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    शिक्षक आत्महत्या प्रकरण: बीएसए को गिरफ्तारी का डर:हाईकोर्ट में स्टे के लिए दायर की याचिका, डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को लिखा

    11 hours ago

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    देवरिया में सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी है। इस बीच, बीएसए ने गोरखपुर में दर्ज मुकदमे के बाद हाईकोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर की है। कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह देवरिया में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में अपने भाई के साथ रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होंने अपने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह ने आरोप लगाया है कि आत्महत्या वाले दिन ही बीएसए कार्यालय बुलाकर उनके पति को कथित तौर पर अपमानित किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई थी। घर लौटने के बाद कृष्ण मोहन सिंह अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। परिजनों के अनुसार, उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था। इस मामले में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल लिपिक संजीव सिंह और अन्य अज्ञात के खिलाफ गुलरिहा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। गोरखपुर पुलिस अब जांच में तेजी ला रही है और जल्द ही बीएसए के साथ काम करने वाले अन्य शिक्षकों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज कर सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने बीएसए कार्यालय में लगभग दस घंटे तक अभिलेखों की जांच की और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 13 फरवरी 2025 को पारित एक आदेश के अनुपालन में कथित विलंब पहले से ही जांच के घेरे में था। अब गोरखपुर में दर्ज मुकदमे के बाद बीएसए का हाईकोर्ट पहुंचना इस मामले को और गंभीर बना रहा है। मोबाइल जब्त, एफएसएल को भेजे गए दस्तावेज मुकदमे की विवेचना के क्रम में जांच अधिकारी ने बीएसए के दोनों मोबाइल फोन कब्जे में लेकर थाने में जमा करा दिए हैं। पुलिस टीम बीएसए और निलंबित बाबू संजीव सिंह के बयान दर्ज करने की तैयारी में है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच के लिए दस्तावेज फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार सुसाइड नोट में दो अन्य शिक्षकों का भी जिक्र है, जिनसे पुलिस ने संपर्क किया है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। बीएसए कक्ष का वॉयस रिकॉर्डिंग बंद, उठे सवाल जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बीएसए के कार्यकक्ष में लगा सीसीटीवी कैमरा बिना वॉयस रिकॉर्डिंग के था, जबकि कार्यालय के अन्य कैमरों में ऑडियो सुविधा उपलब्ध थी। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 20 फरवरी 2026 को शिक्षक की बीएसए से मुलाकात हुई थी, लेकिन ऑडियो रिकॉर्डिंग न होने से उस दिन हुई बातचीत स्पष्ट नहीं हो सकी। इस संबंध में पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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