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    श्रमिकों के वेतन कटौती पर इक्टू का प्रदर्शन:आउटसोर्सिंग कंपनी पर आरोप, कार्रवाई न होने पर देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

    2 hours ago

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    आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) ने एनटीपीसी ऊंचाहार, रायबरेली में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनियों और ठेकेदारों पर मजदूरों के वेतन से आधी रकम वापस लेने का आरोप लगाया है। संगठन ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को देशव्यापी हड़ताल तक ले जाया जाएगा। ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि ठेकेदार कंपनियां वर्षों से मजदूरों को मिलने वाली मासिक मजदूरी का आधा हिस्सा अवैध रूप से वापस ले रही हैं। उन्होंने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए कहा कि यह कथित खेल एनटीपीसी प्रबंधन और ठेकेदारों की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा है। ‘विरोध करने पर धमकी मिली’ विजय विद्रोही ने कहा कि पिछले वर्ष जब संगठन ने इस कथित वसूली का विरोध किया, तब ऐक्टू नेता पवन मिश्रा को एक ठेकेदार की ओर से मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज हुआ था। ‘हजारों मजदूर प्रभावित’, कार्रवाई न होने का आरोप संगठन का दावा है कि ऊंचाहार थर्मल पावर में कार्यरत विभिन्न कंपनियों और ठेकेदारों की इस कथित व्यवस्था से हजारों मजदूर प्रभावित हैं। ऐक्टू का कहना है कि वह लंबे समय से एनटीपीसी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन से इस वसूली को रोकने की मांग करता रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ‘आवाज उठाने वालों को नौकरी से बाहर करने की कोशिश’ संगठन ने आरोप लगाया कि अब इस कथित लूट के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने के लिए पवन मिश्रा, संतोष कुमार समेत कुछ अन्य श्रमिकों को सेवा से अलग करने या उन्हें किनारे करने की कोशिश की जा रही है। ऐक्टू का आरोप है कि इसका उद्देश्य बाकी मजदूरों में भय का माहौल बनाना और संगठन की आवाज को कमजोर करना है। 15 मार्च की वार्ता का भी किया जिक्र ऐक्टू नेताओं के मुताबिक, 15 मार्च को हुई वार्ता में एनटीपीसी प्रबंधन ने मजदूरों की सेवाएं जारी रखने, कथित वसूली रोकने के लिए कार्यरत कंपनियों और ठेकेदारों से शपथ पत्र लेने, शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने और शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, संगठन का आरोप है कि इसके अगले ही दिन पवन मिश्रा को उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर करीब 4 किलोमीटर दूर तैनात करने का आदेश जारी कर दिया गया। 1 अप्रैल को एकता कन्वेंशन, 9 अप्रैल को प्रदर्शन ऐक्टू ने घोषणा की है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन के मुताबिक, 1 अप्रैल को एनटीपीसी गेट के पास एकता कन्वेंशन होगा 9 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा इसके बाद एनटीपीसी गेट पर धरना भी शुरू किया जाएगा ये हैं यूनियन की प्रमुख मांगें संगठन ने मांग की है कि: पवन मिश्रा और अन्य श्रमिकों का गेट पास बनाकर सेवा में बहाल किया जाए मजदूरों से कथित रूप से वसूली करने वाली कंपनियों, एजेंसियों और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए संबंधित कार्यादेश निरस्त किए जाएं श्रमिकों को डराने-धमकाने वाले तत्वों पर कार्रवाई हो लोकतांत्रिक तरीके से श्रमिक गतिविधियां चलाने पर रोक न लगाई जाए पत्रकार वार्ता में ये लोग रहे मौजूद पत्रकार वार्ता में ऐक्टू जिला सचिव राम गोपाल मिश्रा, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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