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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR..भूपेश बघेल ने योगी को बताया ढोंगी:कहा- योगी अब निम्न स्तर पर उतरे; महंत-मुख्यमंत्री दोनों पद पर एक आदमी कैसे

    5 hours ago

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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR होने पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। उन्होंने इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को ढोंगी बताया और कहा कि योगी अब निम्न स्तर पर उतर आए हैं। बघेल ने कहा कि महंत भी 24 घंटे के लिए होता पूर्ण कालिक होता है, मुख्यमंत्री भी पूर्ण कालिक होता है। दोनों पद में एक साथ कोई आदमी कैसे रह सकता है। दल्लीराजहरा जाते समय दुर्ग में मीडिया से बातचीत में बघेल ने यह बयान दिया। इसके साथ ही उन्होंने 24 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र पर भी सवाल उठाए। भूपेश बघेल ने कहा कि केवल 15 बैठकों का प्रस्तावित बजट सत्र राज्य जैसे बड़े विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है। बजट सत्र पर 15 बैठकें काफी नहीं - भूपेश बघेल पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, केवल 15 बैठकों का प्रस्तावित बजट सत्र राज्य जैसे बड़े विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है। 23 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण निर्धारित है। परंपरा के अनुसार अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है, लेकिन जानकारी मिल रही है कि 24 तारीख को ही बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने पूछा इतनी जल्दबाजी किस बात की है? क्या सरकार के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए सब कुछ एक साथ निपटाया जा रहा है? भूपेश ने कहा कि, कुछ भाजपा नेताओं ने 25 सांसदों और राहुल गांधी को गोली मारने जैसे बयान दिए, लेकिन उस समय बीजेपी पार्टी चुप थी। AI समिट पर बोले- चाइनीज कुत्ते को अपना बता दिया भूपेश बघेल ने कहा कि, आज कल सब जगह कुत्ता ही महत्वपूर्ण हो गया है। यहां देखो शिक्षक, अस्टिटेंट प्रोफेसरों को कुत्तों की निगरानी में ड्यूटी लगा दी गई है। वे अब कुत्ता पकड़ रहे हैं। अब यहां देशी कुत्तों की बात हो रही थी, अब अचानक चाइनीज कुत्ता आ गया है, वो भी नकली। चाइनीज कुत्ता को अपना कुत्ता बता दिए। पूरा एआई समिट एक तरफ और चाइनीज कुत्ता एक तरफ। गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर भूपेश ने कहा कि, वो गलगोटिया नहीं है, वो भारतीय जनता पार्टी और सरकार का गला घोटने वाला है, पूरा सत्यानाश कर दिया, पूरे कार्यक्रम का गला घोट दिया। योगी आदित्यनाथ को बताया ढोंगी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज एफआईआर के सवाल पर बघेल ने कहा कि, महंत और मुख्यमंत्री दोनों पूर्णकालिक पद हैं। ऐसे में एक व्यक्ति दोनों जिम्मेदारियां कैसे निभा सकता है? महंत भी 24 घंटे के लिए होता है पूर्ण कालिक होता है, मुख्यमंत्री भी पूर्ण कालिक होता है। दोनों पद में एक साथ कोई आदमी कैसे रह सकता है। दूसरी बात शास्त्रार्थ कर लें। तीसरी बात ये है कि योगी है जो एक पैर पर खड़ा नहीं हो सकता तो वो किस बात का योगी है, ढोंगी है वो। और पूरे उत्तर प्रदेश में महंतजी की थू-थू हो रही है। सर्टिफिकेट मांग रहे हैं तो आपके पास कौन सा सर्टिफिकेट है भाई। ये निम्नस्तर पर उतर आए हैं। मड़ई मेला में कोई भी लगा सकता है दुकान दुर्ग जिले के देवबलोदा में मेला विवाद के बाद मंदिरों के आसपास मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकान नहीं लगाने के सवाल पर बघेल ने कहा कि, यह सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है। आज मुसलमानों को रोका जा रहा है, कल एससी-एसटी समाज को भी रोका जा सकता है। मेला-मड़ई सबका होता है, वहां हर समुदाय के लोग आते-जाते हैं। देश को किस दिशा में ले जाया जा रहा है? कल को बजरंग दल बोल देंगे जिस जाति के लोग हैं, वही रहेंगे बाकी लोग नहीं रहेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण मामले में FIR शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले FIR दर्ज कर ली गई है। प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज FIR में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है। अब जानिए शंकराचार्य को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। तभी पुलिस ने उनकी पालकी रोक दी थी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा था। लेकिन, शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने थे। वे लोग पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे थे। इस पर शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई थी। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एक साधु को चौकी में भी पीटा भी था। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए थे और शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए थे। तब अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े थे, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया था। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया था। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया था। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए थे। इसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने पर शंकराचार्य 28 जनवरी को वाराणसी लौट आए थे। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… भाईजान चाट वाले ने 'जय माता दी' लिखकर गुपचुप बेचा:कहा-जिससे काम सीखा, उनके सम्मान में नाम रखा; महाशिवरात्रि-मेले में दुकान लगाने वाले 95% बाहरी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के देवबलौदा चरोदा स्थित 13वीं शताब्दी के प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर सदियों से मेला लग रहा है। लेकिन इस साल 15 फरवरी को मेले में विवाद की स्थिति बन गई। दरअसल मेले में भाईजान चाट वाले ने नाम बदलकर ठेले पर ‘जय माता दी’ लिखवाया था और लोगों को गुपचुप खिला रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
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