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    शंकराचार्य बोले- योगी के पास एक लाख गाय लेकर पहुंचेंगे:आंदोलन के लिए कैसी अनुमति, सरकार हमारे खाने-रुकने का इंतजाम करे

    19 hours ago

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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को लखनऊ में गो-संरक्षण आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया। उन्होंने ‘गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प’ सभा में कहा कि देश के गांव-गांव तक गोमाता के लिए आंदोलन चलेगा। यूपी के एक लाख सात हजार गांवों से गोमाता लखनऊ लाएंगे। उन्हें सीएम योगी से मिलाएंगे। इस बार आंदोलन के लिए सरकार से अनुमति नहीं मांगेंगे। 17 अगस्त से आंदोलन शुरू होगा। 17 नवंबर को बड़ी संख्या में लोग लखनऊ में जुटेंगे। यहां 11 दिन रहेंगे। उसके बाद दिल्ली कूच करेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हमारे आंदोलन के लिए सरकार को मैदान और भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए। बीते 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित 'शंखनाद सभा' के दौरान 24 जुलाई को बड़े कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। आयोजन समिति का कहना है कि औपचारिकताएं 3 जुलाई को पूरी कर ली गई थीं। जब 36 घंटे पहले तक अनुमति नहीं मिली तो समर्थकों से गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा को विधानसक्षा क्षेत्र स्तर पर करने के लिए कहा गया। छत्तीसगढ़ में सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर लगेगा अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 14 से 17 अगस्त (श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया से पंचमी) तक छत्तीसगढ़ में प्रतिनिधियों का सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही 17 अगस्त से प्रदेश और देशभर में 'एक नोट अभियान' शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर व्यक्ति से आंदोलन के लिए एक नोट का सहयोग देने की अपील की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 'गो माता के नाम कांवड़ यात्रा' निकालने का अभियान भी शुरू किया जाएगा, ताकि गो-संरक्षण के प्रति लोगों को जोड़ा जा सके। काशी में होगा 11 दिन का गौ प्रतिष्ठा यज्ञ शंकराचार्य ने कहा कि शारदीय नवरात्र के दौरान काशी में 11 दिवसीय गौ प्रतिष्ठा यज्ञ आयोजित होगा। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि यज्ञ के दौरान गौ माता की रक्षा के लिए संकल्प दिलाया जाएगा और लोगों से गौ संरक्षण के पक्ष में खड़े होने का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया से उत्तर प्रदेश के हर गांव से एक-एक नंदी या आनंदी (प्रतीकात्मक यात्रा) निकलेगी। यह यात्रा विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अष्टमी (गोपाष्टमी के दिन लखनऊ पहुंचेगी। शंकराचार्य का दावा है कि प्रदेश के 1.07 लाख गांवों से यह अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली और गांवों की ओर बढ़ेगा आंदोलन अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि लखनऊ कार्यक्रम के बाद 11 दिन तक इंतजार किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा। इसमें एक टोली दिल्ली की ओर जाएगी, जबकि दूसरी टोली उत्तर प्रदेश के गांवों में जाकर गो-संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी। अक्षौहिणी संकल्प सभा के लिए अनुमति स्पष्ट नहीं की अविमुक्तेश्वरानंद की अक्षौहिणी संकल्प सभा आयोजन समिति का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए समय से आवेदन करने और 4.64 लाख रुपए से अधिक शुल्क जमा करने के बावजूद प्रशासन ने अंतिम समय तक अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। इससे लाखों श्रद्धालुओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। समिति के मुताबिक, 3 जुलाई को अनुमति के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन कई बार संपर्क करने के बावजूद समय पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। आरोप है कि पिछले कार्यक्रम की तरह इस बार भी अंतिम समय तक संशय की स्थिति बनाई गई। भ्रम होने पर विधानसभा क्षेत्रों में हुआ कार्यक्रम आयोजन समिति ने गो-भक्तों से लखनऊ न आने की अपील की। इसके बजाय सभी से कहा कि वे 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे अपने विधानसभा क्षेत्रों में तय स्थान पर एकत्र होकर 'गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प' कार्यक्रम आयोजित करें। आयोजन समिति ने दावा किया है कि प्रदेश के कई जिलों में आयोजकों और गौभक्तों को हाउस अरेस्ट किया गया है। साथ ही आरोप लगाया कि जब कार्यक्रम में करीब 36 घंटे बाकी थे, तभी जाकर अनुमति पत्र पोर्टल पर अपलोड किया गया। समिति ने इसे प्रशासन का असहयोगात्मक रवैया बताते हुए इसकी निंदा की है। अक्षौहिणी के बारे में पढ़िए प्राचीन भारतीय युद्ध प्रणाली में सेना की सबसे बड़ी और संपूर्ण इकाई को अक्षौहिणी कहा जाता था। यह चार अंगों (रथ, हाथी, घुड़सवार और पैदल सैनिक) से बनी एक चतुरंगिणी सेना होती थी। महाभारत में कुल 18 अक्षौहिणी सेनाओं ने कुरुक्षेत्र का युद्ध लड़ा था। एक अक्षौहिणी सेना में 21 हजार 870 रथ, 21 हजार 870 हाथी, 65 हजार 610 घुड़सवार और 1 लाख 9 हजार 350 पैदल सैनिक होते थे। ------------------------------ 11 मार्च की खबर पढ़िए- भीड़ कम होने पर शंकराचार्य बोले-यह शराब की दुकान नहीं:मुझे सपा समर्थक कहते हैं, मेरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा भाजपाई हैं शंकराचार्य ने लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया। शंकराचार्य ने कहा- यह शराब की दुकान नहीं, ये सभा शुद्ध गाय की दुकान है। यहां ज्यादा भीड़ हो जाती तो इसका मतलब होता यह शराब की दुकान है। यहां कम भीड़ है, इसी से पता चल रहा है कि यह शुद्ध गाय के दूध की दुकान है। पूरी खबर पढ़िए
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