Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    SIR में गड़बड़ी पर कर्नाटक सीएम धरने पर बैठे:कहा- BJP ने साजिश की, FIR दर्ज हो; राज्य में 1 करोड़ से ज्यादा वोट कटे

    3 hours ago

    1

    0

    कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार गुरुवार को राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने SIR में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 के दुरुपयोग में शामिल लोगों के खिलाफ जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि SIR में गड़बड़ियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 45 लाख से ज्यादा वोटरों के नामों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें भाजपा के लोग शामिल हैं। राज्य सरकारें या उनकी पुलिस चुनाव आयुक्तों पर उनके सरकारी काम को लेकर सीधे केस दर्ज नहीं कर सकती हैं। कर्नाटक में SIR जून से 8 अगस्त 2026 तक हुआ। इससे पहले राज्य में 5.54 करोड़ मतदाता थे। SIR के दौरान 1.08 करोड़ नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 4.46 करोड़ रह गई। दावा- पहले से भरे हुए फॉर्म-7 जमा किए गए शिवकुमार ने बताया कि विजयपुरा, भालकी, बेलगावी, मैसूरु, मुदिगेरे और बेंगलुरु समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को पहले से भरे हुए फॉर्म-7 दिए गए। इन फॉर्म में वोटरों के नाम, पते और EPIC नंबर पहले से दर्ज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 70% से ज्यादा बूथों में BJP और पार्टी से जुड़े नेताओं ने फॉर्म-7 लिए हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कुछ लोगों ने दर्जनों और कुछ ने सैकड़ों आवेदन जमा किए। उन्होंने 84, 92, 241 और 423 फॉर्म जमा करने वाले लोगों के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि इन आवेदनों का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों, दलितों, अनुसूचित जातियों और आदिवासी वोटरों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। भालकी में एक दिन में 3,244 आवेदन कर्नाटक सरकार में मंत्री ईश्वर खंड्रे के मुताबिक, भालकी में 36 लोगों ने एक ही दिन में फॉर्म-7 के 3,244 आवेदन जमा किए। उन्होंने इन लोगों को BJP कार्यकर्ता बताया। खंड्रे ने ऐसे व्यक्ति का उदाहरण दिया, जिसने 241 आवेदन जमा किए थे। उन्होंने कहा कि जिन वोटरों के नाम इन आवेदनों में शामिल थे, वे बाद में पुलिस के पास पहुंचे। इन वोटरों ने आरोप लगाया कि उनके नाम हटाने की कोशिश में गलत जानकारी और जालसाजी का इस्तेमाल किया गया। राहुल बोले- राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि पूरा देश वोट चोरी के खिलाफ गुस्से में है, मगर फिर भी BJP-EC की बेशर्मी देखिए कैसे खुलेआम वही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- कर्नाटक के बेलगावी में एक झटके में लगभग 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश चल रही थी। सिर्फ तीन दिनों - 22, 23 और 24 सितंबर - में इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए फॉर्म 7 की बाढ़ आ गई। कर्नाटक में 2028 में अगले विधानसभा चुनाव कर्नाटक में पिछले विधानसभा चुनाव मई 2023 में हुए थे, जिसमें कांग्रेस ने कुल 224 में से 135 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। जबकि भाजपा को 66, जेडी(एस) को 19 और अन्य को 4 सीटें मिली थीं, वहीं राज्य में अगले विधानसभा चुनाव मई 2028 में होने हैं। SIR प्रक्रिया के बारे में जानें… 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- SIR पर 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई:आयोग बोला- यह सामान्य प्रक्रिया; राहुल ने कहा- वोट चोरी में शामिल, तो नहीं बख्शेंगे चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद से जुड़ी रिपोर्ट को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    महाराष्ट्र के रायगढ़ में दिवेआगर बीच पर 8 छात्र डूबे:पिकनिक मनाने आए थे, गहरे पानी में उतरने से मौत; पुलिस ने सभी के शव निकाले
    Next Article
    सुप्रीम कोर्ट बोला- TMC के बैंक अकाउंट्स फ्रीज रहेंगे:कलकत्ता हाईकोर्ट जल्द सुनवाई करे; विधानसभा चुनाव के बाद दो गुटों में बट गई थी पार्टी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment