Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Sukhbir Singh Badal का बयान, शिअद की विचारधारा मानने वाले दलों से गठबंधन को तैयार

    2 hours from now

    1

    0

    शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ गठबंधन को तैयार है, जो उसकी विचारधारा और कार्यक्रमों से सहमत हैं। बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पंजाब के ‘‘सबसे बड़े दुश्मन’’ हैं। बादल ने जोर देकर कहा कि जब शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार थी, तब पंजाब में शांति कायम थी।पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। बादल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर इस बात पर चर्चा की कि कैसे एक ‘‘अक्षम मुख्यमंत्री’’ ने राज्य को बर्बाद कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। बादल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाने समेत कई मांगें शामिल थीं। बादल ने कहा, ‘‘शिअद-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में शांति कायम थी और राज्य में बुनियादी ढांचे, उद्योग तथा बिजली अधिशेष राज्य बनने समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकास हुआ था।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप सरकारों के गलत फैसलों के कारण पंजाब की स्थिति खराब हो गई। बादल ने कहा, ‘‘हम सरकार बनाएं या नहीं, पंजाब के लोगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।हमारी नजर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब की दो सबसे बड़ी दुश्मन हैं और हम इन पार्टियों के साथ कभी कोई समझौता नहीं कर सकते। इनके अलावा कई अन्य पार्टियां हैं और जो भी अकाली दल की विचारधारा तथा कार्यक्रमों से सहमत हैं, उनके साथ गठबंधन के लिए हम तैयार हैं।’’ बृहस्पतिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2027 में पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। इस बयान के बाद पूर्व सहयोगियों शिअद और भाजपा के फिर से साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं।इससे पहले, अगस्त में संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में बादल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद भी क्षेत्रीय पार्टी के भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। शिअद ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में भाजपा के साथ अपना 24 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इन तीनों कानूनों को बाद में निरस्त कर दिया गया था।इससे पहले, लोकसभा सदस्य हरसिमरत कौर बादल भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल थीं। हाल के महीनों में पंजाब भाजपा के कई नेता कहते रहे हैं कि वे विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीट पर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीट जीती थीं, जबकि 117 सदस्यीय विधानसभा में शिअद केवल तीन सीट पर जीत दर्ज कर सका था।गठबंधन टूटने से पहले अकाली दल और भाजपा साथ मिलकर चुनाव लड़ते थे। झोटा की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को चार प्रमुख मांगों वाला ज्ञापन सौंपा, जिनमें मुख्यमंत्री को पद से हटाने की मांग भी शामिल है। बादल ने आरोप लगाया कि ड्रग माफिया को सत्ताधारी आप का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवीय आधार पर झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को प्रथम श्रेणी की नौकरी और दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता के परिवार और मानसा की संयुक्त कार्रवाई समिति ने ये मांगें नहीं की हैं। नशे के दुरुपयोग और दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।झोटा से एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने के बारे में सवाल किए जाने पर गोली चलाने वाले मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था। बादल ने तूर बनजारा (दिरबा) के गुलजार सिंह और बटाला के बिक्रमजीत सिंह के मामलों को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की। संगरूर जिले के दिरबा स्थित तूर बनजारा गांव के निवासी गुलजार ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी।उनके परिवार ने आरोप लगाया कि अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बारे में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल करने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक गालियां दी गईं, जिसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि बिक्रमजीत सिंह को उनके इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प का नतीजा थी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    MCD दिल्ली में भूजल सुधारने के लिए पुनर्जीवित करेगा 314 साल पुराना मुगलकालीन तालाब
    Next Article
    CJP नेता Sourav Das और आशुतोष रांका SEM Court में हुए पेश, अगली सुनवाई 17 नवंबर को

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment