Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई आज:हाईकोर्ट में डाला है प्रार्थना पत्र, बोले - भारत के कानून, जूडिशियरी और पुलिस महकमे का हो रहा दुरुपयोग

    1 hour ago

    1

    0

    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर प्रयागराज हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। याचिका जज जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सूचीबद्ध है। पाक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमें में शंकराचार्य उनके शिष्य मुकुंदानंद के अलावा अज्ञात का नाम है। ऐसे में दोनों की जमानत की अर्जी पर आज सुनवाई होगी। वहीं जमानत अर्जी सुनवाई से एक दिने पहले शंकराचार्य ने विद्यामठ में मीडिया को बयान दिया कि ‘पूरी तरह से कहानी बनाई गई है और उसे चला दिया है। हमें बड़ा मजा आ रहा है बड़े-बड़े चैनल और उनके एंकर को देखकर। एक हिस्ट्रीशीटर आता है। कहानी बनाकर लुढ़का देता है। सारे लोग उसमें दबकर हाय दइया करने लगते हैं। ये भारत के कानून और जूडिशियरी, पुलिस महकमे का इतना बड़ा दुरुपयोग हो सकता है। यह हमें देखने को मिल रहा है।’ हत्या कराने की जताई आशंका शंकराचार्य ने कहा- संस्था को संरक्षित करने के लिए एक परिकर वर्ग होता है। हमने उसने कहा कि अगर गिरफ्तार करके ले जाए तो क्या बाधा है। उन्होंने कहा कि हमें कोई बाधा नहीं है, लेकिन वहां ले जाकर आपको जहर का इंजेक्शन लगा दें तो। ऐसी कई सारी कहानियां आ चुकी हैं। जेल में ले जाकर गड़बड़ किया जाता है। शंकराचार्य ने कहा- जब 1966 में गो-माता का आंदोलन चला था। तब केंद्र की सरकार ने गो-भक्तों पर गोली चलाई थी। स्वामी करपात्री महाराज,स्वामी श्री कृष्ण बोधाश्रम जी महाराज, हमारे गुरुजी महाराज को जेल में डाल दिया गया था। जिसके कारण करपात्री की आंख के पास चोट आई थी। यह सब भी जेल में होता है। इसलिए हम बचाव करना चाहते हैं। बच्चे के सामने आने पर कहा - बच्चे वही बोल रहे हैं, जो सिखाया पढ़ाया गया शंकराचार्य ने बटुकों के बयान पर कहा- बच्चे वही बोल रहे हैं, जो उन्हें सिखाया पढ़ाया गया। उनको क्या पता कौन सी चीज कहां है। आप लोग तो पकड़ लिए। दूसरी बात, वो बच्चे वही हैं, कौन वेरिफाई करेगा। चैनल ने शपथ-पत्र कहां दिया। पॉक्सो कोर्ट कहता है कि जो माइनर हैं, उनकी पहचान को किसी भी दशा में बाहर नहीं किया जाएगा। अब सवाल यह है कि चैनल को किसने बताया कि ये हैं पीड़ित। ये प्रोसिडिंग पूरी क्लोज रहती है। इसके बाद में न्यायालय, शिकायतकर्ता, पुलिस और खुद पीड़ित को पता है। चैनल ने कहा कि बच्चे चलकर खुद मेरे पास आए। अब ये कौन बताएगा। चैनल को इतनी जल्दी क्यों है? बच्चों को लाकर पूछताछ करके अभी केस निपटा दो। इसका मतलब यही है कि शंकराचार्य को बदनाम करने को जो भी मौका हो, उसे छोड़ो मत। आशुतोष महाराज ने रिपोर्ट बताई, तो जांच टीम क्या कर रही है: शंकराचार्य शंकराचार्य ने कहा- कल ही हमने आपको बताया था कि जांच टीम अपना काम कर रही है। आशुतोष महाराज ने प्रेस वार्ता करके सारी रिपोर्ट आप लोगों को बताई। जांच टीम क्या कर रही है। अगर रिपोर्ट किसी हिस्ट्रीशीटर द्वारा पब्लिक में बताई जाएगी तो पुलिस का क्या प्रभाव होगा। रिपोर्ट तो सार्वजनिक होती नहीं है। होती भी है तो पुलिस विभाग करती है, लेकिन उनके माध्यम से क्यों आ रही है। क्या परमानेंट प्रवक्ता पुलिस ने उन्हें बना लिया है। शीशमहल और स्विमिंग पूल के सवाल पर शंकराचार्य ने दिया जवाब शीश महल और स्विमिंग पूल के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा- इस समय मौका है। जिसके मन में खुन्नस है, अपने-अपने बयान से निकाल रहा है। सच्चाई यह है कि विद्या मठ है। स्वामी स्वरूपानंद महाराज जी ने इसे बनवाया था। इसके बाद से यह मठ लोक कल्याण के लिए काम करता आ रहा है। ये ऐसी चीज नहीं है कि कोई इसे जेब में छिपा ले। जहां तक शीश महल की बात है। शीश महल होना यानी शीशे लगे होना। ये अच्छाई है या बुराई है। अगर हम किसी कमरे में बैठे हैं, उसमें शीशा लगा है। पारदर्शी है कि बाहर का व्यक्ति भी अंदर झांक सकता है। ये तो आश्रम के लिए अच्छी बात है। स्विमिंग पूल की बात है तो जब पूज्य महाराज की तबीयत खराब थी तो वैद्य ने कहा था कि उन्हें व्यायाम की जरूरत है। तो गिर न जाएं चलत समय इसके लिए उनके लिए गड्ढा बनाया था। उनके साथ ही उसे समाप्त कर दिया गया है। शंकराचार्य बोले- मठ में कोई ऐसी चीज नहीं जो छिपाई जा सके शंकराचार्य ने कहा कि जहां तक बात यह है कि किसी को घुसने नहीं दिया जाता है। तो सवाल यह है कि आपने न जाने कितने आंदोलन में विद्या मठ को देखा है। पुराने लोगों से पूछिए, पहले हम तो नीचे मिलते ही नहीं थे। पहले ऊपरी मंजिल पर ही मिलते थे। जहां गुरूजी रहते थे। सालों ऐसा ही चलता रहा। बाद में जब ज्यादा लोग आने लगे। तो बहुत सारे वृद्ध लोग थे। हमने सबने अनुरोध किया है कि ऊपर चढ़ने में दिक्कत होती है। तब हमने नीचे बैठकर लोगों से मिलना शुरू किया। अब लोग जिद करते हैं कि कैमरे लेकर ऊपर ले जाने दीजिए। मठ के अंदर विद्यालय चलता है। छोटे-छोटे बच्चे रहते हैं। अगर हम ऐसी अनुमति दे देते हैं तो वो रेकी हो जाएगा। भविष्य में कोई दुष्ट मानसिकता का व्यक्ति रेकी करके सुरक्षा पर प्रहार कर सकता है। अगर बिना कैमरे के देखना चाहते हैं तो देख सकते हैं। हमारे मठ में कोई ऐसी चीज नहीं जो छिपाई जा सकती है। जानिए पूरा मामला... प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पहले बेटे को मारा, फिर बॉयफ्रेंड का कत्ल किया:मेरठ में पत्नी बोली- पति शराब पीकर बहुत पीटता था; छूटा तो मुझे मार डालेगा
    Next Article
    लखनऊ में साफ मौसम, अगले पांच दिन गर्मी के असर:धूप से तपेगा शहर, आज 32 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, रात में भी बढ़ेगी गर्मी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment