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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप:ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज ने प्रयागराज कोर्ट में याचिका दायर की

    18 hours ago

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    शामली के ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत में याचिका दायर कर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका में नाबालिग बालकों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पीड़ित बच्चों और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की गई है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया कि माघ मेले के दौरान प्रयागराज में दो नाबालिग बालक उनके संपर्क में आए थे। बच्चों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए संरक्षण की मांग की और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि केवल दो ही नहीं, बल्कि करीब 20 बच्चे इस प्रकार की घटनाओं के शिकार हो सकते हैं। झूंसी थाना में लिखित तहरीर दी थी आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, उन्होंने 24 जनवरी को थाना झूंसी में लिखित तहरीर दी थी। 25 जनवरी को पुलिस कमिश्नर प्रयागराज और पुलिस अधीक्षक माघ मेला को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी गई। 27 जनवरी को डाक द्वारा भी लिखित शिकायत प्रेषित की गई। उनका आरोप है कि इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने विशेष पॉक्सो न्यायालय में याचिका दायर करते हुए दो नाबालिगों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का दावा किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की गई है। इस संबंध में अभी तक प्रशासन या आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार में छह भाई-बहन आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक पंडित परिवार में हुआ। उनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली निजी बसों में कंडक्टर का कार्य करते थे। बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के रहे आशुतोष ने स्थानीय निजी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की और बाद में कांधला के प्राचीन शाकंभरी सिद्धपीठ मंदिर समिति से जुड़े। वर्तमान में वे मंदिर प्रबंधन से जुड़े बताए जाते हैं। उनके परिवार में छह भाई-बहन हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में महाकुंभ के दौरान जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य से दीक्षा लेने के बाद से वे संन्यासी जीवन जी रहे हैं और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
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