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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रतापगढ़ पहुंचे:गौ रक्षा पर भाजपा सरकार को घेरा, 40 दिन का अल्टीमेटम

    2 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को अपनी गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा के तहत प्रतापगढ़ पहुंचे। जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के ढकवा बाजार में संतों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया गया। मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर गौ रक्षा को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ रक्षा के पक्ष में है, तो पशु हत्या और मांस विक्रय पूरी तरह बंद होना चाहिए। शंकराचार्य ने बताया कि इस संबंध में सरकार को 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि 37 दिन बीत चुके हैं और अब केवल 3 दिन शेष हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की कि 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब लिया जाएगा। यूजीसी से जुड़े कानून को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग मंच से "बांटोगे तो काटोगे" जैसे नारे लगाते हैं, वही ऐसे कानून लेकर आते हैं जिनसे समाज में मतभेद पैदा हो सकता है। उन्होंने नेताओं की कथनी और करनी में अंतर न होने की बात कही। 'कालनेमी' पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि कालनेमी वह होता है जो अंदर से राक्षस हो और ऊपर से साधु का रूप धारण करे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऊपर से गेरुआ वस्त्र पहनते हैं, लेकिन अंदर से पशु हत्या और मांस व्यापार से जुड़े होते हैं। अपने ऊपर लगे आरोपों को उन्होंने निराधार बताया। शंकराचार्य ने कहा कि जिन लोगों ने आरोप लगाए, वे कभी उनके पास आए ही नहीं। उन्होंने दावा किया कि गौ रक्षा की बात करने के कारण ही उनके खिलाफ साजिश के तहत आरोप लगाए गए हैं। धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने सही बात कही है। उनके अनुसार, अब हर व्यक्ति—चाहे वह नेता हो, संत हो या संन्यासी—को यह स्पष्ट करना होगा कि वह गाय के साथ है या नहीं। कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी यात्रा के अगले पड़ाव सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए।
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