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    श्रावस्ती में डीएम ने बच्चों को खिलाई कृमि मुक्ति दवा:जिले में 1 से 19 वर्ष तक के लिए अभियान शुरू, 14 अगस्त को मॉप-अप

    3 hours ago

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    श्रावस्ती जिले में सोमवार को 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच विभाग ने बताया की राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का आज शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने विकासखंड हरिहरपुररानी के प्राथमिक विद्यालय सिसवा में फीता काटकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर अभियान को गति प्रदान की। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को निःशुल्क एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। यह दवा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर भी वितरित की जाएगी। अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें भी दवा खिलाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कृमि संक्रमण के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। संक्रमण से कुपोषण और एनीमिया की समस्या बढ़ सकती है, जिससे बच्चों में कमजोरी आती है। इसके परिणामस्वरूप स्कूल में उनकी अनुपस्थिति बढ़ जाती है और पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसलिए, कृमि संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर दवा का सेवन अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर किसी कारणवश दवा न ले पाने वाले बच्चों के लिए 14 अगस्त को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें छूटे हुए बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करेंगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके वर्मा ने बताया कि एल्बेंडाजोल के सेवन के बाद कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट दर्द या थकान जैसे मामूली दुष्प्रभाव दिख सकते हैं। ये प्रभाव आमतौर पर क्षणिक होते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को खुली और हवादार जगह पर लिटाकर साफ पानी पिलाने की सलाह दी गई है।
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