी पत्नी को दी गई, जिसकी सैलरी भी नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका और बैंक वाले उन्हें परेशान कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि मनोज कुमार उनसे मिलने आए थे। उन्होंने बताया कि मनोज के पिता की काफी पहले मृत्यु हो गई थी। परिवार को यह गलतफहमी थी कि सेवानिवृत्ति के बाद भी नौकरी मिल जाती है।डीएम ने उन्हें समझाया कि नौकरी के दौरान यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है,तभी आश्रित नौकरी का दावा कर सकता है।उनका घर काफी टूटा हुआ है।
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