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    शंकराचार्य बोले- मुख्यमंत्री खुद को हिंदू साबित नहीं कर रहे:काशी में बोले- गौमाता की प्रतिष्ठा के लिए कोई प्रयास नहीं किया, हम धर्मयुद्ध करेंगे

    8 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। 11 मार्च से लखनऊ में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए धर्मयुद्ध का ऐलान करेंगे। कहा कि 40 दिन का समय दिया गया था, 30 दिन हो चुका है, लेकिन वह खुद को असली हिंदू साबित करते हुए नहीं दिख रहे हैं। गौमाता के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इसलिए हमें गौ माता की प्रतिष्ठा के लिए धर्मयुद्ध का ऐलान करना होगा। कौन गाय के पक्ष में है और कौन गाय के विपक्ष में है, लाइन खींचकर के देखना होगा। यह आवश्यक हो गया है कि 40 दिन बीतने के बाद 41 दिन हम गौ माता की प्रतिष्ठा के लिए आरंभ होने वाले धर्मयुद्ध का शंखनाद लखनऊ में जाकर कर दें। अब जो 10 दिन बचे हैं, उन दिनों में आशा की अंतिम प्रतीक्षा रहेगी। उसके बाद 11 मार्च को 40 दिन की अवधि बीत जाने के बाद शंखनाद करने की आवश्यकता पड़ेगी। इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमला करने पर कहा कि जब पाखंड बढ़ता है तो इस तरह का युद्ध होता है। धर्म युद्ध होगा तो इस तरह के भौतिक युद्ध की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों की क्षति नहीं होगी। 'हमने 12 घंटे में जवाब दिया, वह 30 दिन भी नहीं दे सके' शंकराचार्य ने कहा कि, हमसे पूछा गया कि बताओ 24 घंटे के अंदर कि तुम शंकराचार्य कैसे कह सकते हो। हम लोगों ने 12 घंटे में उत्तर दिया। उसके बाद इस बात की जांच के लिए कि हमारे समाज में कुछ कालनेमी आ गए हैं, हम लोगों ने भगवा कपड़ा पहनकर के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाल रहे आदित्यनाथ जी से पूछा था कि आप बताओ कि आप असली हिंदू कैसे हो। 40 दिन में बताओ। इस दौरान जब 10 दिन बीते तो हम लोगाें ने आकलन किया कि इन 10 दिनों में इन लोगों ने कुछ या नहीं, जब 20 दिन बीता तब भी आकलन किया। आज जब 30 दिन बीत चुके हैं ।हम लोगों ने फिर से आकलन किया कि उन्होंने अपने को हिंदू होने के बारे में कुछ स्पष्टता की, उन्होंने गौमाता के बारे में जो देश के सनातनियों की मांग है, उस पर कुछ किया। दुख हो रहा है कि 30 दिन बीत गए, अभी तक गौमाता के लिए उनकी तरफ से कोई ऐसा ऐसा प्रयास हाेता दिखाई नहीं दिया, कि देश के असंख्य सनातन धर्मियों की भावना के अनुरूप उनकी ओर से कुछ किया जा रहा है। हां, इस बीच में लगभग एक सप्ताह वह विदेश में ही रहे, यह कह सकते हैं कि मैं यहां था ही नहीं। लेकिन, जब आपके देश के बहूसंख्य लोगों की भावना की अनदेखी करके विदेश जाने का बहाना बनाकर उपेक्षा नहीं कर सकते। इसलिए सुनिश्चित हो गया कि उनके द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान प्रकरण पर क्या कहा, जानिए… युद्ध तो हर समय होता ही रहता है, कभी अस्त्र-शस्त्र से होता है। कभी शक्ति संतुलन के लिए होता है। हर देश एक-दूसरे के विरूद्ध योजना बनाते रहते हैं। लेकिन, कहीं युद्ध हो रहा है, इतने मात्र से हमलोग अपने धर्म की रक्षा की बात ही छोड़ दें। हम छूट दे दें कि युद्ध छिड़ा है गाय को काटकर के खाओ ? बेचो, अंग्रेजों को तृप्त करो। अपनी गौ माता को काटकाटकर उनके सामने परोसो। इसी के लिए हमारे पुर्वजों ने स्वतंत्रा संग्राम में भाग लिया था, कि अंग्रेजों को भगाओ। ताकि जब वह भाग जाएं तो हम लोग गाय काट-काटकर के उनको भेजें। यह कितनी घृणित बात है। यह युद्ध इसीलिए हो रहा है कि धर्म युद्ध लड़ने बंद हो गए। धर्म युद्ध होगा तो लोगों के मन में धर्म की प्रतिष्ठा होगी। धर्म के नाम पर जो पाखंड हो रहा है, वह समाप्त होगा। जब पाखंड बढ़ जाता है तभी इस तरह के युद्ध होते हैं। अमेरिका का राष्ट्रपति कहता है कि हमें शांति का नोबल पुरस्कार मिलना चाहिए और युद्ध का सारा इंतजाम भी वही करता है। यह ढोंग है। ऐसा ढोंग जब संसार में फैल जाता है और ढोंग पर अंकुश नहीं लगाया जाता है तो इस तरह के युद्ध हो रहे हैं। इसलिए धर्मयुद्ध बहुत जरूरी है, ताकि इस तरह के भौतिक युद्ध न हों। जान माल की क्षति लोगों की न हो। हम शांति की कामना नहीं करते हैं, जो गर्मी है वह निकल जाए, ताकि अपने आप शांति हो जाए। इसलिए हो जाने दो। इसके पहले शंकराचार्य पर लगे पाक्सो एक्ट पर हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। जिससे उनको राहत मिली है। वहीं शनिवार को भी भक्तों का मठ में तांता लगा रहा और हाईकोर्ट में शंकराचार्य के अधिवक्त पीएन मिश्रा ने भी शंकराचार्य से मुलाकात किया। जानिए कोर्ट में क्या हुआ ? इलहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, वहीं फैसला आने तक गिरफ्तारी नहीं होगी। कट ने कराचार्य जांच में सहयोग करेंगे। अदालत में शंकराचार्य का पक्ष वकील पीएन मिश्रा ने रखा, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए। शिकायकर्ता आशुतोष महाराज की वकील रीना सिंह ने भी दलीलें रखीं। दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की FIR दर्ज की थी। जानिए अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने क्या कहा ? शंकराचार्य के अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने कहा- ये सत्य की विजय है और संतान धर्म की विजय है।यह सनातन धर्म को समाप्त करने का एक बहुत बड़ा षडयंत्र चल रहा है। जैसे की वेद की स्वर के उच्चारण को पढ़ाने की परम्परा है। वह कुछ ही जगह बची हुई है जहां उसे पढ़ाया जाता है। विद्यार्थियों को रखकर स्वरोच्चारण के साथ वेद को पढ़या जाता है। यह सम्पात करने के लिए कुछ विद्यार्थियों को लाकर बयान दिलवाया जा रहा है ताकि संचालकों पर पाक्सो एक्ट लग जाए। और हर व्यक्ति इससे डर जाएगा और ये गुरुकुल बंद हो जाएं गुरुकुल चलाने की हिम्मत नहीं करेगा और गुरुकुल बंद हो जाएगा। यह बहुत बड़ा षड्यंत्र है ताकि वैदिक शिक्षा बंद हो जाए। अब जानिए कोर्ट से राहत के बाद क्या बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद… हाईकोर्ट के फैसले पर शंकराचार्य ने कहा, शंकराचार्य जैसी संस्था को बदनाम करने की कोशिश की गई। आज जो हालात हैं कि अपने भाई पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। सारा अमला भ्रष्ट नहीं हो सकता। कहीं तो कोई होगा, जिसके मन में न्याय होगा। इसलिए संघर्ष जारी रहना चाहिए। पूरे देश का हिंदू समुदाय आशंकित था। उन्हें लगने लगा था कि हमारे गुरु ने क्या गड़बड़ी की है। मुकदमा झूठा बनाया गया था। बटुक कभी आश्रम में नहीं रहे हैं। शिकायकर्ता आशुतोष महाराज ने कहा, हमें पूर्ण विश्वास है की धर्म की विजय होगी ओर पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा। झूठी कहानी अदालत में ध्वस्त हो गई शंकराचार्य ने बताया- वकील पीएन मिश्रा से बात हुई है। उन्होंने बताया कि न्यायालय में हम लोगों ने आपका पक्ष रखा। विस्तार से न्यायालय में चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने अपनी अपनी दलील रखी। न्यायालय ने ये कहा, हम फैसला रिजर्व कर रहे हैं। साथ ही जो गिरफ्तारी की कार्रवाई को रोक दिया है। शंकराचार्य ने कहा- वहां पर जो दलील रखी, वह इस बात पर थी कि मुकदमा झूठा बनाया गया है। जज को हमारी रखी बात में बल दिखाई दिया। तभी तो उन्होंने एक निर्देश दिय़ा है। इसलिए हम शुरुआत से कह रहे थे। हम लोगों ने अपनी बात जो सही थी, वह रखी। और आप देखिए न्यायाधीश ने जो एक आदेश पारित किया है। उससे ये पता चलता है कि इस मामले को बना करके रखा गया है। जितना बड़ा प्रचार किया जा रहा है कि आश्रम में बटुकों का शोषण, गुरुकुल में बटुकों का शोषण इनके यहां होता है। ये जो बात चलाई जा रही थी। उसको तो जो AG है, उन्होंने ने ही समाप्त कर दिया। उन्होंने ही कह दिया कि आश्रमें ये बटुक रहे ही नहीं। हम लोग पहले से ही कह रहे थे। आज वह बात जनता के सामने प्रमाणित कर दी। जो कहानी बनाई गई थी, वह पूरी तरीके से ध्वस्त हो गई। हिंदू समुदाय बहुत आहत था कि ये क्या हो रहा है। लोगों में तरह- तरह की आशंकाएं थीं। उन लोगों को लगने लगा था कि हमारे गुरु जी ने कुछ गड़बड़ी की है। आज कम से कम प्रथम दृष्टया ही सही, लेकिन सबको पता तो चला। कहीं न कहीं सुनवाई होती है, कहीं न कहीं न्याय होता है। अब जानिए पूरा मामला… प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। 'आज तक' को दिए इंटरव्यू में दावा किया- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। …………………. ये खबर भी पढ़िए- झांसी में भाभी को चाकू मारकर न्यूड भागा प्रेमी देवर...VIDEO:300 मीटर दूर पेड़ से लटककर जान दी, ब्रेकअप से नाराज था झांसी में भाभी पर प्रेमी देवर ने जानलेवा हमला कर दिया। उसने चाकू से पेट और गले पर वार किए। सीना फाड़ दिया। उसकी आतें बाहर आ गईं। इसके बाद आरोपी न्यूड अवस्था में लंगड़ाते हुए भागा और 300 मीटर दूर जाकर पेड़ से लटककर जान दे दी। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। उसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि देवर और भाभी के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन भाभी उससे ब्रेकअप कर चुकी थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने यह कदम उठाया। पढ़िए पूरी खबर…
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